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आउट ऑफ पैवेलियन : सुले को सुला दिया

  • अमिताभ श्रीवास्तव

सुले को सुला दिया
पेशेवर मुक्केबाजी के एकमात्र हिंदुस्थानी सिकंदर  का विजयी रथ दौड़ रहा है। करीब १९ महीने बाद वापसी कर रहे देश के मुक्केबाज और ओलिंपिक कांस्य पदक विजेता विजेंदर सिंह ने रायपुर में हुए मुक्केबाजी मुकाबले ‘द जंगल रंबल’ में घाना के मुक्केबाज एलियासु सुले को दूसरे ही राउंड में चित कर दिया। यानी सुले को सुला दिया। बलबीर सिंह जुनेजा स्टेडियम में हुए इस मुकाबले के दौरान सुले विजेंदर के मजबूत पंच के आगे नहीं टिक पाए। विजेंदर ने हिंदुस्थान के लिए बॉक्सिंग करते हुए ओलिंपिक के अलावा कॉमनवेल्थ गेम्स में भी मेडल जीते हैं। उन्हें २००८ बीजिंग ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल मिला था। जबकि विश्व चैंपियनशिप में भी वे ब्रॉन्ज जीतने में सफल रहे थे। वे पेशेवर मुक्केबाजी में १४ बार लड़ चुके हैं और १३ बार जीते तथा एक मुकाबला रूस के मुक्केबाज अर्टिश लोप्सन से हारे हैं। यानी १३-१ से उनका रिकॉर्ड तिरंगा लहरा रहा है।
स्क्वैश हुआ शार्टलिस्ट
यह अच्छी खबर है हिंदुस्थान के लिहाज से क्योंकि ओिंलपिक में इस खेल के जरिए पदक की उम्मीद बढ़ जाती है। जी हां, अब तक ओलिंपिक में स्क्वैश को शामिल नहीं किया गया है और इस बार स्क्वैश को शार्टलिस्ट में रखा है। २०२८ ओलिंपिक के लिए इस खेल को शॉर्टलिस्ट कर लिया गया है। इसके बारे में खुद हिंदुस्थान के स्क्वैश खिलाड़ी सौरव घोषाल ने बताया कि लॉस एंजेलिस में होनेवाले ओलिंपिक में इस खेल को शार्टलिस्ट कर लिया गया है। सौरव ने कॉमनवेल्थ २०२२ गेम्स में सिंगल्स और मिक्स्ड डबल्स में इस बार देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीता था। स्क्वैश अंतर्राष्ट्रीय ओलिंपिक समिति द्वारा मान्यता प्राप्त तो है लेकिन अभी भी यह ओलिंपिक का हिस्सा नहीं है, क्योंकि दर्शकों के लिए खेल को देखना मुश्किल होगा, खासकर टेलीविजन के माध्यम से। घोषाल ने कहा, ‘स्क्वैश २०२८ ओलिंपिक के लिए शॉर्टलिस्ट में है। विश्व स्क्वैश फेडरेशन, यूएसए स्क्वैश एसोसिएशन और पीएसए अंतर्राष्ट्रीय ओलिंपिक समिति को यह दिखाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं कि स्क्वैश खेल क्या है और यह ओिंलपिक के लायक क्यों हैं।’
बच्ची से हारी सेरेना
वो २१ साल छोटी है। जी हां, सेरेना विलियम्स ४० साल की हो गई हैं। जब उसने अपने करियर का पहला खिताब जीता था तो वो पैदा भी नहीं हुई थी। आज उसने सेरेना को मात दी। सिनसिनाटी मास्टर्स में आखिरी बार खेल रहीं ४० साल की सेरेना विलियम्स को १९ साल की ब्रिटेन की एमा राडुकानू ने लगातार सेट्स में ६-४, ६-० से हराया। दोनों खिलाड़ियों के बीच एक घंटे पांच मिनट तक मुकाबला चला। जो लोग सेरेना को उनके अच्छे दौर के लिए याद करते हैं, उनके लिए पहले दौर में सेरेना का बाहर होना दुखद है। वैसे सेरेना हाल के सालों में अपने से छोटी उम्र की खिलाड़ियों से हार झेल रही हैं। सिनसिनाटी से पहले टोरंटो ओपन में दूसरे राउंड में अपने से १५ साल छोटी, २५ साल की बेलिंडा बेनकिच से हार गई थीं। इसी तरह विंबलडन २०२२ में २४ साल की हारमनी टैन से, जबकि २०२१ विंबलडन में २८ साल की एलेक्सांड्रा सासनोविच के खिलाफ बीच मैच में रिटायर्ड हर्ट होकर बाहर हो गई थीं। २०२१ से अभी तक के कुल १० मैचों में से उन्हें छह में हार झेलनी पड़ी है।
आयरलैंड ने किया अफगानी शिकार
क्रिकेट में छोटे और नए देश आकर हलचल मचाने लगे हैं। अफगानिस्तान की टीम ने विश्व क्रिकेट में अपनी पैठ जमाकर मजबूती दर्शाई है अब आयरलैंड ने अफगानी शिकार करके क्रिकेट में अपने अस्तित्व को बखूबी दर्शाया है। पिछले कुछ महीनों में बड़ी टीमों के खिलाफ दमदार खेल दिखानेवाली आयरलैंड की टीम ने अफगानिस्तान के खिलाफ टी-२० सीरीज में जीत हासिल की। बारिश से बाधित मुकाबले में ७ विकेट की जीत हासिल करने के साथ ही मेजबान ने सीरीज अपने नाम करने में कामयाबी पाई। पहले बल्लेबाजी करते हुए अफगानिस्तान ने १५ ओवर में ५ विकेट पर ९५ रन बनाए थे। आयरलैंड के लिए ७ ओवर में ५६ रन का संशोधित लक्ष्य रखा गया था। दो गेंद शेष रहते हुए टीम ने ३ विकेट के नुकसान पर इसे हासिल किया। आयरलैंड की टीम ने पहले हिंदुस्थान और फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने घर पर शानदार प्रदर्शन कर सबका दिल जीता। अब आयरलैंड के खिलाफ ५ मैचों की टी-२० सीरीज में ३-२ की जीत हासिल की है।
(लेखक सम सामयिक विषयों के टिप्पणीकर्ता हैं। ३ दशकों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं व दूरदर्शन धारावाहिक तथा डाक्यूमेंट्री लेखन के साथ इनकी तमाम ऑडियो बुक्स भी रिलीज हो चुकी हैं।)

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