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‘राज’नीति : नहीं मिला मंत्री का दर्जा

रमेश सर्राफ धमोरा
झुंझुनू

राजस्थान मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष सहित कई बोर्ड के अध्यक्ष व उपाध्यक्षों को नियुक्त तो कर दिया गया लेकिन उन्हें अभी तक मंत्री का दर्जा नहीं दिया गया है। मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष एमडी चोपदार सहित अन्य कई बोर्ड व निगमों के करीबन दो दर्जन अध्यक्ष व उपाध्यक्ष ऐसे हैं, जिन्हें अभी तक राजस्थान सरकार से मंत्री पद का दर्जा नहीं मिल पाया है। उन्होंने कई बार मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से गुहार भी लगाई। मगर उस पर कोई एक्शन नहीं हुआ। मंत्री का दर्जा नहीं मिलने से इनको न तो सरकारी गाड़ी की सुविधा मिली और न ही सर्किट हाउस में रियायती दर पर ठहरने की सुविधा मिलती है। पिछले दिनों इनमें से कई लोगों ने अपना दुख साझा करते हुए कहा था कि उन्हें गाड़ियों का पूरा खर्चा यहां तक की टोल भी अपनी जेब से चुकाना पड़ता है। चर्चा है जो लोग गहलोत की मर्जी से नियुक्त नहीं हुए थे उन्हें अधर में लटका दिया गया।

वसुंधरा आउट
भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को फिर पार्टी आलाकमान द्वारा झटका दिया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चित्तौड़गढ़ में संपन्न हुई सभा में उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया गया था। हालांकि, उन्हें प्रधानमंत्री के बराबर वाली सीट पर बैठाया गया था। लेकिन उनका भाषण नहीं होने से उनके समर्थक निराश हो रहें हैं। भाजपा द्वारा प्रदेश में चलाई गई चार अलग-अलग परिवर्तन संकल्प यात्राओं के प्रारंभ में तो वसुंधरा राजे बड़े नेताओं की उपस्थिति में शामिल हो गई थीं। मगर बाद में उन्होंने यात्राओं से दूरी बना ली थी। वसुंधरा की गैर मौजूदगी में ही प्रदेश में भाजपा की चारों संकल्प यात्राएं संपन्न हुई थीं। प्रदेश में चर्चा है कि वसुंधरा को बता दिया गया है कि आगे चुनावों में उनकी भूमिका कम रहनेवाली है। हालांकि, केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल के विरोध के उपरांत भी उनके कहने से पार्टी आलाकमान ने पूर्व मंत्री देवीसिंह भाटी को पार्टी में शामिल करवा लिया है।

बनेगा कांग्रेस मुख्यालय
जयपुर में कांग्रेस का नया मुख्यालय बनने जा रहा है। मानसरोवर में द्रव्यवती रिवर फ्रंट के पास नया मुख्यालय भवन बनेगा। कांग्रेस मुख्यालय बनाने के लिए ६,००० वर्ग गज जमीन अलॉट की गई है। मुख्यालय की नींव राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे रख चुके हैं। इसके साथ ही इसके निर्माण का काम शुरू हो गया है। इस पर कुल ८० करोड़ रुपए की लागत आएगी। इसके लिए नेताओं और कार्यकर्ताओं से चंदे के रूप में आर्थिक सहयोग लिया जाएगा। मुख्यालय भवन के लिए किसी उद्योगपति से पैसा नहीं लिया जाएगा। कांग्रेस का नया मुख्यालय सभी सुविधाओं से लैस होगा। यहां अलग से पार्किंग, वैâफेटेरिया, लाइब्रेरी, कॉन्प्रâेंस हॉल, मीडिया रूम जैसी सुविधाएं होंगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत स्वयं कंग्रेस के नए मुख्यालय भवन के प्रोजेक्ट को मॉनिटर कर रहे हैं। कांग्रेस के नए मुख्यालय में कांग्रेस के साथ यूथ कांग्रेस एनएसयूआई, महिला कांग्रेस सेवा दल के मुख्यालय भी इसी नए भवन में होंगे। कंग्रेस के सभी प्रकोष्ठ, विभागों के दफ्तर एक जगह इसी मुख्यालय में होंगे।

भाजपा का मुस्लिम प्रेम
राजस्थान में भाजपा इस बार के विधानसभा चुनाव में अल्पसंख्यक समाज की भागीदारी बढ़ाने की तैयारी कर रही है। प्रदेश में तीन दर्जन मुस्लिम बहुल सीटों पर जीत की संभावना तलाशने के लिए मुस्लिम दावेदारों को लेकर सर्वे करवाया जा रहा है। २०१८ के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने २०० में से एकमात्र टोंक सीट से कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट के सामने पूर्व मंत्री युनूस खान को चुनाव लड़वाया था। टिकटों में मुस्लिमों की भागीदारी बढ़ने की चर्चा से अल्पसंख्यक समाज के नेताओं की प्रदेश से लेकर दिल्ली तक दौड़ तेज हो गई है। पार्टी के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष से लेकर प्रदेश भाजपा प्रभारी अरुण सिंह, प्रदेश चुनाव प्रभारी प्रह्लाद जोशी समेत केंद्रीय नेताओं तक अल्पसंख्यक नेताओं ने अपनी दावेदारी पेश की है। राजस्थान अल्पसंख्यक मोर्चा के मौजूदा अध्यक्ष समेत पूर्व में अध्यक्ष रहे चार नेताओं ने अलग-अलग सीटों पर अपनी दावेदारी जताई है। भाजपा मुसलमानों को टिकट देगी या नहीं इसका पता तो बाद में ही चलेगा।
(लेखक स्वतंत्र पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक हैं)

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