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आउट ऑफ पैवेलियन: अय्यर की पसंद

अमिताभ श्रीवास्तव। अब ये जरूरी नहीं होता कि हर नए खिलाड़ी की पसंद महेंद्र सिंह धोनी या रोहित शर्मा हो। उसकी अपनी पसंद अलग भी हो सकती है। जैसे श्रेयस अय्यर की पसंद है। श्रेयस को धोनी या रोहित का कोई मोह नहीं है, वो अपनी एक अलहदा पसंद को लेकर क्रिकेट में हैं। उन्हें केएल राहुल पसंद हैं। आईपीएल टीम कोलकाता नाइटराइडर्स के नवनियुक्त कप्तान श्रेयस अय्यर ने राष्ट्रीय टीम के साथी केएल राहुल की प्रशंसा करते हुए कहा कि अपने शांत व्यवहार और मैदान पर निर्णय लेने की सहज क्षमता के कारण वह उनके पसंदीदा कप्तान हैं। अय्यर इस साल के शुरू में दक्षिण अप्रâीका में वनडे शृंखला के दौरान राहुल के नेतृत्व में खेले थे और उन्होंने उनकी नेतृत्व क्षमता की जमकर प्रशंसा की। अय्यर ने कहा कि उनके नेतृत्व में खेलना अच्छा था। वह एक उत्कृष्ट खिलाड़ी हैं। मैदान पर और टीम की बैठकों में उनके अंदर आत्मविश्वास दिखता है। वह खिलाड़ियों का जिस तरह से समर्थन करता है, वह बहुत अच्छा है।

संकट हटा नहीं है

आईपीएल में इस बार दर्शकों को छूट मिली थी कि वो स्टेडियम जाकर मैचों का लुत्फ ले सकते हैं। मगर अब एक बार फिर संकट गहरा गया है। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आगामी सत्र का आयोजन बंद दरवाजों के पीछे बिना दर्शकों के हो सकता है। यह टूर्नामेंट २६ मार्च से शुरू होना है और फिलहाल मुंबई और पुणे में होने वाले लीग चरण के लिए स्टेडियमों की २५ प्रतिशत क्षमता में दर्शकों के प्रवेश की अनुमति है। लेकिन एक बार फिर कोविड-१९ के मामले बढ़ने की वजह से इस अनुमति को अगले सात दिनों में वापस लिया जा सकता है। २६ मार्च को आईपीएल का पहला मुकाबला चेन्नई सुपरकिंग्स (सीएसके) और कोलकाता नाइटराइडर्स (केकेआर) के बीच खेला जाएगा। लेकिन इससे पहले केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र सरकार को राज्य में नए कोविड-१९ वैरिएंट मिलने की चेतावनी दी है।

बदल गई किस्मत

अब मोहित शर्मा जैसे अर्श से फर्श पर आए तो फर्श से अर्श पर पहुंचे एक क्रिकेटर की भी बात की जाए। कभी रेहड़ी लगाते थे मगर आज कीमती कार में घूमते हैं। जी हां, बबलू कुमार रणजी खेलने के बावजूद ४२ साल की उम्र तक संघर्ष करते रहे। उन्हें रेहड़ी चलाकर गुजारा करना पड़ा। इसके बाद वो पंजाब क्रिकेट टीम के कोच बने और उन्हें १५ लाख का पैकेज मिला। अब उन्होंने कार खरीदी है। एक समय ऐसा था कि रणजी खेलकर भी उन्हें कोई फायदा नहीं पहुंचा। गरीब घर के बबलू को जिंदगी गुजर बसर के लिए रेहड़ी लगानी पड़ी थी। कोई उम्मीद जब शेष नहीं रही तब दोस्तों की मदद से उन्हें एक काम मिला। वो पंजाब के रणजी चयनकर्ता चुन लिए गए। १५ लाख का पैकेज सुनकर ही उनके होश उड़ गए। लेकिन उन्हें खुशी है कि उनके चयनकर्ता बनने के बाद पंजाब रणजी टीम लंबे समय बाद नॉक आउट में पहुंची है। या आज वे एक सफल चयनकर्ता के तौर पर स्थापित हैं।

दिन जो पखेरू होते..

ये भी कितना सच है कि हर दिन बराबर नहीं रहते। कभी कोई अर्श पर होता है तो कभी फर्श पर। इसीलिए तो ये गीत सार्थक है कि दिन जो पखेरू होते पिंजरे में मैं रख लेता..! जी हां, ३३ साल के मोहित शर्मा अब आईपीएल २०२२ में किसी टीम का हिस्सा नहीं हैं। लगातार दूसरे साल मोहित शर्मा को नीलामी में किसी टीम ने नहीं खरीदा। अब वे लीग की नई प्रâेंचाइजी गुजरात टाइटन्स के लिए नेट बॉलर की भूमिका निभा रहे हैं। मोहित को २०१७ सीजन तक आईपीएल में लगभग सभी मैच में खेलने का मौका मिला था। २०१८ में भी उन्हें ९ मैच में प्लेइंग इलेवन में जगह मिली। कभी वो आईपीएल में करो़ड़ों में खरीदे गए थे यहां तक कि उन्हें पर्पल वैâप भी मिली थी। मोहित शर्मा २०१५ वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के प्रमुख गेंदबाज थे। उनकी वजह से भुवनेश्वर कुमार को बेंच पर बैठना पड़ा था। अक्टूबर २०१५ में उन्होंने टीम के लिए अंतिम वनडे खेला था। मुंबई में दक्षिण अप्रâीका के खिलाफ उस मुकाबले में मोहित ने ७ ओवर में ८४ रन दिए थे। उसके बाद से उन्हें टीम इंडिया के लिए किसी भी मैच में खेलने का मौका नहीं मिला। अब वे कहीं नहीं हैं।

(लेखक सम सामयिक विषयों के टिप्पणीकर्ता हैं। ३ दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं व दूरदर्शन धारावाहिक तथा डाक्यूमेंट्री लेखन के साथ इनकी तमाम ऑडियो बुक्स भी रिलीज हो चुकी हैं।)

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