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आउट ऑफ पैवेलियन: फीफा ने फुस्स की फुटबॉल

  • अमिताभ श्रीवास्तव

फीफा ने फुस्स की फुटबॉल
यह हिंदुस्थानी फुटबॉल के लिए काला दिन माना जाएगा। ऐसा पहली बार हुआ कि फीफा ने उसे बैन कर दिया है। अब आसन्न अंडर१७ महिला विश्वकप की मेजबानी भी छीन ली गई है। कुल मिलाकर फीफा ने हिंदुस्थानी फुटबॉल की हवा निकाल दी है। फीफा ने तीसरे पक्ष द्वारा गैर जरूरी दखल का हवाला देकर यह कड़ा फैसला  लिया। फीफा ने कहा है कि निलंबन तुरंत प्रभाव से लागू होगा । फीफा ने एक बयान में कहा,‘ यह निलंबन तभी हटेगा जब तक एआईएफएफ यानी अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ अपनी कार्यकारी समिति की घोषणा नहीं कर देता। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद देश में फुटबॉल का कामकाज प्रशासकों की समिति यानी सीओए देख रही है। फीफा देश के खेल मंत्रालय से लगातार संपर्क में है और सकारात्मक नतीजे तक पहुंचने की उम्मीद है।
वो देसी डिविलियर्स है
एबी डिविलियर्स दक्षिण अफ्रीका  के बल्लेबाज रहे हैं मगर पूरे क्रिकेट जगत में उनके धमाकेदार खेल का परचम लहराता है। संन्यास के बाद भी क्रिकेट में डिविलियर्स की तूती बोलती है। क्रिकेट जगत को अब तक डिविलियर्स जैसा कोई बल्लेबाज नहीं मिला है मगर ऐसा भी नहीं है क्योंकि एक देसी डिविलियर्स तहलका मचा रहा है और उम्मीद है कि भविष्य में भी मचाता रहेगा। ये हम नहीं कह रहे बल्कि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर तथा वर्तमान में समीक्षक रिकी पोंटिंग का कहना है। ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज रिकी पोंटिंग ने िंहदुस्थान के विस्फोटक बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव की तारीफ की है। पोंटिंग ने सूर्यकुमार की तुलना एबी डिविलियर्स से की है और कहा है कि उनके पास भी दक्षिण अफ्रीका  के महान खिलाड़ी की तरह मैदान में चारों तरफ शॉट मारने की क्षमता है। पोंटिंग ने कहा है कि सूर्यकुमार को टी-२० वल्र्ड कप में टीम इंडिया के लिए चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करनी चाहिए।
सुंदर की खराब किस्मत
यह किसी के नाम का ठीक उलट है। नाम सुंदर मगर किस्मत खराब। जी हां, वाशिंगटन सुंदर की किस्मत ही खराब चल रही है। अब देखिए न, जैसे-तैसे ठीक होकर टीम में शामिल हुए थे बिना खेले ही फिर बाहर हो गए। यानी अब टीम इंडिया के ऑफ स्पिनर वॉशिंगटन सुंदर की इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी में और देरी होगी। इंग्लैंड काउंटी टीम लंकाशायर के लिए रॉयल लंदन वनडे कप में खेलने के दौरान उनके बायें कंधे की चोट लगी थी। इस चोट की वजह से वह िंजबाब्वे के खिलाफ १८ अगस्त से शुरू होनेवाली तीन मैचों की वनडे सीरीज में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। वॉशिंगटन सुंदर करीब १२ महीने से अलग-अलग समस्या की वजह से टीम से कई बार बाहर हो चुके हैं। वे जनवरी में कोरोना संक्रमित भी पाए गए थे। उनके चोटिल होने की शुरुआत जुलाई २०२१ में शुरू हुई थी। उन्होंने अभी तक टीम इंडिया के लिए ४ टेस्ट, ४ वनडे और ३१ टी-२० खेले हैं।
क्या ओलिम्पिक में खिलेगा कमल?
न न ये किसी पार्टी के चुनाव चिह्न कमल की बात नहीं हो रही बल्कि अपने देश के सबसे उम्रदराज खिलाड़ी अचंता शरत कमल की हो रही है। दरअसल, कमल उम्र के साथ प्रदर्शन के मामले में और निखरते जा रहे हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स इसका उदाहरण है जहां गोल्ड मेडल जीत कर लाए। ऐसे महान टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंता शरत कमल खेल को अलविदा कहने से पहले ओलिंपिक पदक जीतना चाहते हैं। क्या संभव होगा? वैसे तो बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में शानदार प्रदर्शन ने उनका हौसला बुलंद कर दिया है। मगर अभी डगर कठिन है। शरत ने कहा, ‘मैं हमेशा अपने शरीर और दिमाग को फिट रखना चाहता हूं क्योंकि युवाओं में काफी फुर्ती है और मुझे उनसे मुकाबला करना है। पदक जीतने की भूख अभी भी है। मैं हमेशा बेहतर प्रदर्शन करना चाहता हूं। अभी दो साल के बारे में सोच रहा हूं। पेरिस ओलिंपिक में हम टीम स्पर्धा के लिए क्वालिफाई करके पदक जीत सकते हैं।’
(लेखक सम सामयिक विषयों के टिप्पणीकर्ता हैं। ३ दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं व दूरदर्शन धारावाहिक तथा डाक्यूमेंट्री लेखन के साथ इनकी तमाम ऑडियो बुक्स भी रिलीज हो चुकी हैं।)

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