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भिवंडी में आई फ्लू का प्रकोप, हर घर में निकल रहे हैं मरीज

• मनपा स्वास्थ्य विभाग के पास मरीजों का नहीं है कोई रिकार्ड और न ही इलाज की कोई व्यवस्था
सामना संवाददाता / भिवंडी
बरसात के मौसम में कई सारी बीमारियों और संक्रमणों का खतरा बढ़ जाता है। बीते कुछ दिनों से मजदूर बाहुल्य भिवंडी में लगातार आई फ्लू और हेपेटाइटिस के मामले बढ़ रहे हैं। नतीजा यह है कि यहां हर घर में इस बीमारी के मरीज हैं, लेकिन इसके इलाज के लिए न तो मनपा के पास आई स्पेशलिस्ट डॉक्टर हैं और न ही इसे रोकने की मनपा प्रशासन के पास कोई समुचित व्यवस्था है। हैरत की बात यह है कि मनपा प्रशासन के पास शहर में इसके मरीजों का कोई रिकाॅर्ड भी नहीं है। बढ़ती बीमारी ने आम लोगों में भय पैदा कर दिया है।

शहर के आई स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का कहना है कि उनके पास इस समय ज्यादा मरीज आई फ्लू के आ रहे हैं। उनका कहना है कि जिस घर में इस बीमारी का एक पेसेंट हो जाता है, उस घर में पूरा परिवार एक-एक कर संक्रमित हो रहा है। हालांकि, अन्य फिजिशियन व सर्जनों का कहना है कि उनके पास भी ३० फीसदी पेसेंट आई फ्लू के आ रहे हैं, जिन्हें आई ड्रॉप द्वारा ठीक किया जा रहा। इधर मरीजों का कहना है कि मनपा प्रशासन के पास इस बीमारी के इलाज की कोई व्यवस्था न होने के कारण उन्हें मजबूरन इलाज के लिए निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ रहा है। शहर में तेज से आई फ्लू बढ़ रहा है। यहां हर घर में इस बीमारी से संक्रमित मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं।

इधर मनपा स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, भिवंडी मनपा के १५ स्वास्थ्य केंद्रों पर आई फ्लू के मरीजों के इलाज की व्यवस्था है। इतना ही नहीं इन स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से जहां मरीज मिल रहे हैं उस क्षेत्र का सर्वे कराया जा रहा है। इतना ही नहीं स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि उन्होंने शहर के सभी आई स्पेशलिस्ट हॉस्पिटलों को पत्र देकर उनके यहां आने वाले इस बीमारी से पीड़ित मरीजों की जानकारी देने को कहा गया है। जिसके तहत अभी उनके पास दो दर्जन मरीजों का ही आंकड़ा मौजूद है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए मनपा प्रशासन अपने स्तर से आई ड्रॉप मरीजों के लिए खरीद कर उपलब्ध करा रही है। हालांकि, मनपा प्रशासन के पास आई स्पेलिस्ट न होने के कारण मरीजों को इलाज में दिक्कत हो रही है और मरीज इलाज के लिए निजी अस्पतालों का सहारा ले रहे हैं।

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