मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पैवेलियन : पर्पल प्यारे

आउट ऑफ पैवेलियन : पर्पल प्यारे

पुतिन के साथ दिखे तो बैन
अमिताभ श्रीवास्तव।  रूस और यूक्रेन की जंग में खिलाड़ियों की भी आफत है। दरअसल खेल जगत में ये भी देखा जा रहा है कि कौन किसके साथ खड़ा है? अब यदि कोई रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ दिखता है तो वो दुश्मन और यूक्रेन के साथ खड़ा दिखे तो दोस्त जैसी भावना खेल जगत में पनपने लगी है। ये खेल भावना की हत्या है मगर यही हो रहा है। अब देखिए न, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की रैली में शामिल होना ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट तैराक को भारी पड़ गया। रूस के दिग्गज तैराक एवगेनी रायलोव को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और रूस के यूक्रेन पर आक्रमण के समर्थन में आयोजित एक रैली में शामिल होने पर अंतरराष्ट्रीय तैराकी महासंघ ने ९ महीने के लिए बैन कर दिया है। वो अपने देश के राष्ट्रपति के साथ क्यों नहीं खड़ा हो सकता है? अपने देश का साथ देना हर व्यक्ति का धर्म होता है, खेल से उसे जोड़ना गलत है। एवगेनी रायलोव पिछले महीने आयोजित की गई रैली में ओलिंपिक खेलों के अन्य पदक विजेताओं के साथ मंच पर खड़े थे। उन्होंने जो जैकेट पहनी थी, उस पर अंग्रेजी का अक्षर ‘जेड’ अंकित था। यह अक्षर रूसी सैनिकों के समर्थन का प्रतीक है।
पर्पल प्यारे
मिस्टर जीरोफिगर। जी हां, क्रिकेट के दुबले-पतले और नटखट यजुवेंद्र चहल अपनी बीवी धनश्री के साथ नाचते-कूदते सोशल मीडिया पर छाए रहते हैं। अब वो पर्पल प्यारे बनकर आईपीएल में छाए हुए हैं। एक समय हिंदुस्थानी टीम से बाहर कर दिए गए चहल ने अपनी वापसी बड़ी जोरदार की थी। विश्वकप में चहल टीम का हिस्सा नहीं थे मगर वो लौटे और लौटते ही आईपीएल की शुरुआत हुई, जिसमें अब तक वे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने मटक रहे हैं। इसमें उनकी पहली आईपीएल हैट्रिक भी शामिल है। पर्पल वैâप की रेस में राजस्थान रॉयल्स के ही खिलाड़ी का कब्जा है। पर्पल वैâप लेग स्पिनर यजुवेंद्र चहल के सिर ही सजी हुई है। चहल ७ मैचों में १८ विकेट के साथ टॉप पर हैं और पर्पल वैâप पर भी उन्हीं का कब्जा है। चहल के बाद दिल्ली वैâपिटल्स के कुलदीप यादव ७ मैचों में १३ विकेट के साथ दूसरे नंबर पर कायम हैं। कुलचा के नाम से प्रसिद्ध ये जोड़ी एक बार फिर क्रिकेट दुनिया के सामने अपना लोहा मनवा रही है।

गोल्ड हैट्रिक
हिंदुस्थानी पहलवानों का कोई जवाब नहीं। पूरी दुनिया में उनका डंका बजता है। फिर यदि बात रवि दहिया जैसे पहलवानों की हो तो सोना ही सोना दिखता है। जी हां, ये गोल्ड हैट्रिक है। टोक्यो ओलिंपिक में सिल्वर मेडल जीतने वाले पहलवान रवि कुमार दहिया ने मंगोलिया में चल रही एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता है। उन्होंने प्रâी स्टाइल कुश्ती के ५७ किलो भार वर्ग के फाइनल में कजाकिस्तान के कल्जन रखत को १२-२ से हराते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। यह उनका एशियन रेसलिंग चैंपियनशिप में लगातार तीसरा गोल्ड मेडल है। कोई भी हिंदुस्थानी प्रâी स्टाइल रेसलर आज तक ऐसा नहीं कर पाया है। इस साल फरवरी में डैन कोलोव इवेंट में रजत पदक जीतने के बाद, रवि का इस सीजन का यह दूसरा फाइनल था। सोनीपत के नाहरी गांव के रहने वाले रवि ने फाइनल तक का सफर तय करने में अपना शारीरिक दमखम और रणनीतिक तौर पर अपनी श्रेष्ठता साबित की। उन्होंने जापान के रिकुतो अराई (वीएसयू) को मात दी और फाइनल से पहले मंगोलिया के रेसलर पर १२-५ के अंतर से बड़ी जीत दर्ज की। रवि ने २०२० में दिल्ली और फिर पिछले साल अल्माटी में हुई एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था।

काउंटी में पुजारा का तूफान
टीम से बाहर कर दिए गए चेतेश्वर पुजारा का बल्ला बदकिस्मती से घरेलू टूर्नामेंट में भी नहीं चल सका था, मगर काउंटी में उनका तूफान चल रहा है। इंग्लिश काउंटी चैंपियनशिप में शानदार फॉर्म में आए पुजारा ने वॉरसेस्टरशर के खिलाफ ससेक्स के लिए लगातार दूसरा शतक जड़ा लेकिन अपनी टीम को फॉलोऑन से नहीं बचा पाए। उन्होंने सत्र के पहले मैच में डर्बीशर के खिलाफ नाबाद २०१ रन बनाए थे। पुजारा की पारी में १६ बाउंड्री शामिल थी, जिससे वो वॉरसेस्टरशर के पहली पारी में ४९१ रन के जवाब में ससेक्स को २६९ रन के स्कोर तक पहुंचाने में सफल रहे। दूसरे दिन ८५ रन पर बल्लेबाजी कर रहे पुजारा ने तीसरे दिन दूसरे डिविजन के मुकाबले में पुल शॉट से अपना शतक पूरा किया। इस तरह जबरदस्त फॉर्म में आ चुके पुजारा को उम्मीद है कि अब शायद चयन समिति टेस्ट मैचों के लिए एक बार फिर से उनके नाम पर विचार कर सकती है।

(लेखक सम सामयिक विषयों के टिप्पणीकर्ता हैं। ३ दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं व दूरदर्शन धारावाहिक तथा डाक्यूमेंट्री लेखन के साथ इनकी तमाम ऑडियो बुक्स भी रिलीज हो चुकी हैं।)

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