मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पैवेलियन: शेन की शांति से खत्म हुआ ड्रामा

आउट ऑफ पैवेलियन: शेन की शांति से खत्म हुआ ड्रामा

अमिताभ श्रीवास्तव।  कभी-कभी ऐसे ड्रामे हो जाते हैं, जो अचानक मैच में न केवल बाधा बन जाते हैं, बल्कि आश्चर्यजनक भी होते हैं। दिल्ली बनाम राजस्थान के मैच में ऐसा ड्रामा हुआ, जिसे शेन वाटसन की शांति से दी गई सलाह के बाद खत्म किया गया। राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ आखिरी ओवर के तीसरी गेंद पर नो बॉल न मिलने पर दिल्ली वैâपिटल्स के कप्तान ऋषभ पंत गुस्सा हो गए। पंत बीच मैच के दौरान इतने गुस्से में आ गए कि उन्होंने अपने दोनों बल्लेबाजों को क्रीज छोड़कर वापिस आने के लिए कहा। इस दौरान राजस्थान के बल्लेबाज जोस बटलर ने उन्हें ऐसा करने से रोकने की कोशिश की, पर पंत किसी की सुनने को तैयार नहीं थे। इसके बाद इस समय दिल्ली के सहायक की भूमिका निभा रहे शेन वॉटसन ने ऋषभ पंत को समझाया, तब जाकर मैच दोबारा शुरू हुआ और पूरा किया गया। हालांकि ये बॉल नोबॉल ही थी कमेंटेटर इरफान पठान तो कह ही रहे थे कि थर्ड अंपायर को पहल करनी चाहिए थी, मगर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ और तीन छक्के लगा चुके ओवल अंतिम गेंदों में टीम को जीत नहीं दिला सके।

सचिन ने टी-२० को क्यों कहा क्रूर?
क्रिकेट के मास्टर ब्लास्टर रहे सचिन तेंदुलकर ने टी-२० प्रारूप को क्रूर बताया है। ऐसा क्यों कहा उन्होंने? दरअसल उनकी मुंबई टीम लगातार ७ मैच हार चुकी है और ऐसा पहली बार हुआ है। छोटी-छोटी गलती भी मैच में वापस लौटने के रास्ते बंद कर देती है। यही वजह है कि सचिन ने इस प्रारूप को बड़ा क्रूर कहा है। तेंदुलकर ने मैथ्यू हेडन से बातचीत में कहा, `इस प्रारूप में ऐसी कोई भी टीम नहीं है, जिसने यह अनुभव नहीं किया हो, जो इस समय मुंबई इंडियंस कर रही है। यह प्रारूप क्रूर हो सकता है। मैच के अहम पलों को भुनाना जरूरी है। इसमें गलती की कोई गुंजाइश नहीं रहती। कई बार आप दो या तीन रन से हारते हैं या आखिरी गेंद पर हार जाते हैं। इस तरह की छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देना जरूरी है। निर्णायक पलों में ही अच्छा प्रदर्शन करके मैच जीते जा सकते हैं।’ एक तरह से सचिन का कहना बिलकुल सच है, यहां अंतिम ओवरों में पासा पलटते हुए देखा गया है।

शतरंज में डी का डंका
विश्व शतरंज में हिंदुस्थानी डी का डंका बजना शुरू हो गया है। ये डी और कोई नहीं बल्कि ग्रैंडमास्टर डी गुकेश हैं, जिन्होंने इतिहास रचते हुए लाइव रेटिंग में दुनिया के टॉप-१०० शतरंज खिलाड़ियों की लिस्ट में जगह बना ली। वो ऐसा करने वाले देश के सबसे युवा शतरंज खिलाड़ी बन गए हैं। डी गुकेश ने मेनोर्का ओपन-२०२२ के तीसरे राउंड में ग्रैंडमास्टर नीनो बत्सियाशविली को मात दी। उनकी लाइव रेटिंग अब २६५१.४ है। इस तरह उन्हें लाइव रेटिंग के मामले में टॉप-१०० रैंकिंग में जगह बनाई। डी गुकेश ओवरऑल सातवें हिंदुस्थानी बने हैं, जो टॉप-१०० में पहुंचे। विश्वनाथन आनंद ने पहली बार सितंबर १९८७ में वर्ल्ड टॉप १०० में जगह बनाई थी, तब उनकी उम्र महज १७ साल थी। गुकेश ने १५ साल की उम्र में लाइव रेटिंग में वर्ल्ड टॉप १०० में जगह बनाई और वह सबसे कम उम्र के हिंदुस्थानी बन गए। ५ बार के वर्ल्ड चैंपियन और दिग्गज शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद ने गुकेश को बधाई दी। उन्होंने ट्विटर पर गुकेश को टैग करते हुए लिखा, ‘शानदार, यह एक कमाल का महीना रहा है।’

राजा का बजा बाजा
पाकिस्तान और उसके क्रिकेट में उथल-पुथल न हो तो बात ही क्या। फिर वैâसे देश और वैâसा क्रिकेट? अब देखिए न इमरान खान जैसे ही बेदखल हुए क्रिकेट से रमीज राजा का भी बैंड बजा दिया गया। रमीज राजा को लेकर पाकिस्तान की सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन पद से हटा दिया गया है। पाकिस्तान में नई सरकार बनने के बाद से ही रमीज राजा के पद को लेकर आशंका व्यक्त की जा रही थी। पिछले दिनों पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को उनके पद से हटा दिया गया था। शहबाज शरीफ नए प्रधानमंत्री बने हैं। हालांकि रमीज राजा पद पर बने रहना चाहते थे। उन्होंने चीफ रहते हुए कई बड़े निर्णय की कोशिश की। वे हिंदुस्थान और पाकिस्तान सहित ४ देशों का टूर्नामेंट कराना चाहते थे। इसका उन्होंने खाका भी तैयार कर लिया था लेकिन आईसीसी ने उनके इस निर्णय को खारिज कर दिया था। निजाम नया है, उसके आदमी भी होंगे। लिहाजा नए चेयरमैन के लिए शहबाज शरीफ की ओर से २ नए नामों की घोषणा की जा सकती है। इसमें नजम सेठी और शकील शेख का नाम शामिल है।

(लेखक सम सामयिक विषयों के टिप्पणीकर्ता हैं। ३ दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं व दूरदर्शन धारावाहिक तथा डाक्यूमेंट्री लेखन के साथ इनकी तमाम ऑडियो बुक्स भी रिलीज हो चुकी हैं।)

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