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आउट ऑफ पैवेलियन : झाड़ू से गोल्ड तक

  • अमिताभ श्रीवास्तव

झाड़ू से गोल्ड तक
ये देश जांबाजों का है। संघर्ष कर महान बनने का है। तभी तो ऐसे उदाहरण देखने को मिलते हैं जो प्रेरणा बनकर युवाओं पर छा जाते हैं। अब देखिए न जेरेमी लालरुनिंगा ने जब वेटलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीता तो उनके बारे में पहली बार लोगों ने जाना कि वो कौन हैं? क्या करते थे? १९ वर्षीय यह युवा अचानक देश की सनसनी बन गया। क्या आप जानते हैं। गोल्ड तक का सफर कैसे हुआ? जेरेमी बचपन में बांस की गठरी से अभ्यास करते थे। वो ५ भाइयों में तीसरे नंबर पर हैं। चारों भाइयों ने हमेशा जेरेमी को खेल में पूरा समर्थन दिया। जेरेमी के पिता लालररुिंनगा स्टेट और नेशनल लेवल पर बॉक्सिंग में मेडल जीत चुके हैं। हालात बेहतर न होने के कारण लालररुिंनगा को पीडब्ल्यूडी के सड़क निर्माण में झाड़ू मारने की नौकरी करने पड़ी यानी झाड़ू से गोल्ड तक का सफर जेरेमी ने तय किया। जेरेमी मिजोरम की राजधानी आइजोल के रहनेवाले हैं। उन्होंने एनआईएस पटियाला से ट्रेनिंग ली है। वेटलिफ्टर जेरेमी ने मुकाबले के दौरान चोटिल होने के बावजूद हार नहीं मानी और ​​​​​​सुनहरी कामयाबी हासिल की।
कोहली क्लब में स्मृति
क्रिकेट सुंदरी और ओपनिंग बल्लेबाज स्मृति मंधाना विराट कोहली के क्लब में शामिल हो गई हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स २०२२ में पाकिस्तान के खिलाफ ६३ रनों की आकर्षक पारी खेलनेवाली स्मृति ने सबका दिल जीत लिया। पाकिस्तान द्वारा मिले १०० रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए मंधाना ने ४२ गेंदों पर ८ चौकों और ३ छक्कों की मदद से यह शानदार पारी खेली। मंधाना इस इनिंग के बाद विराट कोहली के खास क्लब में शामिल हो गई हैं। मंधाना इस पारी के दम पर लक्ष्य का पीछा करते हुए १००० रन बनानेवाली पहली हिंदुस्थानी महिला खिलाड़ी बन गई हैं, वहीं पुरुषों में यह रिकॉर्ड पूर्व कप्तान और रन मशीन के नाम से मशहूर विराट कोहली के नाम है। कोहली और मंधाना में एक समानता है कि दोनों ही खिलाड़ी १८ नंबर की जर्सी पहनते हैं। मंधाना के इस कारनामे के बाद उन्हें महिला क्रिकेट का चेज मास्टर कहा जा रहा है।
ईयर रिंग  का रहस्य
देश को पहला गोल्ड दिलवानेवाली मीराबाई चानू की ईयर रिंग की खूब चर्चा हो रही। आखिर इसका रहस्य क्या है। दरअसल, सुपरस्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में जो ईयर रिंग पहनी थी, वो ओलिंपिक के ५ छल्लों की थी। मगर इसका कॉमनवेल्थ में क्या उपयोग? यही तो चर्चा का विषय था जिस पर से चानू ने ही पर्दा हटाया और कहा कि वो मम्मी की दी हुई ओलिंपिक ईयर रिंग पहनकर प्रतिस्पर्धा कर रही थीं। २०२१ टोक्यो ओलिंपिक में जब उन्होंने रजत पदक जीता था तो उस समय सभी की नजरें उनकी ईयर रिंग पर पड़ी थी। तब चानू से इस रिंग के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने कहा मम्मी ने दी थी। वह कॉमनवेल्थ में भी यह ईयर रिंग  पहनी हुई थीं। इस पर चानू ने कहा, ‘सभी को पता है कि मुझे यह ईयर रिंग  मम्मी ने दी है। मम्मी चाहती हैं कि मैं इसे हर प्रतियोगिता में पहनूं इसलिए मैं इन्हें पहनकर प्रतिस्पर्धा कर रही थी।’ चानू का लक्ष्य स्नैच में ९० का है।
हरमन ने धोनी को पछाड़ा
पाकिस्तान को धूल चटानेवाली टीम इंडिया की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने महेंद्र सिंह धोनी तक को पछाड़ दिया है। हालांकि उनकी बल्लेबाजी आने से पहले ही टीम ने पाकिस्तान की टीम को चकनाचूर कर दिया। बावजूद इसके हरमनप्रीत कौर ने धोनी को पीछे छोड़ते हुए कप्तान के रूप में सबसे अधिक टी-२० आई जीत दर्ज की। कप्तान के रूप में ७१ मैचों में हरमनप्रीत ने ४२ जीत और २६ हार का सामना किया है जबकि तीन में कोई नतीजा नहीं निकला है। दूसरी ओर, धोनी ने ७२ मैचों में नेतृत्व किया, जिसमें ४१ जीत और २८ हार का सामना करना पड़ा। एक मैच टाई के रूप में समाप्त हुआ जबकि धोनी की कप्तानी में अन्य दो मुकाबलों का कोई नतीजा नहीं निकला। विराट कोहली ने ५० टी-२० आई में देश का नेतृत्व किया, ३० जीते और १६ हारे। दो मैच टाई के रूप में समाप्त हुए जबकि अन्य दो का कोई परिणाम नहीं निकला।

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