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आउट ऑफ पैवेलियन : कोरोना का रोना

अमिताभ श्रीवास्तव 

कोरोना का रोना
जो ये कहने लगे हैं कि कोरोना अब नहीं है, वो बड़ी भूल कर रहे हैं। देश में हो या खेलों में कोरोना आज भी बना हुआ है और आज भी इसका रोना है। अब देखिए न, टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले बड़ा झटका लगा है। अनुभवी स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। इस कारण वे टीम के साथ इंग्लैंड दौरे के लिए नहीं जा पाए हैं। कुछ खिलाड़ियों को छोड़कर पूरी टीम १६ जून को इंग्लैंड रवाना हो गई थी। साउथ अफ्रीका  के खिलाफ सीरीज खत्म होने के बाद ऋषभ पंत और श्रेयस अय्यर भी इंग्लैंड चले गए हैं। २४ जून से टीम इंडिया को लेस्टरशायर के खिलाफ अभ्यास मैच खेलना है। अश्विन इस मैच में टीम का हिस्सा नहीं होंगे। टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट मैच १ जुलाई से खेलना है। अश्विन को इससे पहले इंग्लैंड पहुंचने के लिए कोरोना प्रोटोकॉल के नियमों को पूरा करना होगा। इसके बाद ही वह टेस्ट मैच के लिए टीम के साथ उपलब्ध हो पाएंगे।
करोड़ों के परखच्चे
करोड़ों के परखच्चे ऐसे उड़ते हैं। अब देखिए न, दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉलरों में से एक क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लिए वो दिन बेहद खराब रहा जब पुर्तगाली स्ट्राइकर की सुपर-कार बुगाटी वेरॉन, जिसकी कीमत कथित तौर पर १.७ मिलियन पाउंड (१६ करोड़ रुपए से अधिक) है, स्पेन के मालोर्का शहर में एक बड़ी दुर्घटना का शिकार हो गई। रोनाल्डो छुट्टियां एंजॉय कर रहे हैं और उन्होंने कार को समंदर के रास्ते घर से मंगवाए थे। दुर्घटना के समय पांच बार के बैलन डीऑर विजेता कार में नहीं थे। रोनाल्डो का एक कर्मचारी कथित तौर पर कार चला रहा था और उसने अपना नियंत्रण खो दिया जिसके कारण वो एक घर में घुस गई। कार में मौजूद किसी भी व्यक्ति या चालक को कोई चोट नहीं आई है। बस ये सुखद रहा बाकी कार तो क्षतिग्रस्त हुई ही है।
फर्राटा दादी
जी हां, दादी भी दादा बन सकती हैं। बस फर्क ये है कि इस दादा का अर्थ है जिसका कोई तोड़ नहीं, जो विजेता है और जिसकी धाक जमी रहती है। तो ऐसी ही धाक वाली दादी का ये कारनामा है। राष्ट्रीय ओपन मास्टर्स एथलेटिक्स चैंपियनशिप (एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की ओर से आयोजित) में कुछ ऐसा देखने को मिला जिसमें १०५ वर्षीय रामबाई ने उम्र का शतक पूरा करने के बावजूद अपने १०० मीटर में नया रिकॉर्ड भी बनाया है। इस उम्र में तमाम लोगों के लिए प्रेरणा बनीं रामबाई, जिनका जन्म १ जनवरी, १९१७ को हुआ था, वडोदरा में अकेली दौड़ीं, क्योंकि प्रतियोगिता में ८५ से ऊपर का कोई प्रतियोगी नहीं था। उन्होंने सैकड़ों दर्शकों के जयकार के बीच १०० मीटर की दौड़ पूरी की। वह विश्व मास्टर्स में १०० मीटर की उम्र में स्वर्ण जीतने के बाद प्रसिद्ध हो गई। उन्होंने ४५.४० सेकंड में रेस पूरी करते हुए नेशनल रिकॉर्ड कायम किया। इससे पहले यह रिकॉर्ड मान कौर के नाम था, जिन्होंने ७४ सेकंड में रेस पूरी की थी।
समय उड़ जाता है
न-न विराट कोहली का समय नहीं उड़ा बल्कि ११ साल के कोहली का टेस्ट समय पलक झपकते उड़ गया है। कुछ ऐसा ही फील हो रहा विराट को क्योंकि कल मंगलवार का दिन उनके ११ साल के टेस्ट जीवन का दिन था। कोहली ने खेल के सबसे लंबे प्रारूप में एक बहुत ही सफल कप्तानी की थी। टेस्ट में ११ साल पूरे करने के बाद, कोहली ने कू पर एक वीडियो असेंबल साझा किया, जिसमें टेस्ट क्रिकेट में अपने सभी प्रमुख मील के पत्थर शामिल थे और उन्होंने पोस्ट को ‘समय उड़ जाता है’ के रूप में कैप्शन दिया है। कोहली ने अपने अब तक के क्रिकेट करियर में काफी कुछ हासिल किया है। वह केवल देश में ही नहीं विदेशों में भी पसंदीदा बल्लेबाज हैं। ३३ साल के विराट कोहली ने अपने करियर में अब तक १०१ टेस्ट खेले हैं, जिसमें उन्होंने ४९.९५ की औसत से ८,०४३ रन बनाए हैं, जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद २५४ रन है।
(लेखक सम सामयिक विषयों के टिप्पणीकर्ता हैं। ३ दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं व दूरदर्शन धारावाहिक तथा डाक्यूमेंट्री लेखन के साथ इनकी तमाम ऑडियो बुक्स भी रिलीज हो चुकी हैं।)

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