मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पैवेलियन : जाल में फंसेगा कौन?

आउट ऑफ पैवेलियन : जाल में फंसेगा कौन?

अमिताभ श्रीवास्तव।  कई बार ऐसा हुआ है कि हिंदुस्थानी टीम अपने ही जाल में फंस जाती है इसलिए अब जबकि राहुल द्रविड़ ने अंग्रेजों को फांसने के लिए जाल बुना है तो सवाल हो रहे हैं कि इसमें फंसेगा कौन? अंग्रेज या हिंदुस्थानी टीम खुद? दरअसल बीसीसीआई ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें शेयर कीं, जिनमें द्रविड़ खिलाड़ियों को कुछ कहते-समझाते नजर आ रहे हैं। टीम के बॉलिंग कोच पारस म्हांब्रे और बैटिंग कोच विक्रम राठौड़ की निगरानी में लेस्टरशर में पहले ही अभ्यास शुरू कर चुकी थी। यहां एक सप्ताह की ट्रेनिंग के बाद हिंदुस्थानी टीम लेस्टरशर काउंटी क्लब के खिलाफ २४ से २७ जून तक चार दिवसीय प्रैक्टिस मैच खेलेगी। कहा जा रहा कि द्रविड़ ने मैदान पर उतरने वाली टीम का खाका बना लिया है। अंग्रेज खिलाडियों के हालिया प्रदर्शन का भी नक्शा उनके पास है। हालांकि इस वक्त इंग्लैंड की टीम बहुत शक्तिशाली है मगर यदि हिंदुस्थानी टीम की ओपनिंग जोड़ी कमाल कर जाए तो फिर मध्यक्रम और गेंदबाज अंग्रेजों पर हावी हो सकते हैं। फिलहाल यही चर्चा है और इसी प्रकार की रणनीति बुनी जा रही है।

१६ लाख का ज्योतिषी
दिलचस्प मामला है कि जहां टीम को दुरुस्त के लिए कोच होता है, सलाहकार होता है, टीम प्रबंधन होता है वहीं यदि कोई ज्योतिष हो तो? है न हैरान करने वाला मामला। हिंदुस्थानी फुटबाल टीम को ज्योतिष मिला, जिसने उसे जितवाया। दरअसल ये दिलचस्प मामला कुछ यूं है कि अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने एएफसी एशियाई कप क्वॉलिफायर से पहले फुटबॉल टीम के लिए ज्योतिषी को नियुक्त किया था। ऐसी चर्चा फुटबॉल जगत में है। यह पता चला है कि एआईएफएफ ने एक ज्योतिष एजेंसी पर १६ लाख रुपए खर्च किए, जिसे उसने राष्ट्रीय टीम को ‘प्रेरित’ करने के लिए नियुक्त किया था। चर्चा में यह भी है कि टीम को प्रेरित करने के लिए एक ज्योतिषी को नियुक्त किया गया था और इसके लिए १६ लाख रुपए का भारी भुगतान किया गया था। है न मजेदार मामला।

टीम की रानी बाहर
हालांकि ऐसा होता है किंतु आश्चर्य भी होता है कि महिला हॉकी वर्ल्ड कप के लिए हिंदुस्थानी महिला टीम घोषित कर दी गई है। मगर इसमें रानी नहीं है। जी हां, टीम को टोक्यो ओलिंपिक के फाइनल तक पहुंचाने वाली कप्तान रानी रामपाल इस बार टीम से बाहर हैं, जबकि अनुभवी गोलकीपर सविता पुनिया को कमान सौंपी गई है और दीप इक्का ग्रेस को डिप्टी बनाया गया है। महिला हॉकी वर्ल्ड कप का आयोजन १ से १७ जुलाई तक नीदरलैंड और स्पेन की संयुक्त मेजबानी में होगा। दरअसल करिश्माई स्ट्राइकर और पूर्व कप्तान रानी रामपाल के पैर की मांसपेशियों की चोट से उबरने के बाद बेल्जियम और नीदरलैंड के खिलाफ प्रो लीग मुकाबलों के लिए टीम में शामिल किया गया था। टीम की हिस्सा होने के बावजूद रानी प्रो लीग के यूरोपीय चरण के दौरान शुरुआती चार मैच में नहीं खेलीं। इससे उनके अनफिट होने का अंदाजा लगाया जा रहा है। हालांकि हॉकी इंडिया ने उनकी फिटनेस की स्थिति स्पष्ट नहीं की है।

चुटकी में एवरेस्ट फतह
यह चुटकी में ही कहा जाएगा। आखिर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतह करने के लिए पर्वतारोहियों को काफी समय लगता है। उंंगली पर गिने जाने वाले दिन हों और वो भी मात्र छह दिन तो इसे क्या कहा जाएगा? चुटकी में एवरेस्ट फतह। है न। रेवाड़ी जिले के नेहरूगढ़ निवासी पर्वतारोही नरेंद्र ने मात्र छह दिन में एवरेस्ट चोटी को फतह कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना लिया है। उन्होंने अपने इस अभियान का नाम (आजादी का अमृत महोत्सव फास्टेस्ट एवरेस्ट अभियान-२०२२) रखा। नरेंद्र ने इस अभियान को छह दिन में बेस वैंâप से बेस वैंâप पूरा किया। दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह कर राष्ट्रीय गीत को गाकर आजादी का अमृत महोत्सव मनाया व अपने इस अभियान को रेजांगला युद्ध में शहीद हुए जवानों को समर्पित किया। इस आर्मी जवान कृष्णचंद के पुत्र का सपना दुनिया के सभी सात महाद्वीपों पर फतह कर वर्ल्ड रिकार्ड बुक में छाप छोड़ने का है। नरेंद्र ने अब तक ५ महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटियों को फतह किया है।

(लेखक सम सामयिक विषयों के टिप्पणीकर्ता हैं। ३ दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं व दूरदर्शन धारावाहिक तथा डाक्यूमेंट्री लेखन के साथ इनकी तमाम ऑडियो बुक्स भी रिलीज हो चुकी हैं।)

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