मुख्यपृष्ठसमाचारफाइजर हुआ फेल! परीक्षण में शामिल ४० फीसदी महिलाओं का हुआ गर्भपात

फाइजर हुआ फेल! परीक्षण में शामिल ४० फीसदी महिलाओं का हुआ गर्भपात

  • कोर्ट के आदेश पर हाल ही में जारी किए गए दस्तावेज

सामना संवाददाता / मुंबई
हिंदुस्थान में फाइजर को आयात करने के मंसूबों पर पानी फिर गया है। हाल ही में जारी अदालत द्वारा आदेशित दस्तावेजों से पता चला है कि फाइजर के एमआरएनए कोविड वैक्सीन के परीक्षण में भाग लेनेवाली ४० प्रतिशत से अधिक गर्भवती महिलाओं का गर्भपात हुआ है।
दस्तावेजों के विश्लेषण के अनुसार फाइजर के परीक्षण में शामिल ५० में से २२ गर्भवती महिलाओं ने अपने बच्चों को खो दिया। नारीवादी लेखिका और पत्रकार डॉ. नेओमी वुल्फ ने स्टीव बैनन के वॉर रूम पॉडकास्ट पर इस बात का खुलासा किया। वुल्फ की वेबसाइट के माध्मय से फाइजर के दस्तावेजों का अनुसंधान और विश्लेषण करनेवाले समूह का नेतृत्व करता है। पॉडकास्ट के दौरान वुल्फ ने कहा कि गर्भपात का संकेत देनेवाली प्रतिकूल  रिपोर्ट १३ मार्च, २०२१ को आई थी। वह रिपोर्ट खाद्य एवं औषधि प्रशासन को १ अप्रैल, २०२१ को प्राप्त हुई थी। सच्चाई जानने के बावजूद चुप रहने के लिए वुल्फ ने एफडीए पर निशाना साधा है। वुल्फ ने कहा कि इसके अलावा एफडीए को अप्रैल २०२१ की शुरुआत तक मरीजों की मृत्यु की बढ़ी हुई दर के बारे में पता था, फिर भी वह चुप रहा। वुल्फ ने आगे बताया कि फाइजर परीक्षण से बाहर आया डेटा दुनिया भर में बड़े पैमाने पर गर्भपात में वृद्धि से संबंधित है।

अन्य समाचार