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सवाल हमारे, जवाब आपके

मोदी सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का बेजा इस्तेमाल करने से बाज नहीं आ रही है। हाल ही में देश में हुए एक सर्वे में भाजपा की लोकप्रियता में गिरावट देखी गई है। अगर भाजपा ने जनता का मूड नहीं समझा तो आगामी चुनाव में उसकी क्या गत हो सकती है, इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है।

  • एजेंसियों का बेवजह इस्तेमाल
    केंद्रीय जांच एजेंसी का बेवजह इस्तेमाल मोदी सरकार कर रही है। अब ये बातें आम लोग करने लगे हैं। अगर केंद्र सरकार ने अपने रवैये पर अंकुश नहीं लगाया तो इसके दुष्परिणाम आनेवाले चुनाव में भोगने पड़ेंगे।
    विष्णु खंडोरे, भायंदर
  • भुगतना होगा खामियाजा
    हां, यह सही है कि मोदी सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। विरोधी पक्ष नेताओं को निशाना बना रही है। अब आम नागरिक भी दुरुपयोग की बात मानने लगे हैं। न्यूज चैनलों के सर्वे में यह खुलासा हुआ है। मोदी सरकार की लोकप्रियता में कमी आई है। इसका खामियाजा आगामी चुनावों में भाजपा को भुगतना पड़ सकता है।
    धनंजय पांडेय, दिवा
  • भाजपा का गिरता ग्राफ
    गलत निर्णयों की वजह से भाजपा की लोकप्रियता का ग्राफ नीचे खिसकता जा रहा है। तमाम सरकारी जांच एजेंसियों को खुद के फायदे के लिए इस्तेमाल करना भी लोकप्रियता को कम करने का कारण है।
    राजेंद्र ओझा, अंबरनाथ
  • भाजपा की खुली पोल
    मोदी सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर कई राज्यों में ऑपरेशन लोटस चला रही है, जिसकी पोल अब पूरी तरह से जनता के समक्ष खुल चुकी है और इसी वजह से भाजपा की लोकप्रियता में गिरावट भी आई है। निश्चित ही इसका खामियाजा उन्हें आगामी चुनावों में भुगतना पड़ेगा।
    अजय सिंह, भायंदर
  • जनता सब जानती है
    भाजपा के नेतृत्व को लगने लगा है कि अब उन्हें सत्ता के सिंहासन से कोई हटा नहीं सकता लेकिन लोकतंत्र को अभी तक भाजपा ने पहचाना ही नहीं है। जनता सब जानती है।
    ताराकांत द्विवेदी, कल्याण
  • भाजपा द्वारा लोकतंत्र की हत्या
    केंद्र में बैठी भाजपा सरकार जिस तरह सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर चुनी हुई सरकारों को गिराने का काम कर रही है, वह लोकतंत्र की हत्या है।
    परशुराम जाधव, कालीना 
  • जांच एजेंसियों बनी कठपुतली
    मोदी सरकार ने जांच एजेंसियों को केवल कठपुतली बना कर रखा है। विपक्ष को बंदर घुटकी देकर सत्ता हथियाने का काम भाजपा कर रही हैं। वैसे जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का भुगतान आगामी चुनाव में भाजपा को करना पड़ सकता हैं।
    प्रकाश पाटील, बदलापुर
  • आज का सवाल?
    केंद्र सरकार की गलत नीतियों के चलते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया लगातार कमजोर होता जा रहा है। औंधेमुंह गिरता रुपया देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ को तोड़ने का काम कर रहा है। आज आलम यह है कि डॉलर के मुकाबले रुपया ८०.१५ पर आ गया है।
    आप क्या सोचते हैं? तुरंत लिखकर भेजें या मोबाइल नं. ९३२४१७६७६९ पर व्हॉट्सऐप करें।

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