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सवाल हमारे…जवाब आपके!

यदि विपक्ष का आरोप सही है कि आज उन्हें निशाना बनाया जा रहा है तो क्या यह सच नहीं कि कल आपको भी, आम इंसान को भी केंद्रीय एजेंसियां निशाना बना सकती हैं?

  • भाजपा की सत्ता लोलुपता
    जिस तरह से सत्ता लोलुपता में केंद्र सरकार विपक्ष को केंद्रीय एजेंसियों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है, उसे देखते हुए इस बात से इंकार भी नहीं किया जा सकता कि अपने निजी स्वार्थ की पूर्ति के लिए केंद्र सरकार आम इंसानों को भी इन एजेंसियों का निशाना बना सकती है।
    राजीव झा, विरार
  • जनता जरूर मजा चखाएगी
    विपक्ष को निशाना ही नहीं बनाया जा रहा है, बल्कि डराया-धमकाया भी जा रहा है। जिसका अब अंत निश्चित है। भाजपा सरकार में भारत की तमाम सरकारी संपत्ति को बेचा जा रहा। पैस कहां जा रहा है? कोई सवाल नहीं कर सकता। जनता खुद सब देख रही है, फैसला भी जनता ही करेगी। इनकी मनमानी का जनता जरूर मजा चखाएगी।
    मो. आसिफ खान, भिवंडी
  • तानाशाह सरकार है
    जो भी मोदी सरकार के खिलाफ बोलेगा उसे निशाना बनाया जाएगा, फिर चाहे विपक्षी दल हों या फिर आम जनता। यही मोदी सरकार का नियम है। अगर ईडी भी तानाशाह सरकार के आदेश पर ढिलाई बरतती है तो उस पर भी ईडी लगवाने में देर नहीं करेगी।
    मुकेश शुक्ला, डोंबिवली
  • केंद्र के इशारे पर जांच एजेंसियां
    आम जनता के वोटों से प्रधानमंत्री बने मोदी ने जनता को ही महंगाई के दलदल में धकेल दिया है। केंद्र के इशारे पर काम कर रही एजेंसियां केंद्र के इशारे पर आम जनता को भी लपेटे में ले सकतीं हैं।
    सुनील जाधव, कल्याण
  • डराने के सिवाय कुछ काम नहीं
    केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जिस तरह से सत्ताधारी के इशारे पर विपक्ष पर निशाना साधा जा रहा है, उसी तरह से अगर आम आदमी बोलने की जुर्रत करेगा तो उसे भी केंद्रीय एजेंसियां निशाना बनाने से नहीं चूकेंगी, जो सरासर गलत है। अब सत्ताधारी पार्टी के पास सिर्फ और सिर्फ डराने के सिवाय कोई काम नहीं है।
    विजय उपाध्याय, नालासोपारा
  • भाजपा की कथनी और करनी में फर्क है
    भाजपा की कथनी और करनी में फर्क है। यह सभी लोग २०१४ से देख रहे हैं। यदि समय से पहले आम इंसान नहीं जागा तो वह दिन दूर नहीं जब केंद्रीय एजेंसियां आम नागरिकों को भी निशाना बनाएंगी।
    रमेश दुबे, खारघर
  • सबकी बारी आती है
    इसके पहले कई राजनीतिक पार्टियों ने देश, राज्य की सत्ता की कमान संभाली है, पर भाजपा इन दिनों ईमानदारी का जमकर ढोल बजा रही है। इतना ही नहीं महंगाई का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स जैसी यंत्रणा का दुरुपयोग कर सिर्फ विपक्ष को जांच के नाम पर परेशान किया जा रहा है। भाजपा यह भूल रही है कि बारी सबकी आती है।
    अमित जाधव, बदलापुर
  • आज का सवाल?
    २०२४ में क्या देश की संपूर्ण विपक्षी पार्टियों के एक साथ आने से भाजपा को नुकसान उठाना पड़ सकता है?
    आप क्या सोचते हैं? तुरंत लिखकर भेजें या मोबाइल नं. ९३२४१७६७६९ पर व्हॉट्सऐप करें।

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