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आउट ऑफ पैवेलियन : गांजे की गंध

  • अमिताभ श्रीवास्तव

गांजे की गंध
ये एक मजेदार वाकया है और टेनिस की दुनिया से ही है। दरअसल गांजा पीने वाले अपने ही प्रशंसक से टेनिस खिलाड़ी को आपत्ति हुई और उसने अंपायर को इसकी शिकायत की। इस साल के आखिरी ग्रैंड स्लैम यूएस ओपन २०२२ में यह हुआ। जिसमें स्टार टेनिस खिलाड़ी निक किर्गियोस ने गांजा फूंकते हुए एक फैंस की शिकायत चेयर अंपायर से कर दी। दरअसल फ्रांस के बेंजामिन बोंजी के साथ मुकाबले के दौरान किर्गियोस को गांजे की तेज गंध की महक आई। इसके बाद उन्होंने चेयर अंपायर से शिकायत करते हुए कहा कि उन्हें उस गंध से परेशानी हो रही है। इसके बाद अंपायर ने स्टेडियम में मौजूद उस दर्शक को कड़ी चेतावनी दी कि वह स्मोकिंग न करें। यह पहली बार नहीं है जब किर्गियोस को पैंâस से परेशानी का सामना करना पड़ा है। किर्गियोस ने इसी साल विंबलडन में फाइनल मैच में एक महिला फैंस की शिकायत की थी। उन्होंने चेयर अंपायर से कहा था कि एक महिला फैन काफी नशे में और उन्हें बार-बार परेशान कर रही है। इसके बाद उन फैन को स्टेडियम से बाहर कर दिया गया था।
राहुल को पंत से खतरा
टीम इंडिया की हालत ऐसी है कि किसे टीम में रखें और किसे बैठाएं? इस वक्त जो खतरा केएल राहुल पर मंडरा रहा है वो यही कि उनकी जगह ऋषभ पंत को दी जा सकती है और ओपनिंग सूर्यकुमार से करवाई जा सकती है। भले ही यह एशिया कप में न हो मगर विश्वकप में ऐसा हो सकता है। पूर्व क्रिकेटर पार्थिव पटेल जैसे समीक्षकों का तो यही सोचना है। पार्थिव ने कहा, ‘ऋषभ पंत एक ऐसा खिलाड़ी है जिसे आपको किसी भी हाल में प्लेइंग इलेवन में रखना होगा। वह एक गेम चेंजर खिलाड़ी है। इसके अलावा वह बल्लेबाजी में बाएं और दाएं हाथ का वेरिएशन भी देते हैं। ऐसे में उन्हें जगह देने के लिए राहुल को बाहर किया जा सकता है। वहीं टीम में केएल राहुल की योग्यता पर भी कोई सवाल नहीं उठाए जा सकते हैं लेकिन टॉप ऑर्डर में उन्हें बाहर रख कर पंत जैसे खिलाड़ी को टीम में शामिल किया जा सकता है। राहुल की जगह सूर्यकुमार यादव जो भी ओपनिंग के लिए उतारा जा सकता है। विश्व कप को ध्यान में रखते हुए टीम इंडिया इस तरह का बदलाव कर सकती है।’
शाबाश शाकिब
एशिया कप में भले ही श्रीलंका ने बांग्लादेश को आखिरी ओवर में हरा दिया हो मगर उसके कप्तान शाकिब अल हसन ने जो रिकॉर्ड बनाया उसे तोड़ने के लिए क्रिकेटरों को पसीना छूट जाएगा। दुनिया में ऐसे दो ही खिलाड़ी हैं। एक वैâरेबियन ब्रावो और दूसरे बांग्लादेशी शाकिब। यही वजह है कि हार के बाद भी बांग्लादेश शाबाश शाकिब कह रहा है। बांग्लादेश के कप्तान शाकिब ने ये कारनामा कर दिया। एक ऑलराउंडर के रूप में शाकिब का करियर बहुत ही शानदार रहा है। बांग्लादेश क्रिकेट के लिए जो उन्होंने किया है वो हमेशा याद रखा जाएगा। अब टी-२० की एक बड़ी उपलब्धि उन्होंने हासिल कर ली है। टी-२० में उन्होंने अभी तक ३६९ मुकाबले खेले हैं। ६,००९ रन और ४१९ विकेट वो अभी तक ले चुके हैं। शाकिब अभी भी टी-२० में जबरदस्त प्रदर्शन कर रहे हैं। अव्वल नंबर पर हैं ब्रावो। ब्रावो ने ५४९ टी-२० मैच अभी तक खेले हैं। उन्होंने ६,८७१ रन बनाए हैं और ६०५ विकेट लिए हैं।
पिता का गुड टच या बैड टच?
टेनिस की दुनिया से एक ऐसी हरकत विवादों के घेरे में आ गई जिसने पिता-पुत्री के संबंधों पर ही निशाना साध लिया है। अधिकांश लोगों को असहज कर देनेवाला वाकया तब हुआ जब यूएस ओपन २०२२ में हिस्सा ले रही १६ वर्षीय सारा बेजलेक, जो चेक रिपब्लिक की हैं। क्वॉलिफाइंग मैच में ब्रिटेन की हीदर वाटसन को हराने के बाद अपने पिता के पास गई और पिता ने उन्हें गले लगाकर बधाई दी लेकिन इसके बाद जो हुआ वह सोशल मीडिया पर तूफान खड़ा करनेवाला था। सारा के पिता ने बेटी के लिप्स पर किस किया और उनकी कमर के निचले हिस्से पर हाथ रखा। वह जब कोच के पास पहुंचीं तो कोच ने लिप्स पर किस तो नहीं किया लेकिन उन्होंने भी सारा की कमर के निचले हिस्से पर हाथ रखा। यही हरकत विवाद बन गई। सारा ने कहा, ‘यह हो सकता है कि कुछ लोगों को असहज करनेवाला रहा हो, लेकिन अगर यह चेक रिपब्लिक में होता तो ऐसा नहीं होता। यह अमेरिका है। हमारे यहां यह नॉर्मल है। एक मेरे पिता हैं, दूसरे मेरे कोच, जो मुझे ८ वर्ष की उम्र से जानते हैं। हमने बात की है और अब कभी ऐसा नहीं होगा।’
(लेखक सम सामयिक विषयों के टिप्पणीकर्ता हैं। ३ दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं व दूरदर्शन धारावाहिक तथा डाक्यूमेंट्री लेखन के साथ इनकी तमाम ऑडियो बुक्स भी रिलीज हो चुकी हैं।)

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