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इंसान के सीने में धड़का सूअर का दिल … हो गई मौत!

 सप्ताह तक ही मरीज रहा जीवित
एजेंसी / वॉशिंगटन
दुनिया का दूसरा शख्स जिसने अपने सीने में सूअर का दिल लगवाया, उसकी भी मौत हो गई। यह काफी प्रायोगिक सर्जरी थी, जिसके लगभग ६ सप्ताह बाद व्यक्ति का दिल धड़कना बंद हो गया। इस सर्जरी को अमेरिका के मैरीलैंड में २० सितंबर को किया गया था।
मैरीलैंड के डॉक्टरों ने मंगलवार को यह जानकारी दी कि दुनिया का दूसरा शख्स, जिसको बचाने के लिए सूअर का दिल लगाया गया था, उसकी ३० अक्टूबर को मौत हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, यह सर्जरी ५८ वर्षीय लॉरेंस फॉसेट पर की गई थी। सूअर का दिल लगाने के बाद उनका अंग ठीक तरीके से काम कर रहा था। अक्टूबर के मध्य में अस्पताल ने जानकारी दी थी कि फॉसेट स्वस्थ हो गए हैं। वह अब खुद खड़े हो पा रहे हैं। वह परिवार के साथ समय बिता रहे थे, लेकिन बाद में सब-कुछ गड़बड़ होने लगा। यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड स्कूल ऑफ मेडिसिन के अनुसार, हाल के दिनों में फौसेट के शरीर में कई लक्षण दिखाई देने लगे थे, जो सर्जरी की वजह से हो रहे थे। अस्पताल द्वारा जारी एक बयान में फॉसेट की पत्नी ने कहा कि उनके पति जानते थे कि हमारे साथ उनका समय कम था और यह उनका आखिरी पल था। उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह इतने लंबे समय तक जीवित रहेंगे।
बता दें कि ७ जनवरी, २०२२ को इंसान में दुनिया का पहला सूअर के हार्ट को ट्रांसप्लांट किया गया था। उसे भी मैरीलैंड की डॉक्टरों की टीम द्वारा ही किया गया था। मरीज का नाम डेविड बेनेट था, जो सुअर के दिल को ट्रांसप्लांट करवाने के बाद २ महीनों तक जीवित रहा। ८ मार्च, २०२२ को उसकी मृत्यु हो गई थी। ये सर्जरी भी यूनिवर्सिटी ऑफ मैरीलैंड मेडिकल सेंटर में हुई थी। बेनेट के लिए सुअर का हार्ट बहुत जरूरी था, उन्हें एक टर्मिनल हार्ट डिजीज की दिक्कत थी। इसलिए उनमें इंसान का दिल नहीं लगाया जा सकता था। कार्डियक जेनोट्रांसप्लांट प्रमुख डॉ. मुहम्मद मोहिउद्दीन ने कहा कि टीम सूअर के अंगों का अध्ययन जारी रखते हुए विश्लेषण करेगी कि दिल के साथ क्या हुआ? कई वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि जेनोट्रांसप्लांट एक दिन मानव अंग दान की भारी कमी की भरपाई कर सकते हैं।

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