मुख्यपृष्ठसमाचार`मामा' की सरकार में मरीजों का टूटा आसरा.... कोरोना का बढ़ा खतरा!

`मामा’ की सरकार में मरीजों का टूटा आसरा…. कोरोना का बढ़ा खतरा!

• जबलपुर में महिला की मौत
• इंदौर में ३५ फीसदी एक्टिव केस
सामना संवाददाता / भोपाल। जबलपुर में कोरोना संक्रमित ७७ साल की महिला की मौत दर्ज हुई है। एक महीने बाद प्रदेश में कोरोना से मौत का यह दूसरा मामला है। इससे पहले मंदसौर में एक व्यक्ति की मौत हुई थी। फिलहाल प्रदेश में एक्टिव केस की संख्या ७० पार पहुंच गई है, इनमें ३५ फीसदी एक्टिव केस इंदौर में हैं। पड़ोसी राज्यों में कोरोना के नए वैरिएंट के केसेस मिलने के बाद स्वास्थ्य महकमा पहले ही अलर्ट जारी कर चुका है। बढ़ते खतरे को देखते हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा-शिक्षा विभाग के अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की।
चौथी लहर की बनी आशंका
जनवरी में कोरोना की तीसरी लहर गुजरने के बाद एमपी सरकार ने कोरोना के सभी प्रतिबंध हटा दिए थे। कोरोना का खतरा कम होने के बाद लोगों ने भी मास्क पहनना बंद कर दिया है। प्रदेश में कोरोना की डेली टेस्टिंग क्षमता १.२४ लाख है, लेकिन अब रोजाना सिर्फ ५-६ हजार लोगों की जांच हो रही है। संक्रमण कम होने के बाद से वैक्सीनेशन कराने वालों का आंकड़ा भी लगातार कम होता जा रहा है।
एंट्री पॉइंट्स पर नहीं हो रही जांच
स्वास्थ्य महकमा भले ही कोरोना के नए वैरिएंट को लेकर अलर्ट जारी कर चुका है, लेकिन गुजरात सहित कई पड़ोसी राज्यों में नए वैरिएंट के मरीज मिलने के बाद भी कहीं पर भी रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, एयरपोर्ट जैसे एंट्री पॉइंट्स पर कोरोना की सैंपलिंग नहीं हो रही है।

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