मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पैवेलियन : हॉकी मैच में हाथापाई

आउट ऑफ पैवेलियन : हॉकी मैच में हाथापाई

  • अमिताभ श्रीवास्तव

हॉकी मैच में हाथापाई
बीच मैच में दो खिलाड़ी भिड़ गए और हाथापाई करने लगे। हाई वोल्टेज हंगामा खड़ा हो गया। कॉमनवेल्थ गेम्स में गुरुवार को इंग्लैंड और कनाडा के बीच पुरुष हॉकी मैच खेला गया। इस दौरान दो खिलाड़ियों के बीच जमकर लड़ाई देखने को मिली। कनाडा के बलराज पनेसर और इंग्लैंड के क्रिस ग्रिफिथ ने एक-दूसरे की गर्दन पकड़ ली और मैदान पर ही भिड़ गए। दोनों के बीच लड़ाई इतनी बढ़ गई कि खिलाड़ियों और रेफरी को बीच-बचाव करना पड़ा। दरअसल हुआ ये कि इंग्लैंड की टीम कनाडा के खिलाफ गोल करने के लिए लगातार आक्रामक खेल दिखा रहे थे, तभी बलराज पनेसर की हॉकी स्टिक ग्रिफिथ के हाथ पर लगी और फंस  गई। इससे ग्रिफिथ गुस्से में आ गए और पनेसर को धक्का दे दिया, जिससे पनेसर आग-बबूला हो गए और उन्होंने इंग्लैंड के खिलाड़ी की गर्दन पकड़ ली। फिर दोनों ने एक-दूसरे का टी शर्ट पकड़ा और खींचने लगे। ऐसा लगा कि खेल का मैदान जंग का मैदान बन गया है।
क्या मिलेगी दुल्हनिया?
अब तो मिलनी चाहिए। जिससे प्यार किया वो कॉमनवेल्थ गेम्स के पहले तक तो नहीं मिल पाई। अब जब मेडल जीत लिया है तो मिलना चाहिए। ऐसी उम्मीद के साथ स्वदेश वापसी होगी हमारे एक वेटलिफ्टर पदक वीर की। विकास ठाकुर एयरफोर्स में हैं और वे मूलरूप से हिमाचल प्रदेश के रहनेवाले हैं। राजस्थान की रहनेवाली पेशे से डॉक्टर लड़की से प्यार करते हैं। समस्या यह है कि बिरादरी अलग होने की वजह से परिवार के लोग राजी नहीं हो रहे हैं। विकास व उनकी प्रेमिका ने यह ठाना है कि शादी परिवार की सहमति से ही करेंगे। कॉमनवेल्थ से पहले विकास ने कई प्रयास किए लेकिन बात नहीं बनी लेकिन अब कॉमनवेल्थ सिल्वर मेडल जीतने के बाद स्थितियां बदल सकती हैं और दोनों की शादी हो सकती है। विकास का कहना है कि वे मेडल लेकर इंडिया लौटेंगे तो फिर से शादी की बात करेंगे।
गोल्डन गर्ल ने की मां की बराबरी
ये भी कितना अद्भुत क्षण होता है, जब मां की बराबरी बेटी कर ले। बेटी के लिए भी और मां के लिए भी ये पल मूल्यवान हो उठता है। भावनाएं हिचकोले खाने लगती है। आंखों से खुशी के आंसू निकल पड़ते हैं। ऐसा ही एक क्षण देखने को मिला कॉमनवेल्थ गेम्स में एक दौड़ की स्पर्धा में। जब स्कॉटलैंड की इलिश मैकोलगन ने बर्मिंघम २०२२ में १०,००० मीटर की स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी मां लिज की बराबरी की, जिन्होंने १९८६ और १९९० में रेस जीती थी। राष्ट्रमंडल खेलों में ३१ वर्षीय मैकॉलगन ने अपने पहले प्रमुख खिताब के लिए ३० मिनट ४८.६० सेकंड के रिकॉर्ड के साथ जीत हासिल की। उन्होंने केन्या की इरिन चेप्टाई को रेस में हरा दिया। उनकी मां ने भी कभी ऐसा प्रदर्शन किया था। मैकॉलगन ने कहा, ‘यह इतना उतार-चढ़ाववाला साल रहा है लेकिन मुझे पता था कि मेरी फिटनेस अच्छी रही है। मेरे परिवार और दर्शकों ने मुझे भरपूर समर्थन दिया।’
बेपर्दा हुई रेसलर
वैसे डब्ल्यूडब्ल्यूई नूराकुश्ती के साथ साथ बहुत दिलचस्प होती है। इसके पहलवान भी सुर्खियां बटोरने के लिए कुछ भी करते हैं। महिला रेसलर तो ग्लैमर का जलवा बिखेरते हुए आए दिन सोशल मीडिया में छाई रहती हैं। अब देखिए एक रेसलर जो अभी नई नई है मगर एक मैगजीन के लिए बेपर्दा हो गई। डब्लयूडब्ल्यूई रैलर टोनी स्टॉर्म ने ओनलीफैंस  में शामिल होने के बाद बिकिनी और गीली टी शर्ट में सनसनीखेज फोटोशूट कर सबको चौंका दिया है। चर्चा में रहने में माहिर टोनी स्टॉर्म इस बार तो अपने प्रशंसकों को चौंकाने के लिए बेपर्दा तक हो गई हैं। २५ साल के डब्ल्यूडब्ल्यूई स्टार ने फिटनेस गल्र्स पत्रिका के कवर के लिए पोज दिया है जिसे देखकर उनके प्रशंसक बेहद खुश हैं। रेसलर ने मार्च में एईडब्ल्यू के लिए डेब्यू किया था और तब से शायद ही कभी पीछे मुड़कर देखा हो। फिटनेस गल्र्स के साथ चैट करते हुए टोनी स्टॉर्म ने पेशेवर कुश्ती में अपने सफर पर चर्चा भी की।
(लेखक सम सामयिक विषयों के टिप्पणीकर्ता हैं। ३ दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं व दूरदर्शन धारावाहिक तथा डाक्यूमेंट्री लेखन के साथ इनकी तमाम ऑडियो बुक्स भी रिलीज हो चुकी हैं।)

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