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चंडीगढ़ पर टकराव!… पंजाब में प्रस्ताव पास होने से गरमाई राजनीति

सामना संवाददाता / चंडीगढ़। चंडीगढ़ पर अधिकार को लेकर पंजाब और हरियाणा सरकार में टकराव बढ़ गया है। सीएम मनोहर लाल खट्‌टर ने हरियाणा विधानसभा का स्पेशल सत्र बुला लिया है, जिसमें चंडीगढ़ को लेकर प्रस्ताव पास किया जा सकता है। इस टकराव की शुरुआत पंजाब के सीएम भगवंत मान की अगुवाई वाली सरकार के विधानसभा में प्रस्ताव पास करने से हुई। जिसमें मान सरकार ने केंद्र से चंडीगढ़ पूर्ण तौर पर पंजाब को देने के लिए कहा है।
कैबिनेट मीटिंग का बाद फैसला
पंजाब विधानसभा में चंडीगढ़ पर अधिकार का प्रस्ताव पास होने के बाद मनोहर सरकार पर दबाव बढ़ गया था। इस प्रस्ताव के विरोध में सभी पार्टियां विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग कर रही थी। जिसके बाद सीएम निवास पर वैâबिनेट मीटिंग होने के बाद स्पेशल सेशन बुलाने का फैसला हुआ।
सीएम मान के पैâसला एकतरफा
हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्‌टर पंजाब के सीएम भगवंत मान के पैâसले को एकतरफा करार दे चुके हैं। उनका कहना है कि हर मुद्दे का हल बातचीत से निकाला जा सकता है। इस तरह एकतरफा पैâसला लेना निंदनीय है। अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान को हरियाणा से माफी मांगनी चाहिए। ऐसे पैâसलों की लोकतंत्र में कोई जगह नहीं है। उनका कहना है कि चंडीगढ़ पंजाब और हरियाणा की संयुक्त राजधानी है और बनी रहेगी। इसके अलावा भी कई मुद्दे हैं, जिन पर बातचीत होनी चाहिए।
केंद्रीय नियम के बाद बढ़ा बवाल
चंडीगढ़ पर अधिकार को लेकर पंजाब और हरियाणा में अक्सर तकरार रही है। इस वक्त यह बवाल चंडीगढ़ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के बाद हुआ। शाह ने चंडीगढ़ के कर्मचारियों पर केंद्रीय सर्विस नियम लागू करने की घोषणा कर दी। अगले दिन इसका नोटिफिकेशन भी हो गया। जिसके बाद पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार ने स्पेशल सेशन बुलाकर विधानसभा में प्रस्ताव पास कर दिया।

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