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आउट ऑफ पैवेलियन : इस माफी से क्या होगा?

  • अमिताभ श्रीवास्तव
  • इस माफी से क्या होगा?
    पहले धोखा अब माफी। इस माफी से क्या होगा जब तक की एक बार फिर शूटआउट न करवाया जाए। क्या होगा कहने से कि हम आगे ध्यान रखेंगे। एक टीम मेहनत और जूझते हुए आगे बढ़ती है उसे यदि अपनी जालसाजी से हरवा दिया जाए, इससे बड़ा अपराध और क्या होगा। अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) ने कॉमनवेल्थ गेम्स में हिंदुस्थानी महिला टीम की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में हार के दौरान घड़ी से जुड़े विवाद पर माफी मांगी है। इसके साथ ही एफआईएच ने घटना की पूरी समीक्षा करने की बात कही है। पेनॉल्टी शूटआउट के दौरान अपना पहला प्रयास चूकनेवाली ऑस्ट्रेलिया की रोजी मेलोन को एक और मौका दिया गया क्योंकि स्कोरबोर्ड पर आठ सेकंड की उलटी गिनती शुरू नहीं हुई थी। मेलोन दूसरा मौका मिलने पर नहीं चुकी और उन्होंने अपनी टीम को बढ़त दिला दी थी।
  • ०.०१सेकंड क्या होता है?
    ०.०१ सेकंड क्या होता है ये देखना है तो हिमा दास की दौड़ देखो। इसका दुःख क्या होता है तो हिमा के मनोभाव पढ़ो। यही तो इस दौड़ का कमाल है कि यहां रत्तीभर के समय से भी जीत और हार हो जाती है। अब देखिए न हमारे देश की स्टार फर्राटा धाविका हिमा दास कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं की २०० मीटर स्पर्धा के फाइनल में सिर्फ ०.०१ सेकंड के अंतर से नहीं पहुंच सकीं। २२ साल की हिमा दास दूसरे सेमीफाइनल में २३.४२ सेकंड का समय निकालकर तीसरे स्थान पर रहीं। हिमा नामीबिया की क्रिस्टीन एमबोमा और ऑस्ट्रेलिया की एला कोनोली से पिछड़ गईं , जिन्होंने इस हीट से क्वालीफाई किया है। महिलाओं के २०० मीटर वर्ग में तीन सेमीफाइनल हीट थी, जिनमें से शीर्ष दो और अगली दो सबसे तेज धाविकाओं ने फाइनल में जगह बनाई। हिमा गुरुवार को अपनी हीट में टॉप पर रहकर सेमीफाइनल में पहुंची थीं।
  • ये तो धोखा है?
    बर्मिंघम में कॉमनवेल्थ गेम्स चल रहे हैं। हिंदुस्थान यहां कड़ा प्रतियोगी है और उसने २६ से अधिक पदक जीत लिए हैं। अंग्रेज देश में हिंदुस्थान  के साथ धोखे का अंदेशा न हो ऐसा कैसे हो सकता है। लॉन्ग जंपर मुरली श्रीशंकर की जंप को जैसे नए नियमों की भेंट चढ़ा दिया गया और गोल्ड से दूर कर दिया, अब ऐसा ही कुछ विवाद महिला हॉकी टीम के साथ भी देखा जा रहा है। कॉमनवेल्थ गेम्स के आठवें दिन हिंदुस्थानी महिला हॉकी टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विवादास्पद पेनाल्टी शूटआउट में ०-३ से हार का सामना करना पड़ा। सेमीफाइनल में मिली इस हार के कारण अब हिंदुस्थान  की टीम गोल्ड और सिल्वर मेडल की रेस से बाहर हो गई है। वहीं टीम इंडिया ब्रॉन्ज मेडल के लिए न्यूजीलैंड से भिड़ेगी। हालांकि बेशक हिंदुस्थान को अंपायर के गलत निर्णय का खामियाजा भुगतना पड़ा लेकिन टीम की कप्तान सविता पूनिया ने मैच के बाद दिल जीत लिया। गोल्ड और सिल्वर की रेस से बाहर होने के बाद सविता निराश जरूर हैं लेकिन वह ब्रॉन्ज मेडल के लिए अब टीम को तैयार कर रही हैं।
  • बदल गए पुजारा
    पुजारा को अचानक क्या हो गया? एकदम से बदल गए। टेस्ट खिलाड़ी की जगह अब कि फटाफट क्रिकेट में जलवे बिखेर कर चेतेश्वर पुजारा शायद नया इतिहास लिखने के मूड में हैं। पुजारा ने जहां काउंटी क्रिकेट में अपनी बल्लेबाजी का जलवा दिखाकर धमाल मचाया तो अब उन्होंने रॉयल लंदन वनडे कप में ससेक्स की टीम की ओर से कप्तानी करते हुए वनडे मैच में अर्धशतकीय पारी खेलकर हर किसी को हैरान कर दिया। पुजारा ने ग्लूस्टरशायर के खिलाफ ५ अगस्त को खेले गए मैच में ७१ गेंद पर ६३ रन की पारी खेली, जिसमें उन्होंने ४ चौके लगाए। पुजारा ससेक्स की टीम की कप्तानी भी कर रहे हैं। अपनी ६३ रन की पारी में उन्होंने बड़ी तेजी से रन बनाने का काम किया। एक तरफ जहां पुजारा को टेस्ट बल्लेबाज के तौर पर जाना जाता है लेकिन यहां इस टूर्नामेंट में पुजारा ने चमत्कार करते हुए तूफानी बल्लेबाजी कर फैंस को चौंका दिया। भले ही पुजारा को ६३ रन बनाने में ७३ गेंद लेने पड़े लेकिन इस दौरान उन्होंने अपनी बल्लेबाजी के दौरान कई ऐसे शॉट मारे, जिसने यकीनन हर क्रिकेट पैंâस का दिल जीत लिया।
  • (लेखक सम सामयिक विषयों के टिप्पणीकर्ता हैं। ३ दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं व दूरदर्शन धारावाहिक तथा डाक्यूमेंट्री लेखन के साथ इनकी तमाम ऑडियो बुक्स भी रिलीज हो चुकी हैं।)

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