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पंचनामा : दिल्ली एनसीआर, हैदराबाद, अमदाबाद से भी पीछे … मुंबई का रियल इस्टेट मार्केट हुआ डाउन!

अभिषेक पाठक
मुंबई का रियल इस्टेट मार्केट कुछ अन्य बड़े शहरों के मुकाबले कम ग्रोथ दर दिखा रहा है। मुंबई एमएमआर क्षेत्रों में मात्र ३१ फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है, वहीं दिल्ली एनसीआर में २४९ फीसदी की ग्रोथ दर्ज की गई है। देश की प्रमुख डिजिटल रियल एस्टेट ब्रोकरेज फर्म प्रॉपटाइगर डॉटकॉम ने अपनी एक रिपोर्ट में बताया कि भारत के शीर्ष आठ प्राइमरी रेजिडेंशियल मार्वेâट में आवासीय संपत्तियों का बिक्री मूल्य जनवरी-मार्च २०२४ में ६८ प्रतिशत बढ़कर १,१०,८८० करोड़ रुपए हो गया है, जबकि एक साल पहले की अवधि में यह ६६,१५५ करोड़ रुपए था।
२०२४ की पहली तिमाही में आवासीय संपत्तियों की बिक्री में दिल्ली एनसीआर टॉप स्थान पर है। दिल्ली एनसीआर में २४९ फीसदी की ग्रोथ दिखाई दी है। इसके बाद हैदराबाद (१४३फीसदी), अमदाबाद (१३०फीसदी), कोलकाता (५९ फीसदी), बैंगलोर (५२ फीसदी), पुणे (३२ फीसदी ), मुंबई-एमएमआर (३१ फीसदी) और चेन्नई (२२ फीसदी) इन शहरों का नंबर लगता है। क्षेत्रफल के संदर्भ में घरों की बिक्री ९९ मिलियन वर्ग फुट से ६३ प्रतिशत बढ़कर १६२ मिलियन वर्गफुट हो गई। इसमें दिल्ली एनसीआर (१८ फीसदी) के साथ शीर्ष स्थान पर हैं और इसके बाद हैदराबाद (१२८ फीसदी), अहमदाबाद (१०८ फीसदी), कोलकाता (४९ फीसदी), बंगलुरु (३९ फीसदी), मुंबई-एमएमआर (२६ फीसदी), पुणे (२१ फीसदी), और चेन्नई (१६ फीसदी) का नंबर आता है।

क्यों है मुंबई में प्रॉपर्टी ग्रोथ रेट कम
मुंबई में निवेश करने के लिए लोगों को अधिक धन की आवश्यकता होती है, जिससे ग्रोथ रेट कम हो सकती है। मुंबई जैसे बड़े शहरों में जगह की कमी होती है, जिससे नई प्रॉपर्टी विकसित करना मुश्किल होता है। राजनीतिक या कानूनी प्रतिबंध साथ-साथ कई बार स्थानीय सरकारों के नियमों या कानूनों के कारण प्रॉपर्टी विकास में बाधक होते हैं, जो ग्रोथ को धीमा कर देते हैं। कोरोना महामारी का प्रभाव अन्य कारणों के साथ-साथ भारी असर डाला है। कोरोना महामारी के प्रभाव के कारण भी प्रॉपर्टी बाजार में धीमी ग्रोथ रही है।
आरईए इंडिया के ग्रुप सीएफओ विकास वाधवा ने कहा कि मात्रा और मूल्य दोनों के संदर्भ में घरों की बिक्री में वृद्धि पूरी अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है, क्योंकि सीमेंट और स्टील सहित २०० से अधिक सहायक उद्योग रियल इस्टेट क्षेत्र पर निर्भर हैं। टॉप आठ प्राइमरी मार्वेâट में आवासीय संपत्तियों की बिक्री तेजी से बढ़ रही है, जिससे मजबूत विकास, ऋण दरों और घर खरीदने की बढ़ती इच्छा का समर्थन मिल रहा है।

संपत्ति की कीमतों में १५-२० फीसदी की बढ़त
‘इस साल की पहली तिमाही में पिछले साल की पहली तिमाही की तुलना में, संपत्ति बिक्री के लेन-देन मूल्य में ६८ फीसदी की असाधारण बढ़त देखी गई। खास तौर पर १.११ लाख करोड़ रुपए के कुल लेन-देन मूल्य में मुंबई, हैदराबाद, दिल्ली एनसीआर और पुणे जैसे प्रमुख शहरों का हिस्सा सामूहिक रूप से ७६ फीसदी है। यह वृद्धि न केवल बढ़ी हुई मांग की ओर इशारा करती है, बल्कि प्रमुख व्यावसायिक जिलों में संपत्ति की कीमतों में १५-२० फीसदी की उल्लेखनीय बढ़ोतरी को भी दर्शाती है। हमें उम्मीद है कि आर्थिक वृद्धि और मजबूत मांग के कारण आने वाली दो तिमाहियों में यह रफ्तार यूं ही बनी रहेगी।’
अंकिता सूद
हेड ऑफ रिसर्च प्रॉपटाइगर डॉटकॉम और हाउसिंग डॉटकॉम

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