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पंचनामा : कचरे से पटे हैं नाले, बारिश में होगी आफत! …कहीं नालों का पानी है जाम

कहीं कचरे को सड़क पर ही छोड़ा
५० फीसदी भी काम नहीं हुआ पूरा

पंकज तिवारी

मुंबई सहित आसपास के क्षेत्रों में एक बार फिर से नाला सफाई का मुद्दा गरमाया हुआ है। बताया जाता है कि अभी तक नाला सफाई का काम जहां ५० फीसदी भी पूरा नहीं हुआ है, वहीं मौसम वैज्ञानिकों ने १० जून को मुंबई में मानूसन के आने की भविष्यवाणी भी कर दी है। इसके बावजूद मनपा नाला सफाई के काम में मात्र औपचारिकता निभा रही है।
दो वर्षों से मुंबई में मानसून के दौरान नालों की सफाई नहीं होने से हल्की बारिश में भी बाढ़ जैसी स्थिति बन जाती है, इस बार भी वही स्थिति दिखाई पड़ रही है।
मात्र ४८ प्रतिशत ही हुआ काम
मुंबई मनपा ने टारगेट के बावजूद अब तक मात्रा ४८ प्रतिशत ही नाला सफाई का काम किया है, जिसे लेकर मनपा के पूर्व नगरसेवकों ने मनपा प्रशासन का घेराव किया है। सोशल मीडिया पर मनपा को धीमा नाला सफाई अभियान के लिए फटकार भी लगाई है। मनपा २८४ करोड़ रुपए नाला सफाई के लिए खर्च कर रही है। जनवरी में ही मनपा ने इसका टेंडर जारी कर काम शुरू किया था। अप्रैल महीने तक ३७ प्रतिशत काम होने की जानकारी साझा की गई थी। अब मई महीने के अंतिम सप्ताह तक भी मनपा ने ५० प्रतिशत का टारगेट भी पूरा नहीं किया है।
सफाई अभियान सिर्फ दिखावा
मनपा का सफाई अभियान सिर्फ दिखावा साबित हो रहा है। कांग्रेस नेता रवि राजा का कहना है कि मानसून सिर पर है, लेकिन नाला सफाई अभियान में मनपा अपने टारगेट का आधा काम भी पूरा नहीं कर पाई है। एक सप्ताह बाद बारिश होने पर सड़क पर पड़े कीचड़ की तरह ही मनपा का भ्रष्टाचार भी नालों में फिर से बह जाएगा। आश्चर्य है कि इस वर्ष मनपा के नाला सफाई से खुद भाजपा के लोग भी खुश नहीं हैं।
३१ मई है डेडलाइन
मनपा ने इस काम को ३१ मई तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। पिछले साल मनपा ने इस काम के लिए कुल २५७ करोड़ रुपए खर्च किए थे। मनपा ने कीचड़ निकालने के काम में पारदर्शिता के लिए एक डैसबोर्ड बनाया है, जिस पर ऑनलाइन ब्योरा जारी किया जाता है। इसमें कीचड़ निकालने के काम को ट्रैक करने का एक सिस्टम है। जहां भी नालों की सफाई नहीं हुई है, उसकी लोग सीधे शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए मनपा वेबसाइट पर एक नंबर भी दिया गया है।

सड़क कार्य के चलते डूबेगा ठाणे
ठाणे में मार्च के अंत या अप्रैल में शुरू होनेवाला नाला सफाई कार्य १५ मई से शुरू हुआ हैं। फिलहाल, शहर में ६४० नालों की सफाई होनी है और इसके लिए अब ठेकेदार काम कर रहे हैं। वहीं ठाणे मनपा के अंतर्गत शहर में २८४ सड़कों का काम दो चरणों में किया जा रहा है। इस अभियान के तहत पहले चरण का काम दिसंबर २०२२ के अंत में शुरू किया गया था और दूसरे चरण का काम फरवरी २०२३ में शुरू किया गया था। तत्कालीन कमिश्नर अभिजीत बांगर ने २८४ सड़कों का काम दो चरणों में पूरा करने की पहली डेडलाइन ३१ मई २०२३ दी थी, लेकिन ४० फीसदी ही काम पूरा हो सका। लोगों का कहना है कि सड़क कार्य के चलते भी सड़कों पर पानी जमा होगा।

शिवसेना करेगी मनपा का घेराव
दहिसर डिविजन में सड़क का घटिया कार्य किया गया है और सड़क निर्माण के कारण पिछले कई दिनों से इस पूर्व-पश्चिम खंड में जाम लग रहा हैं। इसके अलावा नालों का आंशिक निर्माण, नालों की अधूरी सफाई, दहिसर नदी में अब भी मौजूद कीचड़ की वजह से दहिसर के लोग परेशानी में हैं। दहिसर के लोगों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष के उपनेता, पूर्व विधायक विनोद घोसालकर के नेतृत्व में २९ मई को आर/उत्तर दहिसर कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

मनपा का दावा झूठा
मनपा ने मुंबई के ज्यादातर इलाकों में अभी तक नाला सफाई का काम पूरा नहीं किया है। मनपा ने अब तक नालों की सफाई का काम मात्र ४८ प्रतिशत ही किया है। मनपा का दावा झूठा है। मुंबई के तमाम इलाकों में नालों तक अभी सफाई कर्मचारी भी नहीं पहुंचे हैं।
रवि राजा, पूर्व विपक्ष नेता, मनपा

धीमी गति से हो रहे हैं कार्य
यह देखा जा रहा है कि प्री-मानसून के सभी कार्य धीमी गति से चल रहे हैं। राज्य सरकार, मुंबई मनपा नागरिकों की छोटी-छोटी अपेक्षाओं को पूरा करने में असफल नजर आ रही है। दहिसर-पूर्व और पश्चिम के विस्तार पर नजर डालें तो ट्रैफिक जाम से दहिसर के निवासियों को काफी परेशानी हो रही है।
विनोद घोसालकर, उपनेता, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)
इस वर्ष भी होगा जलजमाव
मनपा प्रशासन को अपना कार्य सही समय पर पूरा करना चाहिए, लेकिन मनपा अपना कार्य समय पर पूर्ण नहीं करती है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी जलजमाव की समस्या से हमें परेशानी होगी।
चेतन नेटके, ठाणे

समय पर नहीं होता काम
हर वर्ष जलजमाव के कारण यातायात बाधित हो जाता हैं, जिसका खामियाजा यात्रियों को घंटो ट्रैफिक जाम में रहकर भुगतना पड़ता है। यदि प्रशासन अपना कार्य सही समय पर करता तो इन समस्याओं से बचा जा सकता है, लेकिन ऐसा नहीं होता है। इस वर्ष भी हमें परेशानी का सामना करना पड़ेगा। वेदांत मिस्त्री, ठाणे

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