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खतरनाक हो सकता है पालतू जानवरों से प्यार! …बैक्टीरिया कम कर सकती है एंटीबायोटिक दवाओं का असर

क्लीनिकल माइक्रोबायोलॉजी और इंफेक्शियश डिजीज के रिसर्च में हुआ खुलासा

एजेंसी / नई दिल्ली
आमतौर पर घरों में कुत्तें, बिल्लियां आदि को पाला जाता है। लोग इन पालतू जानवरों से इतना घुल-मिल जाते हैं कि उनको गोद में उठाना, चूमना एवं साथ में सुलाते भी हैं। इन जानवरों से इंसानों में कई तरह के बैक्टीरिया प्रवेश कर सकते हैं। यह रिसर्च क्लीनिकल माइक्रोबायोलॉजी और इंफेक्शियश डिजीज में प्रकाशित की गई है। इसमें कहा गया है कि इंसानों के शरीर में पैâलने वाले ये बैक्टीरिया एंटीबायोटिक दवाओं के असर को भी कम कर सकते हैं। हालांकि, रिसर्च में यह भी कहा गया है कि पालतू जानवरों से इंसान को कोई खतरनाक बीमारी नहीं होती है।
इस रिसर्च में वैज्ञानिकों ने अस्पताल में भर्ती मरीजों में एक सुपरबग की पहचान की है। चैरीट यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में साल २०२१ से लेकर २००२ तक भर्ती हुए करीब ३ हजार मरीजों के सैंपल लिए गए थे। ये सभी लोग पालतू जानवरों से संक्रमित हुए थे। इन सभी मरीजों में एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस पैâलाने वाले बैक्टीरिया की पहचान हुई थी, यानी जानवरों से इंसानों में मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट ऑर्गेनिज्म का प्रसार होने का खतरा है। इस वजह से इंसानों में किसी भी दवा के खिलाफ रेजिस्टेंश की स्थिति बन सकती है। इससे उन पर कुछ दवाओं का असर होना मुश्किल है, जिससे कोई बीमारी इंसानों में बढ़ सकती है। जानवरों के नजदीकी संपर्क में आने से ये जीवाणु उनसे इंसानों में ट्रांसफर हो सकते हैं।
अधिक रिसर्च की जरूरत
पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के डॉ. एनआर रावत बताते हैं कि ऐसी किसी एक रिसर्च के आधार पर अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी हो सकता है। एंटीबायोटिक रजिस्टेंस के मामले दवाओं के अधिक सेवन से देखने को मिलते हैं, लेकिन जानवरों से ऐसे संक्रमण का खतरा ब़ड़े पैमाने पर कहीं नहीं है। ऐसे में अभी इस तरह की रिसर्च को व्यापक तौर पर करने की जरूरत है। हालांकि, अगर आपके पालतू जानवर को बीमारी है तो उसका ट्रीटमेंट जरूर कराएं।

स्किन को छूने से बचना चाहिए
पालतू जानवरों से इंसानों में रिंगवर्म जैसी बीमारियों का खतरा हो सकता है। यह एक फंगस वाली बीमारी है। इससे स्किन पर खुजली, या दाने निकलने की समस्या हो सकती है। हालांकि, ऐसा संक्रमण बीमार जानवरों से ही होता है। ऐसे में अगर आपका पालतू जानवर बीमार है तो उसकी स्किन को छूने से बचना चाहिए। ऐसे मामलों में जानवरों का ट्रीटमेंट कराएं। इस मामले में लापरवाही न करें।

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