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आउट ऑफ पैवेलियन : सबसे आगे होंगे हिंदुस्थानी

  • अमिताभ श्रीवास्तव

सबसे आगे होंगे हिंदुस्थानी
ये है देश की बेटियों का जश्न। ये है उस उत्साह का क्षण जब लड़कियां आसमान छूती हैं। यूं तो कॉमनवेल्थ गेम्स में हिंदुस्थान की बेटियों ने देश की झोली पदकों से भर दी है और इसकी ख़ुशी ऐसी कि जब साथ में साथी हों तो झूम कर जश्न मनाया जाए। जी हां, हॉकी टीम इंडिया की महिला खिलाड़ियों ने कांस्य पदक जीता है और जब बारी जश्न की आई तो सबसे आगे होंगे हिंदुस्थानी गाने पर जम के झूमी। इंडियन विमेंस हॉकी टीम ने १६ साल बाद कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है। इसका जश्न मनातीं महिला टीम की खिलाड़ियों का वीडियो सामने आया है। जिसमें महिला हॉकी प्लेयर्स खुशी से झूमती नजर आ रही हैं। गीत बज रहा है… सुनो गौर से दुनिया वालों…बुरी नजर न हमपे डालो। हिंदुस्थानी महिला खिलाडियों का यह अंदाज फैंस को खूब पसंद आ रहा है।
हड़बड़ाहट में फिसली जीत
कोई बहुत बड़ी या खतरनाक टीम नहीं है ऑस्ट्रेलिया की। बेवजह टीम इंडिया की महिला विंग उससे खौफ खाती है और इसीका नतीजा है कि कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल मुकाबले में हरमनप्रीत की टीम जीता हुआ मैच हार गई। इस हार की वजह ऑस्ट्रेलिया का दमदार प्रदर्शन नहीं था बल्कि टीम इंडिया के खिलाड़ियों में हड़बड़ी ज्यादा थी। ये हड़बड़ी शुरुआत से देखने को मिली। स्मृति मंधाना , शैफाली वर्मा ने गैर जिम्मेदाराना खेल दिखाते हुए अपना विकेट गंवाया। हरमन और जैमिमा ने जीत की पूरी पिच तैयार कर दी थी। बस ऐसा ही तो खेल चाहिए था जीतने को मगर जैमिमा और हरमन के आउट होते ही धड़ाधड़ विकेट गिरते चले गए, जिसमें तीन तो रन आउट ही थे। ये जो रन आउट हुए वो फिजूल ही अपने विकेट गंवाए हुआ रहा। यानी इन्हीं रन आउट ने कंगारुओं को अपनी झोली से निकाल कर जीत सौंप दी। ९ रन से हारकर टीम इंडिया ने सिलवर पदक जीता। हरमनप्रीत ने मैच के बाद कहा, ‘हर बार बड़े फाइनल्स में हम (बल्लेबाजी में) लगातार एक जैसी गलतियां दोहरा रहे हैं। यह हमारे दिमाग में घर कर गई है। यह ऐसी चीज है जिसमें हमें सुधार करना होगा।’
स्पिन के फंदे में फंसे कैरेबियन
टी-२० फॉर्मेट में इसके पहले ऐसा कभी नहीं हुआ था। क्रिकेट रिकॉर्ड में ऐसी कोई कहानी अब तक लिखी नहीं गई थी जो टीम इंडिया ने कर दिखाई। स्पिन के फंदे में कैरेबियन की पूरी टीम ऐसी फंसी  कि छटपटाती रही मगर कोई खिलाड़ी उबर नहीं पाया। जी हां, टी-२० इंटरनेशनल में ऐसा पहली बार हुआ है जब विरोधी टीम के सभी १० बल्लेबाज स्पिन गेंदबाजों के द्वारा आउट हुए हों। इस मैच से पहले टी-२० इंटरनेशनल में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था। मैच में अक्षर पटेल ने ३ ओवर में १५ रन देकर ३ विकेट लिए तो वहीं कुलदीप यादव ने ३ और रवि बिश्नोई ने ४ विकेट लिए। यानी तीनों स्पिनरों ने मिलकर वेस्टइंडीज के १० विकेट चटकाने में सफलता हासिल की। हार्दिक पांड्या की कप्तानी में टीम इंडिया खेलने उतरी थी और जीत कर ४-१से सीरीज पर कब्जा भी जमाया।
धोखेबाज ऑस्ट्रेलिया
पहले हॉकी में अब क्रिकेट में धोखेबाजी से ऑस्ट्रेलिया ने िंहदुस्थान से जीत दर्ज की। ऐसा क्यों है कि आयोजन समिति ऑस्ट्रेलिया की बदमाशी पर चुप्पी साधे बैठी रही? हॉकी में नियमों की आड़ लेकर आ‌ॅस्ट्रेलिया ने हिंदुस्थानी टीम पर जीत दर्ज की जिसकी दुनिया में जब थू-थू होने लगी तो हॉकी संघ अब नियमों को बदलने की योजना बनाने लगा है मगर क्रिकेट में तो सीधे-सीधे टीम इंडिया के खिलाड़ियों को खतरे में डाल दिया गया एक कोविड पेशेंट खिलाड़ी को मैदान पर उतारकर और किसी ने कोई ऑबजेक्शन नहीं लिया। कॉमनवेल्थ गेम्स में रविवार रात एक अति रोमांचक मुकाबले में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने विमेंस क्रिकेट का गोल्ड मेडल जीत लिया। उसने टीम इंडिया को ९ रनों से हराया लेकिन कंगारूं टीम ने यह मुकाबला धोखे से जीता है। उसने ऑलराउंडर ताहलिया मैक्ग्रा को कोविड पॉजिटिव होने के बावजूद फाइनल मुकाबले में खिलाया। इसमें आयोजन समिति ने कंगारुओं का साथ दिया। हालांकि, मैक्ग्रा प्रभावी प्रदर्शन नहीं कर सकीं। लेकिन उन्होंने टीम इंडिया को खतरे में जरूर डाल दिया।

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