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पंचनामा : एक और पुल… मुंबईकरों का टेंशन फुल! … सायन ब्रिज के टूटने से फिर बढ़ेगा टेंशन

 मुंबईकरों का समय, सेहत और पैसा होगा बर्बाद
अपर्याप्त वैकल्पिक व्यवस्था के पुल तोड़ने पर जनता की राय
अभिषेक कुमार पाठक
मुंबई में ट्रैफिक एक बड़ी समस्या है। उसके कई कारण हैं। अगर कुछ प्रमुख कारणों की बात करें तो शहर में बढ़ते वाहनों की संख्या, अवैध अतिक्रमण, खराब सड़कों के साथ-साथ मेट्रो-३ सहित अन्य कंस्ट्रक्शन के काम भी हैं, जो शुरू हैं। इन सबकी वजह से जाम की समस्या बहुत ज्यादा होती है। वैसे देखा जाए तो मुंबई शहर और उपनगर में कई सारी विकास योजनाएं चल रही हैं, इन्हीं में से एक है सायन-धारावी-बांद्रा को जोड़नेवाला सायन रेलवे ओवरब्रिज का काम, जिसे २० जनवरी से शुरू किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार, ईस्टर्न एक्सप्रेसवे को एलबीएस और सायन-धारावी ९० फीट रोड को जोड़ने वाली ११२ वर्षीय सायन रेलवे ब्रिज को डेमोलिश किया जाएगा। रेलवे प्रशासन की ओर से पांचवीं और छठी लाइन के निर्माण के लिए इस पुल को तोड़कर नया पुल बनाने का प्रस्ताव मुंबई मनपा को सौंपा गया है। सेंट्रल रेलवे की पांचवीं और छठी लाइन के लिए रेलवे ब्रिज का निर्माण किया जाएगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस ब्रिज से रोजाना लगभग ५० लाख से ज्यादा लोग आवागमन करते हैं। इस दौरान काम के चलते ब्रिज को बंद किया जाएगा और ट्रैफिक को डायवर्ट किया जाएगा। इससे एक बार फिर यात्रियों की सिरदर्दी बढ़ेगी।
वैकल्पिक व्यवस्था कितनी कारगर?
इस दौरान प्रशासन द्वारा वैकल्पिक व्यवस्था का प्रयास किया जा रहा है। वेस्टर्न एक्सप्रेसवे और बांद्रा की ओर कुंभारवाड़ा जंक्शन से काफी ज्यादा बदलाव किया गया है, लेकिन यह व्यवस्था सिर्फ वैकल्पिक है, जिससे कोई खास फर्क नहीं पड़ने वाला है। इसके साथ ही बेस्ट की २०० से ज्यादा बसों के रूट को डायवर्ट किया गया है और कई बसों को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है। इसके अलावा बस नंबर १८२ जो चूनाभट्टी से मालाड तक जाने वाली बस स्थाई रूप से बंद रहेगी।

डायवर्जन में लाभ-हानि नहीं देखा जाता
बस का रूट ट्रैफिक विभाग से मिली अनुमति और जानकारी के अनुसार डिसाइड किया जाता है। रूट डायवर्र्जन से बेस्ट के प्रॉफिट और लॉस का अनुमान नहीं लगाया जा सकता, क्योंकि शायद ऐसा भी हो सकता है कि नए रूट पर अधिक यात्री यात्रा करते हों। यह बात सही है कि कुछ समय के लिए वहां के लोकल यात्रियों को दिक्कत होगी, यात्रा में ज्यादा समय लगेगा। बसों की संख्या की बात करें तो यह तय नहीं होता कि कितनी बसें किस रूट पर चल रही हैं?
सुनील वैद्य, जनसंपर्क अधिकारी, बेस्ट

बढ़ेगा प्रदूषण
सायन ब्रिज के बंद होने से लोकल वाहनों के साथ-साथ कॉमर्शियल वाहनों, बेस्ट की बसों और लोकल वाहनों द्वारा डाइवर्टेड लंबे रास्तों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसकी वजह से ज्यादा फ्यूल का इस्तेमाल होगा, इससे प्रदूषण तो बढ़ेगा, साथ ही लोगों की परेशानी भी।

लोगोें को होगी परेशानी
सायन और अगल-बगल क्षेत्रों में रहनेवाले लोग इस काम से काफी नाराज बताए जा रहे हैं। उनका कहना है कि हमें रोजाना होने वाली असुविधा की जिम्मेदारी सरकार लेगी? जो यात्रा करने में हमें १५ मिनट लगते थे, अब ४५ मिनट से ज्यादा समय लगेगा। इसके आलावा बेस्ट के बसों के मार्ग के बारे में भी उचित जानकारी नहीं दी जा रही है।

कैसे कम होगा ट्रैफिक?
जिन नए रूटों की योजना बनाई जा रही है, वहां पहले से ही ट्रैफिक जाम लगा रहता है। इसलिए प्रशासन को इस बारे में सोचना चाहिए कि इस जाम को कम करके लोगों की यात्रा के समय को वैâसे कम किया जा सकता है?
– शशांक मोरे, स्टूडेंट 

पेट पर लात मारने जैसा
ये हमारे पेट पर लात मारने जैसा है। मैं स्कूल से बच्चों को लाने और ले जाने का काम करता हूं। इस पुल के ध्वस्त होने से अभिभावक अब अपने बच्चों को रिक्शा से स्कूल भेजने से इनकार कर रहे हैं। इसके साथ ही रिक्शाचालकों को सायन हॉस्पिटल की ओर से जाने वाली सड़क और बीकेसी कनेक्टर की ओर से जाने वाली सड़क से ऑटोरिक्शा की नो एंट्री है।
 -ओमप्रकाश यादव , ऑटोरिक्शा चालक

नियमों का करें पालन
इस काम को लेकर मुंबईकरों से हमारा अनुरोध है कि वे प्रशासन के साथ सहयोग करें। सभी मार्गों और मोड़ों पर संकेत अंकित हैं। लोग नियमों का पालन करें।
 – संजय शिर्के, पुलिस उपनिरीक्षक, सायन 

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