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सवाल हमारे: जवाब आपके!

रेलवे की लापरवाही दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है लेकिन रेल प्रशासन इसकी तरफ ध्यान नहीं दे रहा है। इसके चलते यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उदाहरण के तौर पर कलवा सहित कई स्टेशनों पर हॉल्ट होने के बावजूद फास्ट ट्रेनें रुकती नहीं हैं।

  • बहुत ही बड़ी लापरवाही है
    हॉल्ट होने के बावजूद कुछ रेलवे स्टेशनों पर फास्ट ट्रेनों को नहीं रोकना, यह तो रेल प्रशासन की बहुत ही बड़ी लापरवाही है। इस तरह बे-लगाम और लापरवाह रेल प्रशासन के खिलाफ रेल मंत्रालय को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। हॉल्ट होने के बाद भी ट्रेनें वहां नहीं रोकने से बड़ी दुर्घटनाएं भी घटित हो सकती हैं। इस पर शीघ्र संज्ञान लिया जाना चाहिए।
    – पंकज मिश्रा, मीरा रोड
  • रेल प्रशासन तुरंत ध्यान दे
    रेलवे की जानबूझकर लापरवाही मतलब बड़ी दुर्घटना को आमंत्रित करना। हॉल्ट होने के बावजूद फास्ट ट्रेन नहीं रोकनेवाले रेल अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। रेल अधिकारियों की लापरवाही को आम आदमी क्यों भुगते? रेल प्रशासन तुरंत ध्यान दे।
    – मयंक मिश्र, चुनाभट्टी
  • सख्त कार्र्रवाई होनी चाहिए
    कलवा रेलवे स्टेशन पर फास्ट ट्रेनों को रोकने के लिए रेलवे प्रशासन ने अनुमति दी है, इसके बावजूद रेलवे स्टेशन पर फास्ट ट्रेनों को रोका नहीं जाता है। रेल मंत्रालय को जल्द-से-जल्द उक्त रेलवे अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्र्रवाई करनी चाहिए।
    – जया परमार, नालासोपारा
  • रेल सुरक्षा रामभरोसे है
    रेल सुरक्षा रामभरोसे है। लापरवाही का ये आलम है कि कभी ट्रेन आगे के बदले पीछे की तरफ चल देती है। कभी रुकनेवाले स्टेशन पर रुकती नहीं है, जिसका खामियाजा आम यात्रियों को भुगतना पड़ता है। समय रहते रेल प्रशासन को इस बारे में सख्त कदम उठाने की जरूरत है।
    – संदीप तिवारी, कल्याण
  • खामियाजा भुगतते हैं यात्री
    गलती करनेवाले कर्मचारियों पर रेल प्रशासन जब तक ठोस कार्रवाई नहीं करता, ऐसी गलतियां होती रहेंगी। इनकी लापरवाही का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ता है, जो कि सरासर गलत है। इस बारे में रेल प्रशासन को गहनता से विचार करने की जरूरत है।
    – मुन्ना सिंह, डोंबिवली
  • भीड़ नियंत्रित होगी
    बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने अब कई स्टेशनों पर तेज लोकल ट्रेनों को रोकने की शुरुआत की है। कलवा स्टेशन पर भी फास्ट ट्रेनों को रोकने की जरूरत है। रेल प्रशासन को चाहिए कि स्लो ट्रेन की तरह कलवा में भी वो फास्ट ट्रेन को रोके, जिससे भीड़ नियंत्रित होगी।
    – सुरेश चौहान, उल्हासनगर
  • आज का सवाल?
    बाप्पा के उत्साह पर केंद्र सरकार के जीएसटी का ग्रहण लग गया है। एक तरफ बढ़ती महंगाई से गणेश उत्सव मंडलों को चंदा जुटाने में पसीने छूट रहे हैं तो वहीं सरकार बाप्पा से भी करीब २० फीसदी जीएसटी वसूल कर अपनी तिजोरी भर रही है। सरकार की यह जजिया कर वसूली सही है क्या?
    आप क्या सोचते हैं? तुरंत लिखकर भेजें या मोबाइल नं. ९३२४१७६७६९ पर व्हॉट्सऐप करें।

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