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जनता बनाम सरकार!, भाजपाई तड़ीपार … पांचवें चरण के मतदान से सत्ताधारियों में बढ़ी घबराहट

 महाराष्ट्र समेत देशभर में दिखी सरकार विरोधी लहर
सामना संवाददाता / मुंबई
लोकसभा चुनाव २०२४ के पांचवें चरण के मतदान के बाद सत्ताधारी दल के खेमे में घबराहट की स्थिति साफ दिख रही है। मतदान के रुझान और जनता के मूड को देखते हुए यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि सरकार विरोधी लहर ने जोर पकड़ लिया है। महाराष्ट्र समेत देश के विभिन्न हिस्सों में चुनाव प्रचार और जनता की प्रतिक्रिया से यह जाहिर हो रहा है कि मौजूदा सरकार के खिलाफ नाराजगी बढ़ रही है। महाराष्ट्र में मतदाताओं की रुख से सत्ताधारियों को हार की संभावना दिखने लगी है। नतीजन सत्ताधारियों की घबराहट तेज हो गई है। जनता बनाम मोदी सरकार की इस लड़ाई में जनता ने भाजपा को तड़ीपार करने का पैâसला किया है।
महाराष्ट्र राजनीतिक दृष्टिकोण से हमेशा ही महत्वपूर्ण रहा है, इस बार के चुनावों में भी खासा चर्चा में रहा। इस चुनाव में केंद्र की मोदी सरकार की नाकामियां और राज्य में कृषि संकट, बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दे प्रमुखता से उभर कर सामने आए हैं, जो सरकार के खिलाफ जनाक्रोश का कारण बने हुए हैं। भ्रष्टाचार मिटाने का वादा करके सत्ता में आने वाली भाजपा सरकार भ्रष्टाचारियों की संरक्षक बन गई है। देशभर से तमाम भ्रष्टाचारियों को भाजपा में शामिल कर उनका संरक्षण कर रही है। वहीं काले धन और जनता को महंगाई से बड़ी राहत देने का वादा करने वाली यह सरकार अपने वादे पर बुरी तरह फेल हो गई है। राज्य में सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ मजबूत विरोधी लहर देखी जा रही है, जिससे सत्ताधारी दल की चिंता और बढ़ गई है।
इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से किसानों के बीच गहरी नाराजगी है। पिछले कुछ वर्षों में बार-बार सूखे की मार झेल रहे किसान फसल बीमा योजना में खामियों और कर्ज माफी के वादों को पूरा न करने के कारण सरकार से नाराज हैं। कई क्षेत्रों में किसानों ने मतदान के माध्यम से अपने असंतोष को प्रकट किया है, कई ठिकानों पर किसानों ने खुले तौर पर नाराजगी प्रकट की है। शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी और नौकरी के अवसरों की कमी एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी और शिक्षा के बाद भी रोजगार न मिलने से असंतोष व्याप्त है। आईटी हब पुणे और मुंबई जैसे शहरों में बेरोजगार युवाओं ने सत्ताधारी दल के खिलाफ अपना विरोध जताया है।

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