मुख्यपृष्ठसमाचारभक्तों के घर विराजेंगे पंचामृत गणपति

भक्तों के घर विराजेंगे पंचामृत गणपति

रवींद्र मिश्रा / मुंबई
पंचामृत शब्द कानों में पड़ते ही श्रद्धालुओं के दोनों हाथ पसर जाते हैं और श्रद्धालु पंचामृत ग्रहण कर अपने को धन्य मानता है। इस वर्ष के गणेशोत्सव में इकोफ्रेंडली गणेश की प्रतिमा बनाने के लिए एक कलाकार ने पंचामृत गणपति बनाया है। पंचामृत गणपति बनानेवाली कलाकार िंरटू राठौड़ बताती हैं कि पंचामृत गणपति बनाने की प्रक्रिया हमें दक्षिण भारत के पलानी मंदिर से मिला है। उस मंदिर में बननेवाले नैवेद्य में पंचामृत एक ऐसा नैवेद्य है जो बहुत दिनों तक खराब नहीं होता। उसी को मूलभूत मानकर हमने पंचामृत गणपति बनाना शुरू किया है। इसमें केला, खांड़, खजूर, शहद, किसमिस, भीमसेनी कपूर, घी, इलायची आदि का उपयोग किया जाता है। पंचामृत गणपति सात इंच से लेकर दो फिट के बनाए गए हैं। अब तक कफ परेड, कांदिवली,जूहू, अंधेरी, नई मुंबई तथा अन्य जगहों से अब तक कुल ११ लोगों के आर्डर मिल चुके हैं। पंचामृत गणपति का विसर्जन दूध में किया जाता है और वह प्रसाद के रूप में लोगों में बांट दिया जाता है।

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