मुख्यपृष्ठविश्वमझधार में फंसा पाकिस्तान! ... आईएमएफ की शर्त न मानी तो हो...

मझधार में फंसा पाकिस्तान! … आईएमएफ की शर्त न मानी तो हो जाएगा दिवालिया

एजेसी / इस्लामाबाद
आर्थिक संकट से जूझ रही पाकिस्तान सरकार अब बीच मंझधार में फंसती नजर आ रही है। दरअसल, कंगाली की मार झेल रही शहबाज सरकार को फिलहाल आर्थिक मदद की सख्त जरूरत है, जिसके लिए उसे अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के सामने हाथ फैलाने की जरूरत है। आईएमएफ पैसे देने के लिए तो तैयार हो गया है लेकिन संस्था ने कुछ शर्त रख दिए हैं जिसे मानने पर पाकिस्तानी सरकार को आगामी चुनाव में करारा झटका लग सकता है और शर्त न मानने पर दिवालिया हो सकता है।
आईएमएफ ने रखी शर्त
रिपोर्ट के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान के सामने सात शर्तें रख दी हैं जिसे माानने से पाकिस्तानी सरकार आनाकानी कर रही है, क्योंकि अगर वह आईएमएफ की इन शर्तों को मानती है तो चुनाव में जनता रूठ सकती है। दरअसल, आईएमएफ ने बिजली सब्सिडी वापस लेना, गैस की कीमतों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ना और फ्री-फ्लोटिंग डॉलर जैसी शर्तें पाकिस्तान के सामने रख दिए हैं जिसे मानने पर शहबाज सरकार को सियासी मोर्चे पर झटका लग सकता है।
शर्तें मानने पर महंगाई बढ़नी तय
सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) (पीएमएल-एन) को डर है कि इनमें से कुछ मांगों को लागू करने से सभी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ जाएंगी। पाकिस्तानी सरकार चुनाव के इतने करीब इस तरह के रिस्क लेने से बचना चाहेगी। पाकिस्तान में अगस्त के बाद आम चुनाव होने हैं। हालांकि, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष और पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान मध्यावधि चुनाव की मांग कर रहे हैं।
संकट से पाक का निकलना मुश्किल
पाकिस्तान ने साल २०१९ में आईएमएफ की शर्तें मान ली थी और लगभग ४,८००० करोड़ रुपए आईएमएफ कार्यक्रम की मंजूरी मिल गई थी लेकिन अब चुनाव नदजीक आ गया और आर्थिक संकट अलग परेशान कर रहा है। ऐसे में आईएमएफ की कठोर शर्तों को मानकर शहबाज सरकार चुनाव में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती है। ऐसी रिपोर्टें हैं कि जब तक सरकार द्वारा किए गए वादे पूरे नहीं हो जाते, तब तक आईएमएफ कार्यक्रम के तहत अधिक धन जारी नहीं कर सकता है।
आईएमएफ बोर्ड ने समीक्षा को दी मंजूरी
आईएमएफ बोर्ड ने पाकिस्तान के बेलआउट कार्यक्रम की सातवीं और आठवीं समीक्षा को मंजूरी दी थी, जिसमें ८,००० करोड़ रुपए से अधिक कैश रिलीज करने की अनुमति दी गई थी। पाकिस्तान के बिजली नियामक ने सुई नॉर्दर्न गैस पाइपलाइन लिमिटेड (एसएनजीपीएल) और सुई सदर्न गैस कंपनी (एसएसजीसी) को पहले ही कैबिनेट की मंजूरी के अधीन दरों में ७५ फीसदी तक की बढ़ोतरी की अनुमति दे दी है।

अन्य समाचार