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सवाल हमारे…जवाब आपके!

गुजरात और बिहार दोनों ही राज्यों में शराबबंदी है। बिहार में एक हादसे में १६ और दूसरे में २ लोगों की जानें गईं, वहीं गुजरात में हालिया घटना में ३७ लोग मर चुके हैं, जबकि ८८ का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

  • उड़ी धज्जियां
    भाजपा शासित प्रदेशों में नियम तो काफी बनाए जाते हैं, परंतु उस पर सख्ती से अमल न होने के कारण नियमों की धज्जियां उड़ रही हैं। बिहार-गुजरात दोनों जगह शराबबंदी है, फिर भी काफी लोग शराब पीकर मर रहे हैं।
    -किशन लासी, उल्हासनगर
  • शराबबंदी जरूरी
    शराब तो जहर साबित हो रहा है। इस शराब के कारण कई घरों के दीपक बुझ गए। इससे अपराध भी बढ़ते हैं। काफी लोग अपंग होकर भीख मांग रहे हैं। शराब के चलते तमाम तरह की सामाजिक बुराइयां पैदा हो गई हैं।
    -रितेश तिवारी, अंबरनाथ
  • सरकार असफल
    कई राज्यों में शराबबंदी लागू है। लेकिन वहां नियमों की धज्जियां उड़ाकर शराब धड़ल्ले से बिक रही हैै। शराबबंदी के नियम तो बनाए जाते हैं लेकिन उसे सख्ती से लागू कर पाने में सरकार असफल रहती है।
    -सलीम आर. खान, नालासोपारा
  • शराब बंदी फ्लॉप
    गुजरात और बिहार में शराबबंदी के बावजूद जहरीली शराब से मौत होने की घटनाएं घटित हो रही हैं। इससे साफ जाहिर है कि इन राज्यों में शराबबंदी फ्लॉप साबित हो रही है। सरकार शराब माफियाओं पर नकेल कसने में नाकाम हैै।
    -विनय महाजन, भायंदर
  • बिक्री ज्यादा
    शराबबंदी में ही शराब सबसे ज्यादा बिकती है। शराब माफिया इसके दाम भी बढ़ा देते हैं। ऐसे में घटिया शराब सस्ते दाम पर बेचने का गोरखधंधा खूब फलता-फूलता है, जिस पर सरकार का नियंत्रण नहीं है।
    -आयुष गौड़, कल्याण
  • सिर्फ नाम के लिए
    गुजरात और बिहार में सिर्फ नाम के लिए शराबबंदी है। जिसको पीनी है, उसे शराब मिल ही जाती है, साथ ही चोरी-छुपे हाथ भट्टी का व्यवसाय भी चलता है, जो कि मौत के सिवा कुछ नहीं देता।
    -सोनू सिंह, डोंबिवली
  • कड़ी सजा दे
    मुद्दा जहरीली शराब का नहीं है। मुद्दा यह है कि शराबबंदी के बाद भी शराब बिक रही है। दोनों राज्यों को चाहिए कि दोषियों को कड़ी-से-कड़ी सजा दे।
    -रवि वसीटा, अंबरनाथ
  • आज का सवाल?
    मोदी सरकार ने गंगा सफाई के लिए ८ साल पहले काफी जोर-शोर से ‘नमामी गंगे’ परियोजना शुरू की थी। २०,००० करोड़ रुपए के इस प्रोजेक्ट पर अभी तक ११,००० करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि खर्च भी हो चुकी है, पर गंगा वैसी ही मैली है। पीलीभीत के सांसद वरुण गांधी ने गंगा का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें प्रदूषण से मरी हुई मछलियां दिखाई गई हैं। आखिर गंगा साफ क्यों नहीं हो पा रही है?
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