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ठाणे में रहने वाले लोगों की आंखों को ‘आई फ्लू’ का खतरा! …प्रतिदिन मिल रहे ३०० से अधिक मरीज

• एक बार में डॉक्टरों के पास आते हैं १० मरीज

सामना संवाददाता / ठाणे
इस साल बरसात के मौसम में नेत्र रोग काफी हद तक बढ़ गया है। निजी क्लीनिकों व सरकारी अस्पतालों में प्रतिदिन ३०० से अधिक मरीज आ रहे हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, निजी अस्पतालों में एक साथ में कम से कम १० मरीज आई फ्लू के इलाज के लिए आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ठाणे जिले में अब तक तीन हजार से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। आई फ्लू से संक्रमित ठाणे के लोग एक दूसरे की आंखों को देखकर तुम्हारी आंखों को क्या हुआ? ऐसा सवाल कर रहे हैं।
संक्रमित मरीजों से फैल रही बीमारी
बता दें कि बरसात के मौसम में सबसे ज्यादा फैलने वाली बीमारी आई फ्लू है, जिसे पिंक आई भी कहा जाता है। फिलहाल ठाणे जिले में यह बीमारी काफी तेजी से बढ़ रही है। यहां तक ​​कि जुलाई महीने के अंतिम सप्ताह और अगस्त के दो सप्ताह में इस बीमारी का संक्रमण काफी अधिक बढ़ गया है। डॉक्टरों का कहना है कि इस सप्ताह से मरीजों की संख्या धीरे-धीरे कम हो रही है। लेकिन संक्रमित मरीजों के बाहर घूमने से यह बीमारी पैâल रही है।
हो सकता है बुखार
जनरल फिजिशियन डॉ. गजानन थोरात ने बताया कि आंखों में संक्रमण के कारण बुखार भी संभव है। पिछले सप्ताह प्रतिदिन आठ से दस मरीज आते दिखे। जुलाई से अगस्त माह में काफी अधिक मरीज मिले हैं। पिछले दो-तीन दिनों में कुछ मरीज कम हुए हैं। यह संक्रमण सभी आयु समूहों में होता है।
आई फ्लू के लक्षण
आंखों में अधिक पानी आने से आंखों में खुजली, आंखों का सफेद भाग लाल हो जाना, ज्यादा रोशनी सहन न होना, आंखों से पीला स्राव, आंखों में सूजन हो जाती है।

बरतें सावधानी
नेत्र रोग विशेषज्ञ प्रसन्न कुमार देशमुख ने बताया कि आंखों में संक्रमण की बढ़ती घटनाओं का वैज्ञानिक कारण अभी तक ज्ञात नहीं है, लेकिन बीमारी में स्वच्छता और सुरक्षित दूरी महत्वपूर्ण है। मक्खियां संक्रमण पैâलाती हैं। इसलिए ऐसी जगहों से दूर रहें। अगर आंखोेंं में कोई समस्या है तो भीड़-भाड़ वाली जगहों पर न जाएं। बच्चों को आई फ्लू होने पर उन्हें स्कूल न भेजें।

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