मुख्यपृष्ठनए समाचारपंचनामा: बढ़ रही गुंडागर्दी क्या कर रही है वर्दी?

पंचनामा: बढ़ रही गुंडागर्दी क्या कर रही है वर्दी?

पंकज तिवारी

महाराष्ट्र की जनता त्रस्त, अपराधी मस्त 
राष्ट्रपति शासन लागू करने की उठ रही मांग

उद्धव की अपील, राष्ट्रपति शासन लागू करो 

असंवैधानिक सरकार के कामकाज में महाराष्ट्र में गुंडों का आतंक जारी है। दिनदहाड़े गोलीबारी, खून खराबा हो रहा है और सचमुच में गुंडाराज चल रहा है। जनता चिंतित है। तानाशाह सरकार की आंखों के सामने राज्य में भारी अशांति है, लेकिन वह इस बारे में कुछ नहीं कहती। फडणवीस हत्या की तुलना ‘श्वान’ से करते हैं। इसलिए देवेंद्र फडणवीस यानी निर्दयी, निष्ठुर और लोमड़ी जैसे चालाक गृह मंत्री हैं। ऐसी स्थिति में अब हमें केवल सुप्रीम कोर्ट से ही आखिरी उम्मीद है। इसलिए हमें न्याय दो। राज्य में संवैधानिक सरकार को बर्खास्त करो, राष्ट्रपति शासन लागू करके तत्काल चुनाव कराओ। इस तरह का जबरदस्त हमला शिवसेना पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कल किया।

मुंबई शहर में एक इलाका है बोरीवली। यहां शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष के पूर्व नगरसेवक अभिषेक घोसालकर एक शख्स के साथ बैठकर फेसबुक लाइव पर लोगों को संबोधित कर रहे थे। करीब घंटे भर बाद फेसबुक लाइव समाप्त कर जैसे ही अभिषेक घोसालकर उठे तो उनके साथ वाले शख्स मॉरिस नोरोन्हा ने धड़ाधड़ एक के बाद एक ५ गोलियां चलाई, जिससे अभिषेक घोसालकर की मौत हो गई।

मुंबई से सटे ठाणे में एक शहर उल्हासनगर है। यहां के भाजपा विधायक गणपत गायकवाड का जमीन को लेकर एक दूसरे शख्स के साथ विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों में मारपीट होने के बाद पुलिस ने समझौता कराने के लिए उन्हें थाने बुलाया था। बातचीत के दौरान भाजपा विधायक गणपत गायकवाड अपनी कुर्सी से उठते हैं और वहां दूसरे पक्ष पर फायरिंग कर देते हैं। इस फायरिंग में दो लोग घायल हो जाते हैं।

पिछले साल २४ दिसंबर को मुंबई के चुनाभट्ठी इलाके में दोपहर साढ़े तीन बजे आजाद गली में दोपहिया वाहन पर सवार दो लोगों ने एक के बाद एक करीब १६ राउंड फायरिंग की। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई। दिनदहाड़े इस हत्या से सनसनी पैâल गई थी।

सूबे में बढ़ा अपराध का ग्राफ 

इसके अलावा  जलगांव के भाजपा नगरसेवक मोरे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। यवतमाल शहर में दिनदहाड़े एक युवक की हत्या कर दी गई। छोटे बच्चों के पास हथियार मिल रहे हैं। अवैध हथियारों का बड़ा जखीरा राज्य में आ रहा है। पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला ने खुद ही माना है कि पुलिस पर जनता का भरोसा कम हुआ है। उन्होंने कहा कि हम जनता में इस भरोसे को बनाए रखने का प्रयास कर रहे है। ये सारी घटनाएं तो एक बानगी है, कई घटनाओं का जिक्र तक नहीं किया गया है। इन सारी घटनाओं में एक चीज जो कॉमन है वह है, आरोपियों के मन में पुलिस और कानून व्यवस्था का डर न होना।

कांग्रेस ने जताई चिंता

सूबे की गिरती कानून व्यवस्था को देखते हुए महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नाना पटोले ने कहा कि महाराष्ट्र में गुंडाराज शुरू है। बंदूक की नोक पर दबाव तंत्र चलाया जा रहा है। जाति-धर्म में भेदभाव पैदा किया जा रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज, रार्जिष शाहू महाराज, फुले, आंबेडकर के विचारों पर कलंक लगाने का काम राज्य में ‘घाती’ सरकार कर रही है। महाराष्ट्र अपराध से बेहाल है, जबकि लॉ एंड ऑर्डर का बुरा हाल है। वरिष्ठ पत्रकार निखिल वागले और उनके सहयोगियों पर पुणे में हमला किया गया। बीते दो महीनों से ऐसी घटनाएं महाराष्ट्र की प्रतिष्ठा को धूल में मिला रही हैं।

सरकार सो रही है

महाविकास आघाड़ी सरकार जब तक सत्ता में थी, तब तक राज्य में कानून व्यवस्था बेहतरीन थी। भाजपा के बहकावे में आकर और ईडी की कार्रवाईयों से डरकर शिवसेना से घात कर भाजपा का दामन थामने वाले ‘घाती’ अब राज्य की कानून व्यवस्था पर ध्यान नहीं दे रही है, लिहाजा सभी कानून तोड़ने में लगे हुए हैं। भाजपा विधायक और शिंदे गुट का विवाद पुलिस स्टेशन में गोलीबार तक जा पहुंचा। मामला शांत नहीं हुआ था कि फिर एक बार शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्ष के पूर्व नगरसेवक की हत्या कर दी गई। आखिरकार, महाराष्ट्र में चल क्या रहा है? महाराष्ट्र की बागडोर नहीं संभल रही है तो सत्ता की कुर्सी छोड़ दें, भाजपा और घाती गुट।
राजन विचारे, सांसद शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे)

सामने आना चाहिए सच

जिस प्रकार से भाजपा विधायक गणपत गायकवाड ने पुलिस स्टेशन में गोलीबारी की और सत्ताधारी मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया है उससे यह तो साफ होता है कि दोनों का इस गोली कांड से संबंध जरूर है। वहीं जिस पर भाजपा विधायक ने सब कुछ दांव पर लगाकर गोली चलाई वे शिंदे गुट के आदमी थे, इससे यह साफ होता है कि मुख्यमंत्री का सच सबके सामने आना ही चाहिए। -विशाल जोड़, ठाणे

क्या कर रही है पुलिस?

पुलिस स्टेशन में भाजपा विधायक लोडेड बंदूक लेकर आता है, इसकी जांच पुलिस नहीं करती है और वही विधायक जानलेवा हमला कर देता है। नियम और कानून की धज्जियां उड़ाकर वह मनमानी करता है। इस मामले में पुलिस की लापरवाही साफ नजर आती है। वहीं दूसरे मामले में जमानत पर छूटकर आए एक गुंडे को जब इतनी आसानी से बंदूक मिल जाती है तो गोलियों का चलना लाजमी ही है। दोनों मामलों में पुलिस की भयानक लापरवाही का सबूत मिला है। -उज्ज्वल कुमार, ठाणे

इस बढ़ती गुंडागर्दी को रोकना जरुरी

जिस प्रकार से राज्य में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, उससे आम जनता के मन में डर पैदा हो गया है। डर के साए में जीना भी कोई जीना है? राज्य की कानून व्यवस्था को बरकरार रखने के लिए गुंडागर्दी का बंद होना बेहद जरूरी है। इसी में ही सबकी भलाई है। -तेजश्री सालुंखे, ठाणे

अन्य समाचार