मुख्यपृष्ठस्तंभझांकी : ओवैसी का चुनावी डांडिया शुरू

झांकी : ओवैसी का चुनावी डांडिया शुरू

अजय भट्टाचार्य

ओवैसी का चुनावी डांडिया शुरू
गुजरात के १८२ विधानसभा सीटों में २५ सीटें ऐसी हैं, जहां मुस्लिम मतदाता किसी भी राजनीतिक पार्टी का खेल बनाने या बिगाड़ने की ताकत रखते हैं। अमदाबाद, पंचमहल, खेड़ा, आनंद, भरूच, साबरकांठा, जामनगर, जूनागढ़, नवसारी इलाकों में मुस्लिम मतदाताओं का खासा प्रभाव है। इसे देखते हुए ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) भी गुजरात में चुनावी डांडिया रास खेलेगी। पार्टी के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी इन दिनों गुजरात में तवाफ (परिक्रमा) कर रहे हैं। पिछले दिनों वे भुज में थे और बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस  कर एलान किया कि उनकी पार्टी गुजरात में विधानसभा चुनाव लड़ेगी। अमदाबाद और सूरत में नगर निगम चुनावों के बाद से एआईएमआईएम विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रही है। हम गुजरात विधानसभा चुनाव पूरी ताकत से लड़ेंगे। हमने अभी ये तय नहीं किया है कि कितनी सीटों पर लड़ना है। मेरा मानना है कि एआईएमआईएम गुजरात प्रमुख साबिर काबलीवाला इस संबंध में सही निर्णय लेंगे। वे पार्टी को मजबूत करने के इरादे से गुजरात आए हैं। हमारा उम्मीदवार भी भुज से खड़ा होगा।
फर्जी वीडियो पर फंसे  नेताजी
छत्तीसगढ़ के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी ओपी चौधरी के खिलाफ एक कोयला खदान से कोयला चोरी का कथित ‘फर्जी’ वीडियो ट्वीट करने के आरोप में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। कोरबा जिले के बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र की पुलिस ने मधुसूदन दास की शिकायत पर भाजपा नेता ओपी चौधरी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा ५०५ (१) (बी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। दास ने शिकायत की थी कि चौधरी ने लोकप्रियता हासिल करने के लिए अपने ट्विटर अकाउंट से एक फर्जी वीडियो पोस्ट किया था। भाजपा नेता चौधरी ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट में कहा था, ‘यह दृश्य है एशिया के सबसे बड़े कोल माइंस का… छत्तीसगढ़ के कोरबा में स्थित गेवरा माइंस का… संगठित माफिया राज का खुल्ला खेल… हजारों मजदूरों और सैकड़ों गाड़ियों से खुल्लम खुल्ला कोयले की चोरी… सब कुछ अति की सीमा को पार चुका है, हमारे छत्तीसगढ़ में।’ पिछले महीने वीडियो के सामने आने के बाद बिलासपुर क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक रतनलाल डांगी ने वीडियो की जांच के आदेश दिए थे।
चार यार किसके…
भाजपा की टिकट पर जीत हासिल कर तृणमूल में शामिल होनेवाले चार विधायक कृष्ण कल्याणी, सौमेन राय, तन्मय घोष तथा विश्वजीत दास पर भी दलबदल कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है। अब इस मामले की सुनवाई विधानसभा में जुलाई महीने में होगी। हालांकि ये चारों अभी भाजपा में हैं या तृणमूल में यह साफ कहने से इनकार कर रहे हैं। भाजपा की तरफ से यह दावा किया गया है कि चारों भाजपा से दलबदल करके तृणमूल में शामिल हो गए हैं, ऐसे में इनकी सदस्यता खारिज होनी चाहिए। पिछले सत्र में चारों विधायकों ने विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी पर आईटी रेड करवाने का आरोप लगाया था। धमकी के बाद ही विधानसभा में इन चारों विधायकों की सीट बदल दी गई है। इन्होंने स्पीकर से सुरक्षा की मांग करते हुए सीट बदलने का आवेदन भी किया था। जैसा कि इतने दिनों तक वे नेता प्रतिपक्ष के दाहिनी ओर प्रखंड की दूसरी और तीसरी पंक्ति में बैठ रहे थे लेकिन अब उन्हें नेता प्रतिपक्ष के बाईं ओर तीसरे ब्लॉक में सीटें दी गई हैं।

प्रोटोकॉल का भौकाल
गुजरात के मुख्य सचिव पंकज कुमार की स्वास्थ्य जांच में कोरोना के लक्षण मिलते ही सचिवालय अलर्ट पर है। सोशल डिस्टेंसिंग के मानदंड, जिन्हें कमोबेश भुला दिया गया था, ने फिर से सत्ता के गलियारों में केंद्र-स्थान बना लिया है। आगंतुकों से उत्साह के साथ दांत चियारते हुए मिलने और हमेशा तस्वीरें खिंचवाने के लिए तैयार रहनेवाले मंत्रियों ने अब अपनी सीटों के चारों ओर बैरियर लगा दिए हैं। चारों तरफ अनिवार्य मास्क के नोटिस देखे जा सकते हैं। उनमें से कुछ ने सुनिश्चित किया है कि उनके कर्मचारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें। वरिष्ठ मंत्रियों में से एक ने अपने निजी सचिव की ही खिंचाई कर दी जो बिना मास्क के उनके कक्ष में आए थे। बोले- अगर हम लोग नियमों का पालन नहीं करेंगे, तो लोग कैसे करेंगे? उन्होंने पूरी सार्वजनिक रूप से अधिकारी की क्लास लगा दी। चिढ़े हुए अधिकारी अपनी कुर्सी पर लौट आए लेकिन यह टिप्पणी करने से नहीं चूके कि ‘जब बड़ी राजनीतिक रैलियों का आयोजन किया जाता है तो प्रोटोकॉल का क्या होता है?’
(लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और देश की कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनके स्तंभ प्रकाशित होते हैं।)

 

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