मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पैवेलियन : आवेश के खिलाफ आवेश

आउट ऑफ पैवेलियन : आवेश के खिलाफ आवेश

आवेश के खिलाफ आवेश है। सोशल मीडिया पर तो जमकर आलोचनाएं हो रही हैं और वैसे भी टीम प्रबंधन में आवेश खान के खिलाफ एक मानसिकता बनती जा रही है तो केवल इस वजह से कि लगातार असफल होने के बाद भी मिले मौकों को वो गवां रहे हैं। जी हां, साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले वनडे मैच में आवेश खान ने बहुत ही खराब खेल दिखाया है। उनके खिलाफ साउथ अप्रâीकी बल्लेबाजों ने खूब रन लूटे। और इस वजह से लोग कह रहे हैं कि वह टीम इंडिया के ऊपर बोझ बन चुके हैं। वह विकेट लेना तो दूर रन बचाने के लिए तरस रहे हैं। पहले वनडे मैच में उन्होंने ८ ओवर में ५१ रन खर्च कर दिए और वह एक भी विकेट हासिल नहीं कर सके। उनकी वजह से ही टीम इंडिया को हार का सामना करना पड़ा। सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा है कि वह टीम इंडिया का समय बर्बाद कर रहे हैं, वहीं दूसरे यूजर ने लिखा है कि ३९वें ओवर में आवेश खान को स्ट्राइक संजू सैमसन को देनी चाहिए थी। आवेश खान ने बल्लेबाजी करके टीम इंडिया को मैच हरवा दिया है। लोगों में गुस्सा है कि दीपक चाहर की जगह पर उन्हें क्यों खिलाया गया।

अष्टम कप्तान
क्या बढ़िया नाम है न अष्टम। और अब कप्तान बनी हैं। मडगांव (गोवा) और नई मुंबई में आगामी ११ अक्टूबर से आयोजित होनेवाले फीफा अंडर-१७ महिला विश्व कप २०२२ में हिंदुस्थानी टीम की कप्तानी मजदूर मां-पिता की बेटी अष्टम उरांव करेंगी। अष्टम झारखंड के गुमला जिला अंतर्गत एक छोटे से गांव बनारी गोराटोली की रहनेवाली हैं। विश्व कप के लिए घोषित देश की २१ सदस्यीय टीम में अष्टम उरांव सहित झारखंड की छह प्लेयर्स को जगह मिली है। इनमें नीतू लिंडा, अंजलि मुंडा, अनिता कुमारी, पूर्णिमा कुमारी और सुधा अंकिता तिर्की शामिल हैं। यह पहली बार है, जब अंडर-१७ महिला फुटबॉल की हिंदुस्थानी टीम में झारखंड की छह लड़कियों को एक साथ चुना गया है। अष्टम उरांव को हिंदुस्थानी टीम का वैâप्टन बनाए जाने की खबर जब उसके गांव बनारी गोराटोली पहुंची तो गांव के लोग खुशी से झूम उठे। अष्टम उरांव के परिवार में माता-पिता, तीन बहनें और एक भाई हैं। परिवार के पास थोड़ीसी खेती है। माता-पिता दूसरे के खेतों में मजदूरी करते हैं।

बादशाह लेगा संन्यास
लीजिए फुटबॉल की दुनिया के बादशाह ने संन्यास की घोषणा कर दी। निश्चित रूप से यह एक हार्ट ब्रेकिंग खबर है फुटबाल दुनिया के लिए मगर खिलाड़ी को एक दिन ऐसा करना ही पड़ता है। अर्जेंटीना के दिग्गज फुटबॉलर लियोनल मेसी ने संन्यास का एलान कर दिया है। वे कतर में अगले माह से शुरू होनेवाले फीफा वर्ल्ड कप-२०२२ के बाद फुटबॉल को अलविदा कह देंगे। ३५ साल के इस फुटबॉलर ने अर्जेंटीना के पत्रकार सेबास्टियन विग्नोलो को दिए एक इंटरव्यू में कहा- ‘कतर में होनेवाले फीफा वर्ल्ड कप के बाद मैं इस खेल से संन्यास ले लूंगा। मैंने पहले ही पैâसला ले लिया है और टीम को इसकी जानकारी भी दे दी है, यह मेरा आखिरी विश्व कप होगा।’ मेसी का यह पांचवां फीफा वर्ल्ड कप होगा। उन्होंने २००५ में अर्जेंटीना की ओर से इंटरनेशनल डेब्यू किया था। वे १६४ मैचों में ९० गोल कर चुके हैं। उन्होंने वर्ल्ड कप के १९ मुकाबलों में ६ गोल दागे हैं। ओवरऑल करियर की बात करें तो मेसी ने ७८१ गोल दागे हैं।

फिर भगदड़, फिर मौत
फुटबाल जैसे अभिशप्त है। अर्जेंटीना में एक फुटबॉल मैच के दौरान भगदड़ मचने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। ऐसी ही एक घटना कुछ दिनों पहले इंडोनेशिया में हुई थी, जहां एक फुटबॉल स्टेडियम में एक मैच के अंत में भड़की हिंसा के बाद उसके (स्टेडियम के) द्वार खोलने में देर होने के चलते यह एक त्रासदी में तब्दील हो गई, जिसमें कम से कम १३१ लोगों की मौत हो गई थी। ब्यूनस आयर्स में बोका जूनियर्स और गिम्नासिया वाई एस्ग्रीमा के बीच फुटबॉल मैच के दौरान स्टेडियम में हिंसा पैâलने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। ब्यूनस आयर्स प्रांत के सुरक्षा मंत्री सर्जियो बर्नी ने भी एक व्यक्ति के मौत की पुष्टि की है। फुटबाल दुनिया में ऐसी भगदड़ और दो पक्षों के बीच मारपीट आम बात हो चली है। इसके लिए हालांकि सुरक्षा व्यवस्था होती है मगर स्टेडियम में भीड़ को एक साथ संभालना कठिन हो जाता है। शुक्र है कि ये घटना ज्यादा बड़ी नहीं हो पाई। वरना एक बार फिर सैकड़ों के हताहत हो जाने की खबर इस खेल को कलंकित कर देती।

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