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आउट ऑफ पैवेलियन: नाइंसाफी है ये तो

  • अमिताभ श्रीवास्तव

नाइंसाफी है ये तो
अब बताइए ये तो नाइंसाफी है। कई दिनों से जख्मी होकर टीम से बाहर रहो। जो टीम में है और जितवा भी रहा हो उसे हटाकर लौट के आनेवाले को उसकी जगह रख दो, ये हजम होने जैसी बात नहीं होती। पर टीम इंडिया में यही होता है। देखिए न आखिरकार केएल राहुल ने फिट होकर न केवल सफलतापूर्वक टीम में वापसी की बल्कि उन्हें टीम की कमान भी सौंपी गई है। टीम इंडिया को जिम्बाब्वे के साथ इसी महीने तीन मैचों की वनडे सीरीज में खेलनी है जिसकी शुरुआत १८ अगस्त से हो रही है। टीम इंडिया के लिए दोहरी खुशी का मौका है। केएल राहुल चोट से उबर चुके हैं साथ ही विराट कोहली की भी वापसी हुई है। राहुल को जिम्बाब्वे दौरे के लिए शिखर धवन की जगह कप्तान बना दिया गया और शिखर को उपकप्तान। बोर्ड द्वारा बताया गया है कि चोट की वजह से टीम से बाहर चल रहे राहुल अब पूरी तरह से फिट हैं। टीम के चयनकर्ताओं ने राहुल को जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम का कप्तान नियुक्त किया है। शिखर धवन जिनको इससे पहले कप्तानी की जिम्मेदारी दी गई थी वह इस दौरे के लिए उप कप्तान की जिम्मेदारी निभाते नजर आएंगे।

गोवा से साधेंगे अर्जुन निशाना
अर्जुन तेंदुलकर मुंबई छोड़कर गोवा से खेलेंगे। जी हां, क्रिकेट हलकों में यही चर्चा है कि अगले सीजन में अर्जुन गोवा की तरफ से घरेलू क्रिकेट खेल सकते हैं। बाएं हाथ का यह ऑलराउंडर आईपीएल में मुंबई इंडियंस का हिस्सा था। वहां भी उनको डेब्यू करने का मौका नहीं मिला। अर्जुन २०२०-२१ में मुंबई के लिए सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में हरियाणा और पुदुचेरी के खिलाफ दो मैच खेले थे। उन्होंने मुंबई क्रिकेट संघ से एनसीओ देने के लिए आवेदन कर दिया है। गोवा क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष सूरज लोतलीकर ने कहा, ‘हम बाएं हाथ के तेज गेंदबाज की तलाश में हैं। इसलिए हमने अर्जुन तेंदुलकर को गोवा की टीम से जुड़ने के लिए आमंत्रित किया है। हम सीजन से पहले सीमित ओवरों के प्रैक्टिस मैच खेलेंगे और वह इन मैचों में खेलेंगे। चयनकर्ता इन मैचों में उनके प्रदर्शन के आधार पर उन्हें टीम में रखने का फैसला करेंगे।’

बड़े बोल
तौल के बोल
कॉमनवेल्थ में नीरज चोपड़ा का रिकॉर्ड तोड़ कर जोश में आए पाकिस्तानी भाला फेंक खिलाड़ी अरशद नदीम के बड़े बोल ऐसे हैं जैसे कोई मुसद्दीलाल के हसीन सपने देख रहा हो। अरशद ने एलान किया है कि वो विश्व रिकॉर्ड तोड़ेगा। जोश में है मगर होश में नहीं है क्योंकि जो वल्र्ड रिकॉर्ड है उसके आसपास भी नहीं फटकते अरशद मियां। या कहें हमारे नीरज चोपड़ा भी। नीरज ऐसी कोई बात करते भी नहीं। उन्होंने जब ओिंलपिक में गोल्ड जीता था तब केवल ९० मीटर को लांघने का लक्ष्य बनाया था। अरशद तो मानो आसमान तोड़ कर लाने का सपना देखने लग गए। अब जब बात वल्र्ड रिकॉर्ड की चली है, तो बता दें कि जेवलिन थ्रो के टॉप-२० वल्र्ड रिकॉर्ड में नीरज चोपड़ा और अरशद नदीम का नाम नहीं है। यदि किसी को वल्र्ड रिकॉर्ड तोड़ना है, तो उसे कड़ी मेहनत करनी होगी, क्योंकि वल्र्ड एथलेटिक्स के मुताबिक, यह वल्र्ड रिकॉर्ड ९८.४८ मीटर का है, जिसे २५ मई १९९६ को चेक रिपब्लिक के जान जेलेजनी ने बनाया था। टॉप-२० में भी नहीं है ये दोनों। नीरज तो अपनी काबिलियत जानते हैं। मगर अरशद के पैर अभी जमीन पर नहीं टिक रहे लगता है।

स्टेन का स्वैग
कहावत है कि बंदर कितना भी बूढ़ा हो जाए गुलाटी मारना नहीं भूलता। ऐसे ही खिलाड़ियों का रहता है। उनका स्वैग कुछ अलग ही होता है। अब देखिए न दक्षिण अफ्रीका के पूर्व तेज गेंदबाज डेल स्टेन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी गति और स्विंग से बल्लेबाजों के होश उड़ा देने के लिए जाने जाते थे। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर धमाल मचा रहा है।  स्टेन, जो वर्तमान में आईपीएल टीम सनराइजर्स हैदराबाद के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा हैं, अब अपने प्रशंसकों को अपने स्केटबोर्डिंग टैलेंट से हैरान कर रहे हैं। आईपीएल फ्रेंचाइजी ने स्टेन का एक स्केटबोर्ड पर एक्रोबेटिक स्टंट करते हुए एक वीडियो पोस्ट किया। ३९ वर्षीय पूर्व क्रिकेटर के स्टंट का प्रयास करते समय संतुलन और टैलेंट ने उनके फैन को चकित कर दिया है,  यह उनकी फिटनेस का भी सबूत है। एसआरएच उनके इस वीडियो को अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर किया जिसके लिए उन्होंने कैप्शन दिया कि :  ‘स्वैग कभी नहीं जाता।’

(लेखक सम सामयिक विषयों के टिप्पणीकर्ता हैं। ३ दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं व दूरदर्शन धारावाहिक तथा डाक्यूमेंट्री लेखन के साथ इनकी तमाम ऑडियो बुक्स भी रिलीज हो चुकी हैं।)

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