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सवाल हमारे: जवाब आपके!

पिछले दो सालों से सेना में भर्ती नहीं हुई है। सैनिकों की भारी कमी है। इसके बावजूद केंद्र सरकार दो लाख सैनिकों को बाहर करने की तैयारी में है। देश की सुरक्षा से समझौता करना घातक साबित हो सकता है, जिसके भयंकर परिणाम हो सकते हैं।

  • फौज की कमी पर ध्यान दे केंद्र 
    अग्निवीर जैसी योजनाओं को लागू करने की मानसिकता रखनेवाली केंद्र सरकार को फौज में सैनिकों की कमी की तरफ ध्यान देना चाहिए। साथ ही मौजूदा हालात को देखते हुए सैनिकों की संख्या कम करने का विचार तो त्याग ही देना चाहिए।
    अशोक कांबले, अंबरनाथ
  • मोदी सरकार का घातक निर्णय
    एक तरफ चीन की विस्तारवादी नीति, दूसरी तरफ पाकिस्तान द्वारा कश्मीर में लगातार कराए जा रहे आतंकवादियों की घुसपैठ के कारण हमारे देश की सीमाएं असुरक्षित होती जा रही है। ऐसे परिवेश में पिछले दो वर्षों से सेना में भर्ती बंद करके दो लाख सैनिकों को सेवा से बाहर करने का निर्णय केंद्र की मोदी सरकार का देश की सुरक्षा के प्रति घातक निर्णय साबित हो सकता है। इस पर केंद्र सरकार को गंभीरता पूर्वक मनन करना चाहिए।
    सुबोध मिश्रा, भायंदर
  • केंद्र  की नीतिया समझ के बाहर
    केंद्र सरकार की नीतियां समझ के बाहर हैं, अब आपके अनुसार फौज में भी सैनिकों की कमी है। यह तो देश की सुरक्षा से खिलवाड़ ही है। केंद्र को इस बारे में गंभीरता से सोचना चाहिए।
    शैलेंद्र नागले, कल्याण
  • सुरक्षा के साथ खिलवाड़
    सेना में भारी कमी पहले से है और उसमें से दो लाख सैनिकों को बाहर का रास्ता दिखानेवाली भाजपा सरकार देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है। केंद्र सरकार इस पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो देश को गंभीर परिस्थिति का सामना करना पड़ सकता है।
    पायल तिवारी, चेंबूर
  • सेना की कमी देश के लिए खतरा
    सैनिक व शस्त्र दोनों की बहुलता ही देश को सशक्त बना सकता है। देश में सेना की काफी कमी है। दोनों की कमी देश की सुरक्षा के लिए घातक साबित हो सकती है। केंद्र सरकार को चाहिए कि जिस प्रकार का उनका नारा हैं कि देश प्रथम। उसी सिद्धांत पर काम करने की जरूरत है।
    मिथलेश सिंह, उल्हासनगर
  •  सेना का मनोबल टूटेगा
    केंद्र  सरकार द्वारा सेना में कटौती करने से हमारी सेना कमजोर होगी। सरकार देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने जा रही है। इससे सेना का मनोबल टूट सकता है। सेना के साथ इस प्रकार का प्रयोग करना आनेवाले दिनों में घातक साबित हो सकता है, जिससे सीमाएं असुरक्षित हो जाएगी।
    आकाश यादव, मुलुंड
  • आज का सवाल?
    श्रीलंका की सरकार ने विवादास्पद चीनी जहाज को द्वीप पर आने इजाजत दे दी है। श्रीलंकाई बंदरगाह पर पहुंचने के दौरान रास्ते में पड़नेवाले भारतीय प्रतिष्ठानों की जासूसी किए जाने की आशंकाओं को लेकर खुफिया विभाग ने चिंता जताई है। श्रीलंका के इस कदम से हिंदुस्थान की गोपनीयता भंग होगी। केंद्र सरकार की चुप्पी पर आपका क्या कहना है?
    आप क्या सोचते हैं? तुरंत लिखकर भेजें या मोबाइल नं. ९३२४१७६७६९ पर व्हॉट्सऐप करें।

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