मुख्यपृष्ठनमस्ते सामनासवाल हमारे... जवाब आपके!

सवाल हमारे… जवाब आपके!

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो रेट बढ़ाने की घोषणा कर दी है। पहले से महंगाई की मार झेल रहे लोगों को अब रेपो रेट बढ़ने से और परेशानी होगी, क्योंकि रेपो रेट बढ़ने की वजह से लोन की ईएमआई का असर आम लोगों पर पड़ेगा। आप केंद्र की ‘महंगाई बढ़ाओ राज करो’ की नीति से कहां तक सहमत हैं?

  • महंगाई की चक्की में पिसती जनता
    दिन-प्रतिदिन महंगाई में वृद्धि होती जा रही है। जीएसटी की दरों में भी वृद्धि के साथ-साथ कई खाद्य पदार्थों पर यहां तक कि दूध के पैकेट पर जीएसटी की मार देश की जनता झेलने को मजबूर है। अब बैंकों द्वारा रेपो रेट बढ़ाने से उसका प्रभाव लोन के ब्याज और उसकी किश्तों पर भी पड़ेगा। केंद्र सरकार की इस महंगाई बढ़ाओ राज करो की नीति की चक्की में जनता पिसती जा रही है, लेकिन सत्ता के मद में चूर सरकार के कानों पर जूं तक नही रेंग रही। यह तानाशाही राजतंत्र की पराकाष्ठा है।
    अमित रेडकर, भायंदर
  • महंगाई के मुद्दे पर विफल रही सरकार
    रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा रेपो रेट बढ़ाने की घोषणा करने से महंगाई और बढ़ जाएगी। यहां स्थिति यह है कि प्रचंड महंगाई होने से लोगों को अब घर चलाना अत्यंत मुश्किल हो रहा है। केंद्र सरकार महंगाई को कम करने में विफल साबित हो रही है।
    अनिल मिश्रा, मुंबई
  • नागरिकों को भारी परेशानी
    एक बार फिर बैंकों द्वारा रेपो रेट बढ़ाने से लोन ली हुई किश्तों पर ब्याज दर बढ़ जाएगी, जिससे गरीब, मध्यम वर्ग के नागरिकों की जेब पर बोझ पड़ेगा। केंद्र सरकार दिन-प्रतिदिन महंगाई में वृद्धि कर रही है। कुछ दिन पहले ही खाद्य पदार्थ आटा, दूध के पैकेट सहित कई सामग्रियों पर जीएसटी लगाया गया। पहले से ही महंगाई की मार झेल रही जनता को अब बैंक का रेपो रेट बढ़ने से उसे और परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
    गंगा यादव, नालासोपारा
  • भाजपा बनाएगी महंगाई का रिकॉर्ड
    भाजपा महंगाई का रिकॉर्ड बनाएगी। देख सकते हैं देश में बड़े-बड़े घोटाले हुए। बैंक दिवालिए हुए, जिससे जीवनावश्यक वस्तुओं के भाव आसमान छू रहे हैं। अब तो हद हो गई कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया आए दिन रेपो रेट ब़ढ़ा रही है। जिसके कारण सामान्य व्यक्ति महंगाई की मार से परेशान हो गया है। भाजपा अपने आपको मानो सिकंदर  समझ बैठी है।
    रवि पाटील, उल्हासनगर
  • सांसत में मध्यमवर्गीय
    केंद्र सरकार द्वारा गलत नीतियों से आज मध्यमवर्गीय परिवार सांसत में फंसता  ही जा रहा है। एक तो आम आदमी महंगाई की बोझ से दबा हुआ है। वहीं दूसरी तरफ रेपो रेट की दर बढ़ने से लोन की ईएमआई और बढ़ जाएगी।
    जयेश शाह, मुलुंड
  • आज का सवाल?
    केंद्र सरकार आम जनमानस का विचार किए बिना योजनाओं को अमल में लाती है, जिसके कारण ये योजनाएं पूरी तरह से फेल हो जाती हैं। केंद्र की प्राइवेट रेल योजना भी पूरी तरह से फ्लॉप हो गई। ये ट्रेन करोड़ों रुपए के घाटे में चल रही है। ऐसे में आईआरसीटीसी ने रेलवे को पत्र लिखकर गुहार लगाई है कि रेलवे को मिलनेवाला चार्ज माफ कर दिया जाए। इस पर आपकी क्या राय है। हमें लिख भेजें।
    आप क्या सोचते हैं? तुरंत लिखकर भेजें या मोबाइल नं. ९३२४१७६७६९ पर व्हॉट्सऐप करें

अन्य समाचार