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ठंड से बेहाल कुशीनगर जिला अस्पताल! …मरीजों व परिजनों को नहीं मिल पा रही है मूलभूत सुविधा

मोतीलाल चौधरी / कुशीनगर
कुशीनगर स्थित जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके वर्मा का कहना है कि पीआईसीयू और एसएनसीयू में रूम हीटर जलवाया जा रहा है। अधिक हीटर जलाने पर सिटी स्कैन मशीन नहीं चल पाती है। सभी मरीजों को कंबल देने का निर्देश दिया गया है। अस्पताल में अलाव जलाने का भी निर्देश दिया गया है। लेकिन प्रबंध प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है।

कुशीनगर जिले में कड़ाके की सर्दी में जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। रोशनदान खुले रहने से ठंडी हवाएं वॉर्ड में लोगों को परेशान कर रही हैं, तो कहीं वॉर्ड में भर्ती मरीज घर से लाए कंबल के सहारे जाड़े से बचने की कोशिश कर रहे हैं। वॉर्ड में एक तरफ जहां ठंड से बचने के उपाय नहीं हैं। वहीं पूरे अस्पताल परिसर में कहीं पर भी अलाव का इंतजाम नहीं किया गया है। जिला अस्पताल में दूर-दूर से मरीज आते हैं। यहां बने एसएनसीयू, पीआईसीयू, चाइल्ड वॉर्ड, एनआरसी, जनरल वॉर्ड, इमरजेंसी, ओपीडी में नवजात और छोटे बच्चों सहित प्रौढ़ इलाज के लिए आते हैं। उनके साथ परिजन भी होते हैं। इसके अलावा बगल में ही पोस्टमॉर्टम हाउस भी है। वहां भी लोगों का आना होता है। डेढ़ हजार से अधिक लोगों का इस अस्पताल में प्रतिदिन आना होता है। इसके बावजूद इस कड़ाके की ठंड में बचाव का समुचित इंतजाम नहीं है। अस्पताल में लोग परिसर के काटे गए पेड़ों की टहनियां, कागज, टायर आदि जलाकर ठंड से बचाव कर रहे हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसके वर्मा का कहना है कि पीआईसीयू और एसएनसीयू में रूम हीटर जलवाया जा रहा है। अधिक हीटर जलाने पर सिटी स्कैन मशीन नहीं चल पाती है। सभी मरीजों को कंबल देने का निर्देश दिया गया है। अस्पताल में अलाव का प्रबंध प्रशासन को करना होता है।

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