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प्याज पर जंबो स्टैंप डयूटी से पाकिस्तान-ईरान को लाभ! … कांदा किसानों का सरकार पर आरोप

सामना संवाददाता / मुंबई
केंद्र सरकार द्वारा प्याज एक्सपोर्ट पर ४० प्रतिशत स्टैंप ड्यूटी लगाए जाने से हिंदुस्थानी प्याज के एक्सपोर्ट में गिरावट आई है, इसका फायदा सीधे पाकिस्तान और ईरान के किसानों को हो रहा है। अब हिंदुस्थानी किसान काफी आक्रोशित हैं। केंद्र के इस फैसले के खिलाफ देश का सबसे बड़ा प्याज बिक्री केंद्र लासलगांव मंडी में अनिश्चित समय के लिए बिक्री बंद कर दी गई है। लासलगांव के प्याज व्यापारियों के समर्थन में देशभर के व्यापारियों ने २४ अगस्त को एक दिवसीय बंद रखने का निर्णय लिया है।
केंद्र सरकार ने प्याज एक्सपोर्ट पर ४० प्रतिशत की स्टैंप ड्यूटी लगाने का निर्णय लिया है। प्याज के एक्सपोर्ट पर ४० प्रतिशत शुल्क लगाए जाने से किसानों पर भारी मार पड़ेगी। इसके चलते नासिक में किसानों ने प्याज बेचना बंद कर दिया है। किसानों के समर्थन में देश-भर के किसानों के साथ ही वाशी स्थित एपीएमसी में प्याज -आलू बाजार मंडी २४ अगस्त को बंद रखी जानेवाली है। इसका असर शहरवासियों पर पड़ेगा। एपीएमसी के प्याज व्यापारी मनोहर तोतलानी ने बताया कि प्याज की कीमतें पहले से ही कम हैं अगर निर्यात शुल्क बढ़ाया गया तो स्थानीय बाजार में प्याज का आयात बढ़ जाएगा। अगर ऐसा हुआ तो फिलहाल १८ से २२ रुपए किलो बिकनेवाला प्याज १० रुपए के अंदर आ सकता है इसलिए किसानों के साथ-साथ व्यापारी भी मांग कर रहे हैं कि केंद्र सरकार निर्यात शुल्क हटाए। इस निर्णय से किसानों को सबसे अधिक नुकसान सहन करना पड़ रहा है। व्यापारियों का दावा है कि ३१ दिसंबर २०२३ तक प्याज के निर्यात पर ४० प्रतिशत ड्यूटी लगाने के केंद्र सरकार के फैसले से प्याज उत्पादकों और इसके निर्यात पर सीधा असर पड़ रहा है, जिसके कारण पाकिस्तान और ईरान के प्याज की मांग विदेशों में बढ़ गई है। जिससे इसका सीधा असर यहां के किसानों पर पड़ रहा है। नासिक जिला प्याज व्यापारी संघ की हुई बैठक में यहां प्याज की थोक बिक्री अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का निर्णय किया गया। ‘नासिक जिला प्याज व्यापारी संघ’ के अध्यक्ष खंडू देवरे ने बताया कि अगर प्याज एपा-rएमसी में आया तो संभव है कि उस प्याज की बिक्री की जाए, क्योंकि इस निर्णय को किसानों तक पहुंचने में समय लगेगा। सरकार से फैसला पर दोबारा विचार करने की अपील पड़ोसी नई मुंबई में वाशी एपीएमसी के प्याज-आलू बाजार के व्यापारी ने केंद्र से प्याज के निर्यात पर ४० प्रतिशत ड्यूटी लगाने के अपने फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की है। व्यापारियों ने दावा किया कि सरकार के इस फैसले का राज्य में प्याज की खेती करनेवाले किसानों पर सीधा असर पड़ेगा। व्यापारियों ने कहा कि हम पर किसानों का भी काफी दबाव है, वे हमसे बाजार बंद करने और प्याज की बिक्री रोकने के लिए भी कह रहे हैं। कम से कम १०-१५ एसोसिएशनों ने हमसे प्याज न बेचने के लिए कहा है। पूरे नासिक जिले में आज प्याज की नीलामी बंद है। आनेवाले दिनों में स्थानीय बाजार भी बंद हो जाएंगे। एपीएमसी ने भी किसानों का समर्थन करने का फैसला किया है। सरकार को ४० प्रतिशत ड्यूटी देते हैं, तो जो प्याज हम २५ रुपए (प्रति किलोग्राम) एक्सपोर्ट कर रहे थे, उसका रेट घटकर १५ रुपए हो जाएगा। इस दर पर हम १० रुपए में प्याज खरीदने के लिए मजबूर होंगे, जो किसान की उत्पादन लागत को भी कवर नहीं करेगा।

मोदी सरकार का फैसला किसानों को कर देगा बर्बाद!
कांग्रेस ने लगाया केंद्र पर आरोप
सामना संवाददाता / मुंबई
पिछले कुछ दिनों से किसानों को प्याज की अच्छी कीमत मिल रही थी, जिससे उन्हें कुछ पैसों का फायदा हो रहा था, लेकिन केंद्र की किसान विरोधी भाजपा सरकार को किसानों की यह खुशी बर्दाश्त नहीं हुई। किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करनेवाली मोदी सरकार ने प्याज के निर्यात शुल्क को ४० प्रतिशत तक बढ़ा दिया। केंद्र सरकार के इस पैâसले से पहले से आर्थिक संकटों का सामना कर रहे किसानों की हालत और खराब होगी। यह बात कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नाना पटोले ने कही है। पटोले ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गर्मी के दिनों में प्याज की कीमत ३०० से ४०० रुपए प्रति क्विंटल थी। इस वजह से किसानों की उत्पादन लागत भी नहीं निकल रही थी।
किसानों की सहायता के लिए सब्सिडी दो
कांग्रेस ने शिंदे-फडणवीस सरकार से सब्सिडी घोषित करने की मांग की, जिसके बाद किसानों के लिए ३५० रुपए प्रति क्विंटल सहायता राशि देने की घोषणा की गई, लेकिन यह राशि भी उन्हें नहीं मिली। फिलहाल किसानों को प्याज के दाम २,००० से २,५०० रुपए प्रति क्विंटल मिल रहे थे। त्योहारों के सीजन में किसान को चार पैसे मिल रहे थे, लेकिन जैसे ही किसान विरोधी मोदी सरकार ने प्याज के निर्यात शुल्क को बढ़ाकर ४० प्रतिशत किया, प्याज की कीमत १,६०० रुपए प्रति क्विंटल से नीचे आ गई। भाजपा सरकार की दलील है कि खुदरा बाजार में प्याज की कीमतों को काबू में रखने के लिए यह पैâसला लिया गया है।
केंद्र से संपर्क करें सीएम
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और दोनों उप मुख्यमंत्रियों को दिल्ली की भाजपा सरकार से संपर्क करना चाहिए और प्याज किसानों के लाभ के लिए प्याज पर ४० प्रतिशत निर्यात शुल्क को रद्द करने के लिए उन पर दबाव बनाना चाहिए। जनता की सरकार होने का दिखावा करनेवाले नेताओं को प्रदेश में सिर्फ खोखले दावे कर शोर मचाने के बजाय दिल्ली में मोदी सरकार को अपना वजन दिखाना चाहिए। राज्य में प्याज किसानों ने निर्यात शुल्क में बढ़ोतरी का विरोध शुरू कर दिया है। कांग्रेस, किसानों की इस मांग को सही मानते हुए उनके साथ मजबूती से खड़ी है।

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