मुख्यपृष्ठनए समाचारमोनो रेल के काम से लोग परेशान, शहर की बिगड़ी सूरत!

मोनो रेल के काम से लोग परेशान, शहर की बिगड़ी सूरत!

मुंबई: अभिषेक कुमार पाठक 

हर दिन हो रहे हैं एक्सीडेंट, एमएमआरडीए नहीं बरत रहा एहतियात

अपने घाटे और कम फ्रीक्वेंसी की वजह से मोनो रेल पहले से ही शहर में खबरों का विषय बनी हुई है। अब उसके निर्माण कार्यों से लोग परेशान नजर आ रहे हैं। बीते कुछ दिनों से मुंबई मोनो रेल चर्चा का विषय बनी हुई है। जहां एक ओर टेक्निकल काम के चलते ४ दिनों के लिए दोपहर २:०० बजे तक मोनो बंद थी और २ बजे के बाद १ घंटे के अंतराल पर चलाई जा रही थी तो वहीं दूसरी तरफ संत गाडगे महाराज स्टेशन के नीचे काम चल रहा है। काम चालु रखने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए हैं, लेकिन यह बैरिकेड्स वहां रहनेवाले स्थानीय और आने जानेवाले लोगों को परेशान कर रहे हैं। सड़क के मोड पर इन बैरिकेड्स के कारण कई दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। ये बैरिकेड्स लोगों की सुरक्षा तो दूर बल्कि उनके लिए एक बड़ा खतरा साबित हो रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार, लोगों का कहना है कि गाड़ी चलाते वक्त अंदाजा नहीं लगता है और गाड़ी टकरा जाती है। आसपास के स्थानीय दुकानदार भी परेशान हो गए हैं। वे कहते है कि हर दिन वहां छोटे-मोटे एक्सीडेंट के कारण लोगों के बीच बहस छिड़ी रहती है। सिर्फ बैरिकेड्स ही नहीं बल्कि यहां के गड्ढे भी एक्सीडेंट की वजह बने हुए हैं। वहां लगे बैरिकेड्स पर एमएमआरडीए और पीआरएस इंफ़्रा लिखा हुआ है।

घाटे में एमएमआरडीए की मोनो

बता दें कि मुंबई की मोनो रेल मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) द्वारा संचालित की जाती है। हर साल इसे चलाने के लिए एमएमआरडीए को भारी नुकसान का सामना करना पड़ता है। गौर करनेवाली बात यह है कि बैरिकेड्स स्टेशन की सीमा से कई मीटर आगे तक लगाए गए हैं। इस वजह से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस काम के बारे में एमएमआरडीए से सवाल किए जाने पर किसी भी प्रकार का जवाब नहीं मिल पाया है।

बढ़ रही है गंदगी

इन बैरिकेड्स पर लोग पान और गुटखा थूक कर गंदगी फैला रहे हैं। साथ ही बैरिकेड्स के अंदर कचरा भी फेंका जा रहा है। इन कचरों में प्लास्टिक चिप्स के पैकेट, पानी की बोतल, कूड़ा जैसी चीजें फेंक रहे हैं। इस वजह से गंदगी बढ़ती ही जा रही है।

महालक्ष्मी रेलवे स्टेशन से मोनो को ट्रैवलेटर से जोड़ने की योजना

बता दें कि मोनो रेल को और अन्य ट्रांसपोर्ट से जोड़ने के लिए कई उपाय और प्लानिंग की जा रही है। उसमें से एक है ट्रैवलेटर, यह ट्रैवलेटर पश्चिम रेलवे पर महालक्ष्मी रेलवे स्टेशन को संत गाडगे महाराजा चौक मोनो रेल स्टेशन से जोड़ा जाएगा। ये पूरी तरह से एलिवेटेड कॉरिडोर का टर्मिनल स्टेशन है। वर्तमान में ट्रैवलेटर केवल एयर पोर्ट के अंदर स्थापित होते हैं, जो एयर ट्रैवलर्स के लिए सुविधाजनक होते हैं और सामान भी ले जाते हैं। लेकिन मोनो रेल को महालक्ष्मी स्टेशन और अपकमिंग मेट्रो ३ अंडरग्राउंड स्टेशन तक बनाए जाने की योजना बनाई गई थी। हालांकि, यह काम ट्रैवलेटर के लिए किया जा रहा है या नहीं, इस बात की भी पुष्टि एमएमआरडीए द्वारा नहीं की गई है।

हर दिन यहां पर कई गाड़ियां एक-दूसरे से टकरा जाती हैं, क्योंकि यह बैरिकेड्स अजीब तरीके से लगाए गए हैं। स्टेशन काफी पीछे हैं, लेकिन मेरे दुकान के सामने तक बैरिकेड्स लगाए गए हैं। लोगों को गाड़ी चलाते समय अंदाज नहीं मिलता और वह एक दूसरे से भिड़ जाते हैं। -सुशील गुप्ता, दुकानदार

हम लोग रास्ते पर दुकान लगाते हैं, लेकिन अब यहां दुकान लगाना थोड़ा मुश्किल हो गया है। सामने हर दिन कोई न कोई गाड़ी एक दूसरे से टकरा जाती है। या फिर छोटे-मोटे एक्सीडेंट हो जाते हैं। लोग बहस करना शुरू कर देते हैं। इस वजह से हमें दुकान चलाने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। -दिलीप चौरसिया, दुकानदार

हमारा सवाल सिर्फ इतना है कि हमें यह तक नहीं बताया गया है कि यह काम किस चीज का चल रहा है। हमने यहां पर कोई भी काम होते नहीं देखा है। बस बैरिकेड्स लगा दिए गए हैं पर काम कुछ भी नहीं किया जा रहा है। –अजय बिन, दुकानदार

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