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आउट ऑफ पैवेलियन : भैया ये दीवार टूटती क्यों नहीं?

  • अमिताभ श्रीवास्तव

भैया ये दीवार टूटती क्यों नहीं?
सीमेंट के एक विज्ञापन की बात हॉकी टीम इंडिया के गोलकीपर श्रीजेश पर पूरी फिट बैठती है। जी हां, ये दीवार टूटती क्यों नहीं? श्रीजेश की है टूटेगी कैसे ! गोलकीपर पी. आर. श्रीजेश ने निर्धारित समय के भीतर कई गोल बचाने के बाद रोमांचक पेनल्टी शूटआउट में एक पेनल्टी स्ट्रोक बचाया, जिसकी मदद से पुरुष हॉकी टीम ने ओलिंपिक चैंपियन बेल्जियम को एफआईएच प्रो लीग के पहले मैच में ५.४ से हरा दिया। हिंदुस्थानी टीम १/३ से पीछे थी जब ८ मिनट का ही खेल बचा था लेकिन स्कोर ३/३ से बराबर करके मैच को शूटआउट में खींच दिया। श्रीजेश ने अलेक्जेंडर हेंडरिक्स का शॉट बचाया जो तीसरी पेनल्टी लेने उतरे थे। शूटआउट जब ४.४ से बराबरी पर था तब आकाशदीप ने गोल करके स्कोर ५.४ कर दिया। मैच के दौरान श्रीजेश ने कई गोल बचाए लेकिन आखिरी क्वार्टर में बचाए गए दो गोल काफी महत्वपूर्ण साबित हुए । पहले क्वार्टर में कोई गोल नहीं हो सका, जिसमें श्रीजेश ने दो शॉट बचाए।
मंधाना का अंदाज
नेशनल क्रश के नाम से मशहूर तथा टीम इंडिया की शानदार बल्लेबाज स्मृति मंधाना का अपना अलग अंदाज है। अपने इसी अंदाज के चलते ही उन्होंने अपनी ख़ास पहचान बनाई है। मैदान पर हो या बाहर स्मृति हमेशा चर्चा में बनी रहती है। उन्होंने अपने मैदान पर होने और हर किसी दबाव से निपटने का भी मंत्र खोजा है। वो कहती हैं दबावों से निपटने का सभी का अलग-अलग तरीका होता है। मैं खुद को याद कराती हूं कि मैंने क्रिकेट इसलिए शुरू किया क्योंकि मुझे बैटिंग करके खुशी मिलती है। इससे मेरे चेहरे पर मुस्कान आती है। मैं अपने बेसिक्स पर काम करती हूं। मैच के बाद मैं १५ मिनट अपनी गेम के बारे में सोचती हूं कि क्या सही किया और क्या गलत। इसके बाद मैं खुद को री-सेट करती हूं और थोड़ी देर के लिए खुद को क्रिकेट से दूर कर देती हूं। मतलब मानसिक रूप से भी स्मृति बड़ी मजबूत खिलाड़ी हैं।
डबल गोल्ड गर्ल
ये है हिंदुस्थानी ताकत। टोक्यो पैरालंपिक चैंपियन अवनी लेखरा ने पैरा वल्र्ड कप शूटिंग में दूसरा गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने फ्रांस  के चेटियारो में हो रहे पैरा शूटिंग वल्र्ड कप में अपना दूसरा गोल्ड मेडल जीता। अवनी ने महिलाओं की ५० मीटर राइफल थ्री पोजिशन की एसएच१ कैटेगरी  में यह मेडल जीता। इससे पहले तोक्यो पैरालंपिक चैंपियन अवनी लेखरा ने मंगलवार को महिला १० मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग एसएच१ स्पर्धा में २५०.६ अंक के विश्व रिकॉर्ड के साथ गोल्ड अपने नाम किया था। अवनी लेखा ने ४५८.३ का स्कोर के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उन्होंने स्लोवाकिया की वेरोनिका वडोविस्कोवा को पछाड़ा। वेरोनिका वडोविस्कोवा के नाम चार गोल्ड समेत कुल ६ ओलिंपिक मेडल हैं। वेरोनिका का स्कोर ४५६.६ रहा। स्वीजन की एना नोरमन तीसरे नंबर पर रहीं और उन्हें ब्रॉन्ज मेडल से संतोष करना पड़ा।
बॉलर ने बैटिंग में बनाया रिकॉर्ड
ये भी अजीब है, गेंदबाज है मगर रिकॉर्ड बनाया बल्लेबाजी में। जी हां, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच चल रहे टेस्ट मैच में कीवी गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट ने एक रिकॉर्ड बनाया। न्यूजीलैंड की पारी के दौरान जहां डेरिल मिशेल ने १९० रन और टॉम ब्लंडेल ने १०६ रन की पारी खेलकर कीवी टीम को ५५३ रन पर ले जाने में अहम भूमिका निभाई तो वहीं तेज गेंदबाज ट्रेंट बोल्ट ने कीवी पारी की आखिरी समय में १८ गेंद पर १६ रन बनाकर महफिल लूट ली। अपनी पारी में बोल्ट ने ४ चौके लगाए। ट्रेंट बोल्ट ने १६ रन की नाबाद पारी खेलकर एक ऐसे रिकॉर्ड की बराबरी कर ली, जिसने हर किसी को चौंका दिया। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में नंबर ११ पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी मुथैया मुरलीधरन हैं। मुरलीधरन ने अपने टेस्ट करियर में नंबर ११ पर बल्लेबाजी करते हुए ६२३ रन बनाए थे। अब न्यूजीलैंड का यह तेज गेंदबाज श्रीलंका के बड़े और महान गेंदबाज की बराबरी बतौर बल्लेबाज करने में सफल हो गया है।

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