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सवाल हमारे: जवाब आपके!

बिहार में विश्वासमत से ठीक पहले आरजेडी खेमे में सीबीआई के छापे क्या राजनीति से प्रेरित है? क्या इसकी टाइमिंग पर सवाल उठने जायज हैं?

  • स्वार्थ की चल रही है राजनीति
    आज की राजनीति सैद्धांतिक न होकर स्वाथ और कुर्सी की राजनीति है। येन केन प्रकारेण कुर्सी प्राप्त करना ही मकसद हो गया है। इसकी मिसाल बिहार में विश्वास मत हासिल करने से पहले सीबीआई की छापेमारी है। केंद्र तो सरकारी यंत्रणा का दुरुपयोग कर सिकंदर बनना चाहती है। इस प्रकार की राजनीति लोकतंत्र के लिए घातक हैं।
    कमलेश निकम, उल्हासनगर
  • आज की राजनीति से जनमानस में घृणा
    आज की राजनीति को राजनीतिक लोगों ने सेवा कम लिमिटेड कंपनी का दर्जा दे रखा है। राजनीति की आड़ में धन संचय को देख जनमानस में घृणा की स्थिति पैदा हो रही है। राजनीतिक लोग जनता के टैक्स से लोगों का विकास करने के नाम पर खुद का विकास करने में लगे हैं। सत्ता के लिए किसी भी हद तक पहुंच रहे हैं। जैसा कि बिहार में सत्ता हासिल करने के लिए बहुमत सिद्ध करनेवाले दिन सीबीआई का इस्तेमाल किया गया। जो केंद्र व सीबीआई विभाग के लिए निंदनीय है।
    अनिल जैसवार, बदलापुर
  • केंद्र पर सवाल उठना वाजिब
    बिहार सरकार के फ्लोर टेस्ट के दिन आरजेडी खेमे में सीबीआई के छापे पड़ना, राजनीति से प्रेरित है। दोषियों पर ऐसे छापे पड़ने गलत नहीं है लेकिन जिस तरीके से सीबीआई, ईडी का उपयोग विरोधी पक्ष नेताओं पर हो रहा है, उससे केंद्र सरकार पर सवाल उठना वाजिब है।
    मधुकांत, पोइसर
  • भाजपा की हालत खिसियानी बिल्ली जैसी
    बिहार में महाराष्ट्र पैटर्न फेल होने पर भाजपा पूरी तरह बौखला गई है। उसकी हालत खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे जैसी हो गई है। इसलिए वहां ईडी, सीबीआई जैसी एजेंसी का इस्तेमाल किया जा रहा है ।
    परेश बैंदूर, अंधेरी
  • लालची केंद्र सरकार
    खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे यह कहावत केंद्र सरकार पर फिट बैठती है। सत्ता की लालची सरकार के हाथ से बिहार में मुंख की खाने के बाद उसकी हालत खिसियानी बिल्ली जैसी हो गई है। अब विरोधियों पर सीबीआई तथा ईडी का दुरुपयोग करना ही उसके बस में है।
    प्रमोद कुमार, डोंबिवली
  • सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग
    केंद्र सरकार द्वारा सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग किए जाने के आरोपों के बीच ही बिहार में विश्वास मत से ठीक पहले आरजेडी खेमे में सीबीआई के छापों ने एक बार फिर इस पर मुहर लगा दी है। यह सरासर राजनीति से प्रेरित ही लगता है।
    अजय तिवारी, भायंदर
  • निर्लज्ज सरकार
    इतनी निर्लज्ज सरकार हमने आज तक नहीं देखी। बिहार में जब तक सत्ता में थी तब तक वही नेता दूध के धुले थे लेकिन जैसे ही दूध में गिरी मक्खी की तरह नीतीश सरकार ने उन्हें निकाल बाहर किया। विरोधियों के मन में भय पैदा करने के लिए ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग करना शुरू कर दिया।
    रेणुका श्रीवास्तव, कल्याण
  • आज का सवाल?
    यदि विपक्ष का आरोप सही है कि आज उन्हें निशाना बनाया जा रहा है तो क्या यह सच नहीं कि कल आपको भी, आम इंसान को भी केंद्रीय एजेंसियां निशाना बना सकती हैं?
    आप क्या सोचते हैं? तुरंत लिखकर भेजें या मोबाइल नं. ९३२४१७६७६९ पर व्हॉट्सऐप करें।

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