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आउट ऑफ पैवेलियन : शेयर कर वीरू शिकार

  • अमिताभ श्रीवास्तव

शेयर कर वीरू शिकार
अभी कॉमनवेल्थ गेम्स शुरू हुए दो दिन बीते थे कि हिमा दास के एक वीडियो ने देश में हलचल पैदा कर दी। ४०० मीटर की रेस में हिमा ने स्वर्ण पदक जीता और दौड़ का वीडियो तेजी से वायरल हो गया। इस वायरल वीडियो के बीच क्रिकेटर रहे वीरेंद्र सहवाग ने भी शेयर करते हुए बधाई दे डाली, मगर असलियत में ये वीडियो भ्रामक निकला। `पिगासस’ नाम के हैंडल से ट्विटर पर डाले गए इस वीडियो में दावा किया गया है कि हिमा दास ने बर्मिंघम में राष्ट्रमंडल खेलों में ४०० मीटर का स्वर्ण पदक जीता। यह वीडियो २०१८ में फिनलैंड के टेंपेयर में हुई अंडर-२० विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप का है, जब असम की यह धाविका चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली हिंदुस्थानी बनी थीं। इस भ्रामक वीडियो का शिकार सहवाग भी हो गए और उन्होंने ट्वीट कर दिया कि इस स्टार धाविका ने राष्ट्रमंडल खेलों की ४०० मीटर स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता है। इस गलत जानकारी के बारे में जब सहवाग को बताया गया तो उन्होंने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया।
लेडी बाहुबली
कॉमनवेल्थ गेम्स लेडी बाहुबली यानी मीराबाई चानू के लिए आसान लक्ष्य था, क्योंकि टोक्यो ओलिंपिक की सिल्वर मेडल विजेता चानू को यहां वैसी चुनौती नहीं मिलने वाली थी, जो ओलिंपिक में होती है। चानू ये जानती थीं और इसी वजह से वो यहां अपना रिकॉर्ड बनाने के उद्देश्य से आई थीं। ये कितना गौरवमयी क्षण है हिंदुस्थान के लिए कि वेटलिफ्टिंग में आज उसके पास चानू जैसी बाहुबली है, जिससे दुनिया घबराती है। एशिया में तो उसके आगे कोई टिक ही नहीं पाता। स्वर्ण पदक जीतकर देश को इन गेम्स में सुनहरा बनाने वाली चानू ने कहा कि मुझे पता था कि कॉमनवेल्थ खेलों में प्रतिस्पर्धा अपेक्षाकृत आसान होगी इसलिए मैं खुद से प्रतिस्पर्धा करना चाहती थी। मैं अपने प्रदर्शन में सुधार करना चाहती थी और मैं अपने प्रयास से खुश हूं। मीराबाई ने कुल २०१ किग्रा (८८ किग्रा और ११३ किग्रा) वजन उठाकर कॉमनवेल्थ खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया। चानू ने स्नैच वर्ग में राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप और कॉमनवेल्थ खेलों का रिकॉर्ड तोड़ा।

वेट पर लटके चार मेडल
दूसरा दिन। कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग इवेंट और हिंदुस्थान के लिए ये दिन खत्म होते-होते चार मेडल दे गया। एक शानदार दिन, जिसमें स्वर्ण से लेकर कांस्य तक मेडल लटके मिले। इस दिन हिंदुुस्थान ने सिल्वर मेडल के साथ दूसरे दिन का अंत किया। पहले तीन मेडल की तरह चौथा भी वेटलिफ्टिंग में आया। बिंदिया रानी देवी ने महिलाओं की ५५ किग्रा कैटेगरी में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इससे पहले मीराबाई चानू ने गोल्ड, गुरुराज पुजारी ने ब्रॉन्ज और संकेत सरगर ने हिंदुस्थान को सिल्वर मेडल दिलाया था। इस तरह इस एक दिन में कुल चार मेडल हो गए हैं। बिंदिया रानी देवी ने स्नैच में ८६ किलो का वजन उठाया। स्नैच के बाद वह तीसरे नंबर पर थीं लेकिन क्लीन एंड जर्क में उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्डतोड़ वजन उठाया। उन्होंने ११६ किलो का भार उठाया और सिल्वर मेडल जीत लिया। उन्होंने कुल २०२ किग्रा का वजन उठाया। चानू की तरह बिंदिया रानी भी मणिपुर की रहने वाली हैं। उन्होंने २०२१ संस्करण में रजत प्राप्त करने से पहले २०१९ में राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप का स्वर्ण जीता था। एक किसान की बेटी, जो किराने की दुकान की भी मालिक हैं, बिंदिया रानी ने अपनी छोटी लंबाई के कारण भारोत्तोलन शुरू किया था।
किस सोच में हैं सिलेक्टर?
पता नहीं क्या सोच रहे हैं सिलेक्टर? टीम इंडिया के दोयम दर्जे की टीम चयन कर और बार-बार विराट कोहली, रोहित शर्मा तथा बुमराह जैसे खिलाडियों को आराम देकर। वो क्या विश्वकप के लिए टीम बना रहे हैं या दाल में कुछ काला है? ये प्रश्न तब उठ खड़े हुए, जब जिम्बाब्वे दौरे के लिए भी विराट कोहली सहित रोहित और बुमराह को आराम दिया गया है और कप्तानी का भार शिखर धवन के कंधों पर दिया गया है। चयनकर्ता या तो वेस्टइंडीज, श्रीलंका, जिम्बाब्वे को कोई तरजीह नहीं देते या फिर वो इन दिग्गज खिलाड़ियों के आगे नतमस्तक हैं? कि जब वे चाहेंगे तब खेलेंगे और जब नहीं चाहेंगे तब उन्हें आराम दिया जाएगा। कोहली की बात तो समझ में आती है कि वो फ्लॉप साबित हो रहे हैं, मगर रोहित और बुमराह को आराम देना समझ से बाहर है। हालांकि विराट कोहली को इस दौरे के लिए हिंदुस्थानी टीम में शामिल किए जाने की चर्चा थी लेकिन सिलेक्टर्स ने उन्हें आराम देना उचित समझा। इस बारे में बीसीसीआई की ओर से कोई बयान जारी नहीं किया गया है।

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