मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पैवेलियन: टी-२० का हीरो वन डे में सुपर फ्लॉप

आउट ऑफ पैवेलियन: टी-२० का हीरो वन डे में सुपर फ्लॉप

अमिताभ श्रीवास्तव।  सिलेक्टर्स मौका देंगे ही। मजबूरी है। वो टी-२० में अद्भुत कौशल दिखा देता है तो लोगों का दबाव बढ़ जाता है कि वनडे में भी होना चाहिए। मगर वनडे में वो सुपर फ्लॉप है। जी हां, बात हो रही है सूर्यकुमार यादव की। वनडे सीरीज में सिर्फ सूर्या ही हैं जिनका बल्ला नहीं चला। पैंâस को उनसे काफी उम्मीदें थीं लेकिन वह एक भी मैच में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए। सूर्यकुमार टी-२० इंटरनेशनल क्रिकेट में ३ शतक लगा चुके हैं लेकिन वनडे में वह तिहरे अंक में एक बार भी नहीं पहुंच पाए हैं। सूर्यकुमार यादव ने अपने पिछले ४ वनडे मैचों में कुल ४९ रन बनाए हैं। वह श्रीलंका के खिलाफ तिरुवनंतपुरम में सीरीज के तीसरे वनडे में खेले लेकिन ४ ही रन बना पाए थे। फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ हैदराबाद में खेले गए सीरीज के शुरुआती वनडे मैच में उनके बल्ले से ३१ रन निकले। रायपुर में पिछले मैच में उन्हें बल्लेबाजी नहीं मिली और अब इंदौर वनडे में वह ९ गेंदों पर १४ रन बनाकर आउट हो गए। उन्होंने इस दौरान २ छक्के जमाए। अब टीम इंडिया को जान लेना चाहिए सूर्या के उपयोग का।

सुंदर का बदसूरत हुआ करियर
जी हां, बदसूरत ही हो गया है करियर क्योंकि अब नहीं लगता कि उन्हें टीम में लिया जाएगा। यह बहुत अच्छा मौका था मगर मौका भुना नहीं पाए वाशिंगटन सुंदर। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में इस खिलाड़ी का प्रदर्शन बेहद घटिया रहा है। बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी इस खिलाड़ी ने अपने फ्लॉप प्रदर्शन से टीम इंडिया को ही मुश्किल में डालने का काम किया है। ऑफ स्पिन ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर ने न्यूजीलैंड के खिलाफ इस सीरीज में ३ वनडे मैच खेले, जिसमें उन्होंने गेंदबाजी में घटिया प्रदर्शन करते हुए सिर्फ २ विकेट ही निकाले वो भी बेतहाशा रन लुटाने के बाद। बल्ले से भी वॉशिंगटन सुंदर कुछ खास नहीं कर पाए और ३ वनडे मैचों में केवल २१ रन ही बनाए। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में ही इस खराब प्रदर्शन के बाद अब वॉशिंगटन सुंदर का वनडे करियर लगभग खत्म हो गया है। टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा अब पूरी तरह फिट हो चुके हैं और वह जब मार्च में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम इंडिया में वापसी करेंगे तो वॉशिंगटन सुंदर को वनडे टीम से बाहर होना पड़ेगा।

‘कुलचा’ की सफल वापसी
और यह वापसी बेहतरीन रही। ‘कुलचा’ की सफल वापसी से दिल बाग बाग है बोर्ड का। बीते १८ महीनों से तो कुलदीप और चहल की जोड़ी टूटी हुई थी ही। जून २०१९ के बाद भी केवल ये तीसरा मौका था, जब कुलचा साथ में मैदान पर उतरी थी। इससे पहले टीम इंडिया में साथ में होने के बाद भी ये दोनों प्लेइंग इलेवन में एक साथ नहीं खेलते। कभी चहल को मौका मिलता तो कुलदीप को नहीं। वहीं कुलदीप को मौका मिलता तो चहल को नहीं। लेकिन, इंदौर में ऐसा नहीं हुआ। न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे में दोनों साथ उतरे, साथ खेले और साथ में रंग भी जमाते दिखे। इंदौर में ‘कुलचा’ का जलवा पहली बार तब दिखा जब हेनरी निकल्स और डेवन कॉनवे के बीच हुई शतकीय साझेदारी ने कप्तान रोहित शर्मा को टेंशन में डाल दिया था। ऐसे में कप्तान रोहित ने बड़े भरोसे के साथ गेंद कुलदीप को थमाई और कुलदीप इस भरोसे पर खरे उतरे। उन्होंने अटैक पर आते ही हेनरी निकल्स को आउट कर ये साझेदारी तोड़ दी। कुलदीप ने माइकल ब्रेसवेल को आउट किया। इसके बाद उन्होंने लॉकी फर्ग्यूसन को आउट किया। चहल का भी जोश जाग उठा। उन्होंने न्यूजीलैंड के किले में आखिरी कील ठोकने का काम किया। चहल ने जैकब डफी और मिचेल सैंटनर को आउट किया और इसी के साथ मैच भी खत्म हो गया।

साले ने की जीजा की पिटाई
न न यह कोई आम खबर नहीं है कि साले ने जीजा को मारा-पीटा हो बल्कि यह है खेल के मैदान की बात, जहां साले ने अपनी टीम के लिए विरोधी टीम में खेल रहे जीजा की गेंदबाजी की धुनाई कर दी। वर्तमान में खेले जा रहे एसए-२० लीग में खेले गए साउथ अप्रâीका के बेहतरीन खिलाड़ी फाफ डू प्लेसी ने धमाकेदार पारी खेलते हुए शतक जड़ दिया। जोबर्ग सुपर किंग्स और डरबन सुपर जायंट्स के बीच खेले गए इस मुकाबले में फाफ डू प्लेसी जोबर्ग की तरफ से खेल रहे थे और उनकी विरोधी टीम में एक ऐसा खिलाड़ी खेल रहा था जो रिश्ते में उनका जीजा लगता है। ३८ साल के इस बल्लेबाज ने ५४ गेंदों पर ताबड़तोड़ सेंचुरी ठोक डाली। इस दौरान उन्होंने ८ चौके और ८ छक्के की मदद से ५८ गेंदों पर ११३ रन बनाए। फाफ ने अपने जीजा हार्डस विल्जोन की गेंदों की जमकर धुनाई की। हार्डस विल्जोन की शादी डुप्लेसी की बहन से हुई है। ऐसे में वो हार्डस विल्जोन के साले लगते हैं। मैच के दौरान हार्डस विल्जोन की गेंद पर फाफ ने २५० की स्ट्राइक रेट से रन बनाए। फाफ ने हार्डस विल्जोन की १४ गेंदों पर ३६ रन बना डाले।

(लेखक सम सामयिक विषयों के टिप्पणीकर्ता हैं। ३ दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं व दूरदर्शन धारावाहिक तथा डाक्यूमेंट्री लेखन के साथ इनकी तमाम ऑडियो बुक्स भी रिलीज हो चुकी हैं।)

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