मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑप पेवैलियन : धोनी है बदोनी

आउट ऑप पेवैलियन : धोनी है बदोनी

अमिताभ श्रीवास्तव। आईपीएल पैदा करता है क्रिकेटर और यदि कोई गुटबंदी या राजनीति नहीं रही तो हिंदुस्थानी टीम में दूसरे धोनी का इतंजार खत्म होगा। हां ये विकेटकीपर तो नहीं है मगर शानदार फिनिशर है। युवा है और दिल्ली की उसी क्रिकेट अकादमी से निकला हुआ है, जिसमें से ऋषभ पंत निकले हैं और ये भी मजेदार है कि उसी दिल्ली के खिलाफ इसने ऐसा तड़का लगाया कि देखने वाले बस देखते ही रह गए। दिल्ली के खिलाफ मैच में आयुष बदोनी ने ३ गेंदों पर १० रन की पारी खेली और छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। बदोनी ने टीम के लिए फिनिशर की भूमिका निभाकर धोनी की याद ताजा कर दी। बदोनी की इस पारी के बाद लखनऊ जायंट्स के कप्तान केएल राहुल ने भी उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि बदोनी दबाव में भी बेहतर खेले। उनमें किसी भी परिस्थिति में शानदार पारी खेलने की काबिलियत है। बदोनी को जब भी मौका मिला है, उन्होंने शानदार पारी खेली और वो हर परिस्थिति में बल्लेबाजी करने के लिए तैयार रहते हैं।

कंगारू खाने वाला गेंदबाज

यदि ये कहें कि कंगारू खाने वाला भी एक गेंदबाज है तो क्या यकीन होगा? नहीं न। दरअसल, इसे यूं समझें कि एक ऐसा गेंदबाज है, जो कंगारू यानी ऑस्ट्रेलियन खिलाड़ी डेविड वार्नर को हमेशा खा जाता है, यानी आउट करता है। वार्नर के लिए ये गेंदबाज किसी भयावह सपने की तरह है। जी हां, ये है हिंदुस्थानी लेग स्पिनर रवि बिश्नोई। दिल्ली और लखनऊ के बीच आईपीएल के मैच में दिल्ली हार गई। इसी टीम के बल्लेबाज हैं वार्नर और लखनऊ के गेंदबाज रवि बिश्नोई। अपने सीजन के पहले मैच में वार्नर का बल्ला पूरी तरह शांत रहा। सलामी बल्लेबाजी करने उतरे वार्नर ९वें ओवर में १२ गेंद पर ४ रन बनाकर आउट हुए। उन्हें युवा लेग स्पिनर रवि बिश्नोई ने आउट किया। आईपीएल में बिश्नोई ने तीसरी बार वार्नर को आउट किया। पिछले सीजन तक बिश्नोई पंजाब का हिस्सा थे। अभी तक दोनों खिलाड़ियों को आईपीएल में तीन बार सामना हुआ है। इन तीन पारियों में वार्नर ने बिश्नोई के खिलाफ ६ गेंद में ५ रन बनाए हैं और तीन बार आउट हुए हैं।

फंड पर फंदा

एक ऐसा फंड, जिसके फंदे में फंस गए हैं हॉकी के अधिकारी। जी हां, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भारतीय ओलिंपिक संघ के अध्यक्ष नरिंदर बत्रा और हॉकी इंडिया के अज्ञात पदाधिकारियों के खिलाफ प्रारंभिक जांच (पीई) शुरू की है। पीई को आईओए से ही मिली शिकायत पर शुरू किया गया है। खेल जगत में चर्चा है कि दरअसल, यह आरोप लगाया गया था कि हॉकी इंडिया के लगभग ३५ लाख रुपए का फंड डॉ. नरिंदर बत्रा के व्यक्तिगत लाभ के लिए खर्च किया गया है। बत्रा अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) के प्रमुख हैं। वो हॉकी इंडिया के पूर्व महासचिव और अध्यक्ष हैं और २०१७ से आईओए की अगुआई कर रहे हैं। पिछले साल दिसंबर में ओलिंपिक संघ के चुनाव होने थे लेकिन दिल्ली हाईकोर्ट में उसके घटक को चुनौती देने वाली एक याचिका के बाद तय कार्यक्रम के अनुसार चुनाव नहीं हुए। अब इस फंड की गड़बड़ी की जांच हो रही है। कुछ भी लफड़ा रहा तो बत्रा पर शिकंजा कसने में देर नहीं लगेगी।

नन्ही गोल्फर का कमाल

हिंदुस्थान में गोल्फ के प्रति बढ़ती लोकप्रियता का ही ये कारण है कि अब बचपन से ये खेल खेला भी जाने लगा है और जीता भी जाने लगा है। अब देखिए न नन्ही गोल्फर ने जो कमाल दिखाया, उसने देश के लिए एक बड़ी उम्मीद भी जगाई है। डीजीसी लेडीज ओपन अमेच्योर गोल्फ चैंपियनशिप २०२२ के ११वें संस्करण के जोरदार मुकाबले वाले फाइनल में १३ साल की रिया जादोन ने ७८, ८०, ७४ के टाइटल स्कोर के साथ बाजी मारी, जबकि उसकी बड़ी बहन १५ वर्षीय लावण्या जादोन का स्कोर ७६, ७९, ७९ रहा। रिया ने जूनियर गर्ल्स ट्रॉफी भी जीती। इस साल के टूर्नामेंट में सौ से ज्यादा महिला गोल्फर्स ने भाग लिया था, जिसे दो साल के अंतराल के बाद दिल्ली गोल्फ क्लब में फिर से आयोजित किया गया था। पुरस्कार वितरण समारोह में अंजू मुंजाल और दिल्ली गोल्फ क्लब की महिला कप्तान मोनिका टंडन ने कहा कि टूर्नामेंट में भाग लेने वाली महिला गोल्फर्स का काफी उत्साह बढ़ा है। उन्होंने काफी साहस और प्रतिभा दिखाई है।

(लेखक सम सामयिक विषयों के टिप्पणीकर्ता हैं। ३ दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं व दूरदर्शन धारावाहिक तथा डाक्यूमेंट्री लेखन के साथ इनकी तमाम ऑडियो बुक्स भी रिलीज हो चुकी हैं।)

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