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पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे का चुनाव आयोग से सीधा सवाल …हिंदुत्व का प्रचार किया तो बालासाहेब पर लगाई पाबंदी … अमित शाह का क्या?

क्या शिथिल किए हैं अचार संहिता के नियम?
पत्र के माध्यम से मांगा खुलासा
सामना संवाददाता / मुंबई

विलेपार्ले में उपचुनाव में हिंदुत्व के मुद्दे पर प्रचार करने के लिए शिवसेनाप्रमुख बालासाहेब ठाकरे के वोट देने का अधिकार छीन लिया गया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राममंदिर की बात की है तो उन पर क्या कार्रवाई होगी? क्या आचार संहिता में ढील दी गई है? ये सीधा सवाल आज शिवसेनापक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय चुनाव आयोग से पूछा है। आचार संहिता में ढील दिए जाने पर उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि शासकों को सद्बुद्धि देने के लिए ‘जय भवानी जय शिवाजी’, ‘जय श्री राम’, (बाकी पेज २ पर)
‘हर हर महादेव’ और ‘गणपति बप्पा मोरया’ पर वोट करें।
इस संबंध में उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग को पत्र भेजा है। उन्होंने आज ‘मातोश्री’ आवास पर आयोजित प्रेस काॅन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। कर्नाटक चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘बजरंग बली की जय’ कहकर मतदाताओं से वोट करने की अपील की थी। अब अगर भाजपा जीती तो अयोध्या जाने का कोई खर्च नहीं होगा, जो हमें वोट देगा हम उसे रामलला के मुफ्त दर्शन कराएंगे, ये लालच अमित शाह ने मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के प्रचार में वोटरों को दिया है। इसके बाद से ही उद्धव ठाकरे ने शाह के साथ चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा। पहले आयोग ऐसी चीजों पर स्वत: संज्ञान लेता था, अब भी आयोग ने प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, केजरीवाल को स्वत: नोटिस भेजा है। उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि चुनाव आयोग सचेत है।
शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि कर्नाटक उन राज्यों में से एक था, जहां पिछले कुछ महीनों में चुनाव हुए थे। वहां खुद प्रधानमंत्री मोदी ने बजरंगबली की जय बोलकर लोगों से वोट करने की अपील की थी। इसके बाद देश के गृह मंत्री अमित शाह ने मध्य प्रदेश चुनाव प्रचार के दौरान एलान किया कि अगर आप भाजपा को चुनेंगे तो आपको अयोध्या जाने के लिए पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे, क्योंकि जो हमें वोट देगा हम उसे रामलला के मुफ्त दर्शन कराएंगे। इसमें हमारी पहली पुरजोर मांग अमित शाह से है कि अगर आप देश के गृह मंत्री हैं तो इसे मध्य प्रदेश तक सीमित रखने की बजाय देश के कोने-कोने तक जितने भी रामभक्त हैं, उन्हें भाजपा उनकी सुविधा के अनुसार मुफ्त अयोध्या यात्रा अपनी तरफ से कराएं। नहीं तो २२ जनवरी को ५-१० करोड़ लोगों को मुफ्त में ले लेंगे और कहेंगे कि हो गया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि ऐसा नहीं होना चाहिए, राम भक्त जब चाहें, उन्हें मुफ्त में अयोध्या यात्रा कराया जा सके।
इसलिए गणपति बाप्पा मोरया बोलकर करें मतदान
इसके साथ ही जिस तरह प्रधानमंत्री बजरंग बली की जय बोलकर वोटिंग बटन दबाने की अपील करते हैं, उसी तरह चुनाव के नियम में ढील दी है, तो उसी तरह मैं मेरी जनता से अपील करता हूं कि वे जय भवानी, जय शिवाजी, जय श्रीराम, हर हर महादेव और शासकों को सद्बुद्धि प्राप्त हो इसलिए गणपति बाप्पा मोरया बोलकर मतदान करें। इस संबंध में चुनाव आयोग को यह स्पष्ट करना चाहिए कि पूर्व में जो प्रतिबंध था, जिससे हिंदूहृदयसम्राट के मतदान का अधिकार छीन लिया गया था, वह नियम सही था या अब प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जो कर रहे हैं, वह योग्य है। यह स्पष्ट किया जाना चाहिए। देश की जनता और हमें इस बात की उत्सुकता है कि यदि आचार संहिता में बदलाव करना था तो कब किया गया और ये बात सिर्फ भाजपा को ही क्यों बताई गई, हमें क्यों नहीं बताई गई? उन्होंने कहा कि यह हमारी मांग है और उनका पत्र चुनाव आयोग को भेज दिया गया है। पहले आयोग ऐसे मामलों पर खुद ही संज्ञान लेता था। अब भी आयोग ने खुद प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, केजरीवाल को नोटिस भेजा है यानी चुनाव आयोग जागरूक है, ऐसा तंज भी उन्होंने कसा। उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि केंद्रीय चुनाव आयोग को चुनाव प्रचार खत्म होने से पहले इस पैâसले के बारे में सभी राजनीतिक दलों और मतदाताओं को आधिकारिक भाषा में सूचित करना चाहिए।
विराट और हिंदुस्थानी टीम को बधाई
पक्षप्रमुख उद्धव ठाकरे ने यह भी कहा कि हिंदुस्थान की सेमीफाइनल जीत और विराट कोहली के रिकॉर्ड ने दिवाली को मीठा बना दिया। उन्होंने विराट को उनके रिकॉर्ड के लिए बधाई दी। आगे उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पीढ़ी के लोग भाग्यशाली हैं, क्योंकि उन्होंने रिकॉर्ड तोड़नेवाले सुनील गावस्कर, सचिन तेंदुलकर और अब विराट कोहली जैसे खिलाड़ियों की तीन पीढ़ियां देखी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विराट को शीर्ष पर पहुंचना चाहिए। ऐसा रिकॉर्ड बनाना चाहिए कि आने वाले कई वर्षों तक सभी उनसे ईर्ष्या और द्वेष करते रहें।
पूरी पार्टी अद्वय के साथ
उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट किया कि भले ही मालेगांव में अद्वय हिरे को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन पूरी पार्टी उनके साथ है। हीरों का सौदा किया जाता है, लेकिन जिन पर हमने आरोप लगाया है उनका सौदा नहीं किया जाता, न ही उनकी जांच की जाती है। उद्धव ठाकरे ने फटकार लगाते हुए कहा कि सरकार आने पर हम इन सबका हिसाब-किताब करेंगे।

मेरी अमित शाह जी से एक ही मांग है कि आप देश के गृह मंत्री हैं तो सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के कोने-कोने से आने वाले राम भक्तों को मुफ्त में अयोध्या आने की इजाजत दें। २२ जनवरी को राम मंदिर का उद्घाटन होगा, उस वक्त भाजपा ५ से १० करोड़ लोगों को मुफ्त में ले जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं होना चाहिए, बल्कि राम भक्तों को उनकी इच्छानुसार, मुफ्त में अयोध्या के दर्शन करने की सहूलियत मिले।

आचार संहिता बदली है तो सरकारी भाषा में सबको बताएं
देश की जनता और हम इस बात को लेकर उत्सुक हैं कि यदि चुनाव आयोग ने आचार संहिता में बदलाव किया है तो कब किया और सिर्फ भाजपा को ही क्यों बताया, हमें क्यों नहीं? उद्धव ठाकरे ने कहा, ‘हमारी मांग है कि आयोग इस मामले को स्पष्ट करे।’ उन्होंने यह मांग भी की है कि चुनाव आयोग चुनाव प्रचार खत्म होने से पहले सभी राजनीतिक दलों और मतदाताओं को आधिकारिक भाषा में इस पैâसले के बारे में सूचित करे।

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