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‘राज’नीति  : डोटासरा का वार

रमेश सर्राफ धमोरा झुंझुनू

महेंद्रजीत सिंह मालवीय के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने दावा किया कि उनके जाने के बाद कांग्रेस को कोई नुकसान नहीं होगा। डोटासरा ने कहा कि मालवीय के जाने से पार्टी और मजबूत होगी, क्योंकि मालवीय पिछले कई सालों से पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त थे। पूर्व में उनकी कई बार शिकायतें आती थीं। डोटासरा ने कहा कि मालवीय का जनाधार अब खिसक गया है, क्योंकि उनकी पार्टी विरोधी गतिविधियों के बारे में सबको पता चल गया था। उनकी हरकतों के कारण ही कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में उन्हें ढाई साल तक मंत्री नहीं बनाया गया था। बाद में उन्होंने पार्टी आलाकमान से माफी मांगी और आश्वस्त किया था कि भविष्य में वे किसी भी तरह की पार्टी विरोधी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे। तब उन्हें गहलोत सरकार में मंत्री बनाया गया था। कांग्रेस के कारण ही मालवीय चार बार विधायक, सांसद, जिलाप्रमुख, अलग-अलग विभागों के मंत्री, सीडब्ल्यूसी सदस्य बने। उनकी पत्नी को जिलाप्रमुख बनाया गया।
चलेगी गहलोत की योजना
पूर्ववर्ती गहलोत सरकार की ओर से चिरंजीव स्वास्थ्य बीमा योजना शुरू की गई थी। इसमें २५ लाख रुपए तक का लोगों को फायदा देने की बात कही गई। राजस्थान में भाजपा की सरकार आने के बाद अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से अनुरोध किया था कि चिरंजीव स्वास्थ्य बीमा योजना को बंद नहीं किया जाए, क्योंकि यह योजना आम लोगों के लिए फायदेमंद है। भले ही इस योजना का नाम बदल दिया जाए। अब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गहलोत का अनुरोध स्वीकार करते हुए चिरंजीव स्वास्थ्य बीमा योजना का नाम बदलकर आयुष्मान आरोग्य योजना कर दिया है। इसको लेकर भजनलाल सरकार ने आदेश भी जारी कर दिए हैं। राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी की ओर से १९ फरवरी को एक सर्वुâलर जारी किया गया। इसमें बजट घोषणा २०२४-२५ की अनुपालना में प्रदेश में वर्तमान में संचालित स्वास्थ्य बीमा योजना का नाम मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना करने का निर्णय लिया गया है। अत: निर्णय का पालन करते हुए योजना का नाम मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना लिखवाया जाना सुनिश्चित करें।
अमित शाह की क्लास
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लोकसभा चुनाव की तैयारी को लेकर बीकानेर में भाजपा के पदाधिकारियों की बैठक ली थी। बैठक में अमित शाह ने चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर से बीकानेर, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा से हनुमानगढ़ श्रीगंगानगर और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत से चूरू लोकसभा क्षेत्र की तैयारी के बारे में सवाल पूछा। इस पर तीनों मंत्री शाह को संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर शाह भड़क गए और उन्होंने कहा कि मंत्री हो इसलिए समय नहीं दे पा रहे हो क्या? यह सुनते ही बैठक में मौजूद भाजपा के नेताओं में सन्नाटा पसर गया। नाराज होकर अमित शाह ने तीनों मंत्रियों को करीब ४० मिनट मीटिंग खत्म होने तक स्टेज पर खड़े रखा। बैठक के बाद अमित शाह ने जाते-जाते तीनों मंत्रियों को २९ फरवरी तक सारी रिपोर्ट उन्हें देने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने चुनाव की तैयारी को लेकर बीकानेर शहर अध्यक्ष विजय आचार्य और देहात अध्यक्ष जालम सिंह भाटी को भी जमकर लताड़ा।
कांग्रेसी बने निर्मल चौधरी
राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष निर्मल चौधरी कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई में शामिल हो गए हैं। निर्मल चौधरी के इस पैâसले पर पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने खुशी जाहिर की है। सचिन पायलट ने सोशल मीडिया पर तस्वीर भी शेयर की है। पायलट ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि निर्मल चौधरी छात्रों के अधिकारों की आवाज को बुलंद करेंगे। एनएसयूआई जॉइन करने के बाद निर्मल चैधरी ने भाजपा पर जमकर हमला किया। उन्होंने राहुल गांधी की तारीफ करते हुए लिखा कि एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी के नेतृत्व में शामिल हुआ हूं। ऐसे वक्त में जब देश के किसान और जवान की आवाज को सरकार दबा रही है, अग्निवीर जैसी छात्र-युवा विरोधी योजना लाकर सेना को बर्बाद कर रही है, तब राहुल गांधी भारत जोड़ो न्याय यात्रा में लगातार जवान और किसान के न्याय की बात कर रहे हैं। हम सब मिलकर लगातार छात्र-युवाओं की लड़ाई लड़ेंगे, संघर्ष करेंगे। निर्मल चौधरी २०२२ में एबीवीपी प्रत्याशी को हराकर छात्र संघ के अध्यक्ष बने थे।
(लेखक राजस्थान सरकार से मान्यता प्राप्त स्वतंत्र पत्रकार हैं।)

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