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सवाल हमारे…जवाब आपके!

वित्त मंत्रालय की टैक्स रिसर्च यूनिट ने एक सर्कुलर जारी कर कहा है कि ग्राहक ने रेल टिकट बुकिंग करते समय जिस दर से जीएसटी अदा की थी, टिकट के कैंसल करने पर उसे उसी दर से कैंसिलेशन चार्ज पर जीएसटी देनी होगी। सरकार के इस रवैए से आप क्या कहेंगे?

  • पब्लिक सब जानती है
    केंद्र के पास दो ही हथियार हैं, एक जीएसटी और दूसरा ईडी। जीएसटी से आम लोगों को पस्त किया जा रहा है और ईडी से विपक्षियों को। आनेवाले चुनावों में इसका असर जरूर दिखेगा। मोदी जी ये पब्लिक है, सब जानती है।
    -सुनील जायसवाल, कल्याण
  • खामियाजा भुगतना पड़ेगा
    हमें तो लगता है केंद्र सरकार आम जनता को पूरी तरह से चूसकर ही शांत बैठेगी। जब एक बार यात्री ने जीएसटी अदा कर दिया तो दोबारा लेने का औचित्य ही क्या है? मोदी सरकार को आनेवाले समय में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
    -प्रह्लाद देशमुख, डोंबिवली
  • सरासर अन्याय है
    ग्राहकों पर जीएसटी की दोहरी मार सरासर अन्याय है। जब टिकट बुकिंग  के समय जीएसटी अदा कर दी गई है तो टिकट कैंसिल करने पर जीएसटी लगाना महंगाई से त्रस्त जनता की जेब काटने जैसा निर्णय है। टिकट वैंâसिलेशन पर जीएसटी रद्द की जानी चाहिए।
    -इमरान मंसूरी, मालाड
  • जनता सड़क पर आ जाएगी
    आम जनता पहले से ही मंहगाई की मार से परेशान है। सरकार ने खाद्य पदार्थों पर भी जीएसटी लगा दिया। अब रेलवे टिकट कैसिल करने पर भी जीएसटी अदा करना होगा। यदि ऐसा ही चलता रहा तो आम जनता सड़क पर आ जाएगी।
    -रोशनी घारे, ठाणे
  • केंद्र  से उखाड़ फेंकने की आवश्यकता
    आम जनता ने देश में बदलाव के लिए भाजपा सरकार को चुना था लेकिन यही भाजपा सरकार अब आम नागरिकों पर महंगाई का बोझ डालने में जरा भी नहीं चूक रही। अब आगामी चुनाव में भाजपा को केंद्र सरकार से हटाकर ही महंगाई को कम किया जा सकता है।
    -मानसी बांबले, ठाणे
  • डराना बंद करे
    ईडी और जीएसटी का भय दिखाकर विपक्षियों और जनता को मोदी सरकार डराना बंद करे। आनेवाले चुनावों में इसका असर उन्हें जरूर देखने को मिलेगा। सत्ता का उपयोग करना चाहिए न कि दुरुपयोग। पहले ही जनता बेहाल है और अब जीएसटी की मार से जनता का क्या हाल होगा?
    -प्रमोद बोरसे, अंबरनाथ
  • आज का सवाल?
    भाजपा की फूट डालो, राज करो की नीति की वजह से बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी से गठबंधन तोड़ लिया। मतलब साफ है कि भाजपा अपने सहयोगियों को कमजोर करने के लिए हर हथकंडा अपना रही है। आप क्या सोचते हैं? तुरंत लिखकर भेजें या मोबाइल नं. ९३२४१७६७६९ पर व्हॉट्सऐप करें।

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