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पाकिस्तान का ‘डबल गेम’! … हथियार बेच यूक्रेन से कमाए करोड़ों डॉलर

खुलासा होने पर किया इनकार
सामना संवाददाता / नई दिल्ली 
पाकिस्तान का ‘डबल गेम’ एक बार फिर से सामने आया है। बताया जाता है कि रूस के साथ युद्ध लड़ रहे यूक्रेन को उसने भारी मात्रा में हथियार बेचकर करोड़ो डॉलर कमा लिए। इस बात का खुलासा अमेरिका में छपी एक रिपोर्ट के द्वारा हुआ है। यह पहली बार नहीं है, जब पाकिस्तान के ऊपर ऐसा आरोप लगाया गया है। उस पर पहले भी यूक्रेन को हथियार बेचने के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन यह देश हमेशा से इस बात से इनकार करता रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन को गोला-बारूद आपूर्ति कर पाकिस्तान ने ३६४ मिलियन अमेरिकी डॉलर कमाए हैं। रिपोर्ट ने आगे बताया गया है कि पाकिस्तान ने पिछले साल अमेरिका की दो निजी कंपनियों के साथ हथियार बेचने का सौदा किया था। इनकी आपूर्ति के लिए उसने ब्रिटिश सैन्य मालवाहक विमान का उपयोग किया। ब्रिटिश कार्गो विमान पहले पाकिस्तान के रावलपिंडी के नूर खान से साइप्रस के अक्रोटिरी में ब्रिटिश सैन्य बेस उड़ान भरते थे। इसके बाद, यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति करने के लिए सैन्य विमान फिर वहां से कुल पांच बार में रोमानिया पहुंचते थे। जब इस बारे में इस्लामाबाद ने कहा कि पाकिस्तान ने युद्ध के बीच ‘सख्त तटस्थता’ की नीति बनाए रखी है। उस संदर्भ में यूक्रेन को कोई हथियार या गोला-बारूद उपलब्ध नहीं कराया है। इस जुलाई में पाकिस्तान की यात्रा के दौरान, यूक्रेन की विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने उन रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया कि पाकिस्तान अपनी सेना का समर्थन करने के लिए यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति कर रहा था।
पाकिस्तान से फंडिंग 
गाजियाबाद। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों और प्रतिष्ठानों की जासूसी के लिए फंडिंग मामले में हर दिन नई-नई जानकारियां सामने आ रहीं हैं। खुफिया एजेंसियों को जांच के दौरान पता चला कि फरीदनगर के रहनेवाले रियाजूद्दीन के खाते में पिछले डेढ़ साल से पाकिस्तान पैसे भेज रहा था। बैंक विवरण के अनुसार, उसके खाते में सबसे पहले अप्रैल २०२२ में ५ लाख रुपए की रकम भेजी गई थी। इसके बाद लगातार लाखों रुपए के ट्रांजैक्शन हुए हैं। खुफिया एजेंसियों ने अब रियाजूद्दीन के परिजन और परिचितों के भी बैंक खातों को खंगालना शुरू कर दिया है। बता दें कि दो साल पहले रियाजुद्दीन की बिहार के पश्चिमी चंपारण में रहनेवाले इजहारुल हुसैन से मुलाकात हुई थी। दोनों के बीच इंटरनेट कॉलिंग के जरिए गहरे संबंध बन गए थे। इसके बाद से रियाजुद्दीन के खाते में पाकिस्तान सहित भारत के कई राज्यों से ट्रांजैक्शन का खेल शुरू हुआ था।

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