मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पेवैलियन : पोलार्ड के रिकॉर्ड के पीछे

आउट ऑफ पेवैलियन : पोलार्ड के रिकॉर्ड के पीछे

अमिताभ श्रीवास्तव।  अपने धोनी की टीम हारे या जीते अब उन्हें फर्क नहीं पड़ता। न वे कप्तान हैं और न ही उन्हें अब टीम में शामिल होने जैसी कोई मशक्कत करनी है। मजे ही मजे हैं। बस खेलते जाओ और रिकॉर्ड अपने आप बनते जाएंगे। अब देखिए न वेस्टइंडीज के पोलार्ड के रिकॉर्ड के पीछे लग गए हैं धोनी। दरअसल धोनी ने एक कमाल का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। सीएसके के पूर्व कप्तान धोनी ३५० टी-२० मैच खेलने वाले दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। धोनी के अलावा ऐसा कारनामा सिर्फ रोहित शर्मा ही कर पाए हैं। पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच धोनी के करियर का ३५०वां मैच था। रोहित ने अपने करियर में अब तक ३७२ मैच खेल लिए हैं। धोनी की बात करें तो माही ने ३५० टी-२० मैच में ९८ टी-२० मैच इंटरनेशनल क्रिकेट में खेले हैं। वहीं, २२२ टी-२० मैच धोनी ने आईपीएल में चेन्नई सुपरकिंग्स के लिए खेले हैं। टी-२० क्रिकेट में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाले खिलाड़ी वेस्टइंडीज के पोलार्ड हैं। पोलार्ड ने अबतक अपने करियर में ५८३ मैच खेले हैं। इसके अलावा ब्रावो ने ५२४ मैच टी-२० में खेले हैं। पाकिस्तान के शोएब मलिक ने ४७२ मैच टी-२० में खेल लिए हैं।

जड्डू को जड्डू

लड्डू वैसे तो मीठा होता है मगर होता गोल है और गोल शून्य भी होता है। शून्य का अपना रिकॉर्ड भी होता है जो जड्डू ने बनाया। यानी जड्डू को लड्डू मिला मगर मीठा नहीं, कड़वा। जबसे कप्तानी संभाली है तबसे हार ही हार। मैदान पर वो जलवा ही नहीं। कागजी बने हुए रविंद्र जडेजा का बड़ा बुरा हाल है। दरअसल, सीएसके के लिए आईपीएल के पिछले १२ सीजन में एमएस धोनी ने कप्तानी की थी और वो एक बार भी इस दौरान पंजाब टीम के खिलाफ शून्य पर आउट नहीं हुए थे। वहीं १३वें सीजन में सीएसके टीम की कप्तानी रवींद्र जडेजा को दी गई और इस सीजन में पंजाब के खिलाफ हुए मैच में वो शून्य पर आउट हुए। यानी वो आईपीएल में सीएसके के पहले कप्तान बन गए जो पंजाब टीम के खिलाफ शुन्य पर आउट हुए और शर्मनाक रिकार्ड बना दिया। आईपीएल में सीएसके के लिए सुरेश रैना ने भी कुछ मैचों में कप्तान की थी, लेकिन वो भी कभी बतौर कप्तान पंजाब के खिलाफ शून्य पर आउट नहीं हुए थे।

ये वाला शाहरुख फ्लॉप है

सोशल मीडिया पर इस शाहरुख खान को लेकर तरह-तरह के मीम्स बन रहे हैं और कहा जा रहा है ये वाला शाहरुख फ्लॉप है। जबकि अपनी बेसप्राइज से भी कई गुना ज्यादा में बिके शाहरुख खान फिर फ्लॉप हुए। शाहरुख केकेआर के खिलाफ खाता भी नहीं खोल सके थे, तो चेन्नई के खिलाफ वह ११ गेंदों पर ६ रन का ही योगदान दे सके। ध्यान दिला दें कि पिछले दिनों हुई मेगा नीलामी में शाहरुख खान चालीस लाख के बेस प्राइस के साथ नीलामी में उतरे थे, लेकिन उन्हें पंजाब ने खरीदा नौ करोड़ रुपए में। मतलब बेस प्राइस से बाइस गुना से भी ज्यादा पैसा! शाहरुख लगातार दूसरे मैच में फ्लॉप हुए,तो फैंस ने सोशल मीडिया पर उन्हें इतना भला-भुरा सुनाया है। यह बल्लेबाज एक बात को जरूर सोचेगा कि उसे अब तो जवाब देना ही पड़ेगा। अव्वल तो ये कि क्या अब अगले मैच में उन्हें मौका दिया जाएगा? इस पर प्रश्न चिह्न है क्योंकि पंजाब अब किसी मैच में कोई प्रयोग करने के मूड में नहीं है।

रिकार्डों पर बैठी कंगारू

एक तो सातवीं बार, दूसरे चौथी बार अंग्रेज महिलाओं को हराया, तीसरा इतना बड़ा स्कोर बनाया जो अब तक नहीं बना। चौथे महिला विश्वकप में ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम का अब तक कोई तोड़ नहीं बन पाया। कुल मिलाकर कहें तो रिकॉर्ड ही रिकॉर्ड। जी हां, महिला विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को हराकर सातवीं बार महिला विश्व कप जीता है। ऑस्ट्रेलिया की टीम इससे पहले १९७८, १९८२, १९८८, १९९७, २००५ और २०१३ में विश्व कप जीत चुकी है। महिला विश्व कप २०२२ के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को ७१ रन से हराकर सातवीं बार यह खिताब अपने नाम किया है। पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम ने रिकॉर्ड ३५६ रन बनाए थे। यह महिला क्रिकेट विश्व कप के फाइनल में सबसे बड़ा स्कोर था। इसके जवाब में इंग्लैंड की टीम कुछ खास नहीं कर पाई और पांचवीं बार विश्व विजेता बनने से रह गई। इंग्लैंड को चौथी बार महिला विश्व के फाइनल में हार का सामना करना पड़ा है। हार बार ऑस्ट्रेलिया ने ही उसे मात दी है। इससे पहले १९७८, १९८२ और १९८८ में लगातार तीन बार ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को महिला विश्व कप के फाइनल में हराया था।

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