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पांच घरों में पुलिस का तांडव, घरेलू सामान तोड़ लाखों के गहने उठा ले जाने का आरोप

सामना संवाददाता / जौनपुर

खुटहन पटैला गांव के अल्पसंख्यक बस्ती में बुधवार की भोर चार दर्जन से अधिक की संख्या में पहुंचे पुलिस के जवानों ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। घर में रखा फ्रीज, कूलर, एसी, पंखे, आलमारी व अन्य गृहस्थी के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तोड़ कर फेंक दिए। घर के सामने खड़ी बीएमडब्ल्यू कार, स्कार्पियो व आठ बाइकें क्षतिग्रस्त कर दीं। आरोप है कि सभी घरों की आलमारी में रखे लगभग तीस लाख के गहने पुलिस उठा ले गयी। पुलिस ने दिव्यांग की ट्राईसाइकिल भी नहीं छोड़ा। जिसको लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। मौके पर पहुंचे पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर न्याय दिलाने का भरोसा दिया।
गांव निवासी जिलापंचायत सदस्य श्रीमती अकीला का आरोप है कि भोर में लगभग दो बजे के आस-पास पचास से साठ की संख्या में उनके घर पहुंचे पुलिस के जवानों ने घर का दरवाजा व खिड़की तोड़ भीतर घुस गए। कुछ सिपाही घर के सामने नीम के पेड़ से छत तक पहुंच गए। सबसे पहले सीसी टीवी का कैमरा और मशीन तोड़ दिए। आरोप है कि किसी से कोई बात न कर सिर्फ गालियां बकते हुए घरेलू सामान तोड़-फोड़ कर फेंकने लगे। इसी तरह पड़ोस के ओलमा कौंसिल के प्रदेश उपाध्यक्ष शहाबुद्दीन, शाह मोहम्मद, कमालुद्दीन और अमजद के घरों में भी तोड़-फोड़ की गई। घर के सामने खड़े वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। भयभीत होकर घर के सभी पुरुष दूर भागने लगे। यह भी आरोप है कि सबके घरों की आलमारियों में रखे लगभग तीस लाख से अधिक कीमत के गहने भी पुलिस उठा ले गई। बगैर महिला कांस्टेबल के घर में घुसी पुलिस ने महिलाओं के हाथ से मोबाइल भी छीन लिए जाने का भी आरोप लगाया है। दिव्यांग शाहनवाज ने बताया कि उसकी ट्राई-साइकिल भी पुलिस वालों ने तोड़ दी। मौके पर पहुंचे सांसद ने उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक अरविंद सिंह ने बताया कि थाने से पटैला गांव में कोई पुलिसकर्मी नहीं गया है। वे आपस में लड़ाई-झगड़ा कर तोड़-फोड़ किए हैं।

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